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नीट पेपर लीक पर JDU का बचाव: संजय कुमार झा बोले — सरकार ने तुरंत रद्द कर दोबारा कराई परीक्षा

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नीट पेपर लीक पर JDU का बचाव: संजय कुमार झा बोले — सरकार ने तुरंत रद्द कर दोबारा कराई परीक्षा

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद पर JDU सांसद संजय कुमार झा ने सरकार का बचाव किया — कहा, खामी सामने आते ही परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई गई। पटना में JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने SIT गठन की पुष्टि की और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्य बातें

JDU सांसद संजय कुमार झा ने 20 जुलाई को कहा कि नीट पेपर लीक उजागर होते ही सरकार ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई।
बिहार में संदिग्धों के नाम सामने आए और उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई, यह झा ने स्वीकार किया।
JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पुष्टि की कि नीट मामले की जाँच के लिए SIT का गठन हो चुका है।
झा ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया और विपक्ष से मानसून सत्र सुचारु चलाने की अपील की।
सरकार ने भविष्य में परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया।

जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय कुमार झा ने 20 जुलाई को कहा कि नीट पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने न केवल परीक्षा रद्द की, बल्कि बेहतर व्यवस्था के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच JDU नेताओं ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कदमों का हवाला दिया।

सरकार की कार्रवाई का बचाव

झा ने कहा, 'जब नीट पेपर लीक का मामला सामने आया, सरकार ने परीक्षा रद्द कर दोबारा इसे बेहतर व्यवस्था के साथ आयोजित कराया।' उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यवस्था में खामियाँ हो सकती हैं, लेकिन दोषियों को पकड़ना और उनके विरुद्ध कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। बिहार में भी कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए और उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई, यह उन्होंने स्वीकार किया।

जाँच और एसआईटी का गठन

पटना में JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि नीट मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी, लेकिन अब तक की प्रक्रिया से यह स्पष्ट है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रसाद ने राम मंदिर दान राशि से जुड़े कथित मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार और संबंधित संस्थाओं ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है।

विरोध प्रदर्शन पर JDU का रुख

झा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से मुद्दों को उठाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से संसद के मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलने देने की अपील की और कहा कि किसी भी मुद्दे पर चर्चा सदन के भीतर होनी चाहिए, न कि पूरे सदन को बाधित करके।

ऊर्जा नीति और वैश्विक संकट

झा ने पश्चिम एशिया संकट और ईरान युद्ध का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की ऊर्जा नीतियों की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट के बावजूद भारत में एलपीजी और ईंधन की स्थिति को नियंत्रित रखा गया है और सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाए हैं।

आगे की राह

JDU सांसद ने कहा कि सरकार भविष्य में परीक्षाओं को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठा रही है। SIT की जाँच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि नीट विवाद में दोष कहाँ था और व्यवस्थागत सुधार किस दिशा में होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पेपर लीक की जड़ें कहाँ तक फैली हैं और क्या व्यवस्थागत सुधार केवल घोषणाओं तक सीमित रहेंगे। विपक्ष के विरोध को 'राजनीतिक' कहकर खारिज करना उन छात्रों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ करना है जिन्होंने वर्षों की मेहनत दाँव पर लगाई थी। जब तक SIT की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और दोषियों को सज़ा नहीं मिलती, सरकारी आश्वासन केवल शब्द ही रहेंगे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक विवाद में सरकार ने क्या कार्रवाई की?
सरकार ने पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा बेहतर व्यवस्था के साथ आयोजित कराई। इसके साथ ही जाँच के लिए SIT का गठन किया गया और बिहार सहित अन्य राज्यों में संदिग्धों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
नीट मामले में SIT क्या है और इसका काम क्या है?
SIT यानी विशेष जाँच दल — नीट पेपर लीक की गहन जाँच के लिए गठित विशेष इकाई है। JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार, जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
जंतर-मंतर पर नीट विरोध प्रदर्शन को लेकर JDU का क्या कहना है?
JDU सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से मुद्दों को उठाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से संसद के मानसून सत्र में चर्चा सदन के भीतर करने की अपील की।
नीट विवाद में बिहार की क्या भूमिका रही?
JDU सांसद झा ने स्वीकार किया कि बिहार में भी कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए थे और उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है। बिहार पुलिस ने इस मामले में जाँच की है।
भविष्य में नीट जैसी परीक्षाओं को कैसे सुरक्षित बनाया जाएगा?
JDU सांसद संजय कुमार झा के अनुसार, सरकार परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठा रही है। हालाँकि, इन कदमों का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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