संजय झा का कांग्रेस-राजद पर तीखा हमला: 'विपक्ष के नेता पार्ट टाइम राजनेता, जनता से कोई सरोकार नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 25 जुलाई को पटना में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर जनता के बीच भ्रामक सूचनाएँ फैलाने का सीधा आरोप लगाया। झा ने कहा कि दिल्ली में बैठे विपक्षी नेता और बिहार में राजद के प्रतिनिधि 'पार्ट टाइम राजनेता' हैं, जो केवल राजनीतिक अवसरों पर मैदान में उतरते हैं।
मुख्य आरोप: जनता से कटे हुए हैं विपक्षी नेता
संजय झा ने कहा कि जब भी कोई आपदा या गंभीर संकट आता है, तब विपक्ष के नेता केवल औपचारिकता निभाने के लिए सामने आते हैं। उनके अनुसार, इन नेताओं की जनता की समस्याओं के प्रति कोई वास्तविक प्रतिबद्धता नहीं है। उन्होंने कहा, 'जनता को ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो हर समय लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करें।'
लोकतंत्र खतरे के दावे पर पलटवार
कांग्रेस द्वारा लोकतंत्र और संविधान को खतरे में बताए जाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए झा ने कहा कि लोकतंत्र पर वास्तविक खतरा कांग्रेस के शासनकाल में था। उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से जनादेश के आधार पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं और वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं। झा ने कहा कि ऐसे में लोकतंत्र खतरे में होने का दावा 'पूरी तरह निराधार' है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार झूठ फैलाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।
नीट विवाद पर स्वीकारोक्ति और सरकार का पक्ष
नीट परीक्षा विवाद पर झा ने माना कि पेपर लीक की घटना गंभीर थी और इससे देशभर के छात्रों एवं अभिभावकों की भावनाएँ आहत हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया और सभी संबंधित पहलुओं पर कार्रवाई शुरू की गई। उनके अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह छात्रों से लगातार संवाद कर रहे हैं और सरकार संसद में नीट से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
पेपर लीक विरोधी विधेयक को मंजूरी
झा ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामलों में कठोर दंड का प्रावधान करने वाले विधेयक को मंजूरी दी है। यह विधेयक जल्द संसद में पारित होकर लागू किया जाएगा, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
दिलीप जायसवाल का समर्थन और अभिभावकों से अपील
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने परीक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाने की केंद्र सरकार की पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार किसी भी साजिश को विफल करने के लिए नए नियम और कानून लागू कर रही है। जायसवाल ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और सरकार, न्यायपालिका तथा समाज के सभी पक्षों के बीच संवाद के ज़रिए ऐसे संवेदनशील मुद्दों का समाधान निकाला जाए। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद को लेकर विपक्ष संसद में सरकार को घेरने की तैयारी में है।