25 जुलाई 2026
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संजय झा का कांग्रेस-राजद पर तीखा हमला: 'विपक्ष के नेता पार्ट टाइम राजनेता, जनता से कोई सरोकार नहीं'

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संजय झा का कांग्रेस-राजद पर तीखा हमला: 'विपक्ष के नेता पार्ट टाइम राजनेता, जनता से कोई सरोकार नहीं'

सारांश

JDU के संजय कुमार झा ने कांग्रेस और राजद को 'पार्ट टाइम राजनेता' करार देते हुए कहा कि विपक्ष केवल अवसरवादी राजनीति करता है। नीट विवाद पर पेपर लीक की गंभीरता स्वीकारते हुए उन्होंने केंद्र के पेपर लीक विरोधी विधेयक को परीक्षा प्रणाली सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मुख्य बातें

संजय कुमार झा (JDU) ने 25 जुलाई को पटना में कांग्रेस और राजद को 'पार्ट टाइम राजनेता' बताते हुए जनता से कटे होने का आरोप लगाया।
झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से जनादेश के आधार पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं; लोकतंत्र खतरे के दावे को 'निराधार' बताया।
नीट पेपर लीक को गंभीर घटना स्वीकार किया; कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह छात्रों से लगातार संवाद में हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी पर कठोर दंड के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दी; जल्द संसद में पेश होगा।
बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने केंद्र की परीक्षा सुधार पहल का समर्थन किया और अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद की अपील की।

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 25 जुलाई को पटना में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर जनता के बीच भ्रामक सूचनाएँ फैलाने का सीधा आरोप लगाया। झा ने कहा कि दिल्ली में बैठे विपक्षी नेता और बिहार में राजद के प्रतिनिधि 'पार्ट टाइम राजनेता' हैं, जो केवल राजनीतिक अवसरों पर मैदान में उतरते हैं।

मुख्य आरोप: जनता से कटे हुए हैं विपक्षी नेता

संजय झा ने कहा कि जब भी कोई आपदा या गंभीर संकट आता है, तब विपक्ष के नेता केवल औपचारिकता निभाने के लिए सामने आते हैं। उनके अनुसार, इन नेताओं की जनता की समस्याओं के प्रति कोई वास्तविक प्रतिबद्धता नहीं है। उन्होंने कहा, 'जनता को ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो हर समय लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करें।'

लोकतंत्र खतरे के दावे पर पलटवार

कांग्रेस द्वारा लोकतंत्र और संविधान को खतरे में बताए जाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए झा ने कहा कि लोकतंत्र पर वास्तविक खतरा कांग्रेस के शासनकाल में था। उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से जनादेश के आधार पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं और वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं। झा ने कहा कि ऐसे में लोकतंत्र खतरे में होने का दावा 'पूरी तरह निराधार' है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार झूठ फैलाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।

नीट विवाद पर स्वीकारोक्ति और सरकार का पक्ष

नीट परीक्षा विवाद पर झा ने माना कि पेपर लीक की घटना गंभीर थी और इससे देशभर के छात्रों एवं अभिभावकों की भावनाएँ आहत हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया और सभी संबंधित पहलुओं पर कार्रवाई शुरू की गई। उनके अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह छात्रों से लगातार संवाद कर रहे हैं और सरकार संसद में नीट से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।

पेपर लीक विरोधी विधेयक को मंजूरी

झा ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामलों में कठोर दंड का प्रावधान करने वाले विधेयक को मंजूरी दी है। यह विधेयक जल्द संसद में पारित होकर लागू किया जाएगा, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।

दिलीप जायसवाल का समर्थन और अभिभावकों से अपील

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने परीक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाने की केंद्र सरकार की पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार किसी भी साजिश को विफल करने के लिए नए नियम और कानून लागू कर रही है। जायसवाल ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और सरकार, न्यायपालिका तथा समाज के सभी पक्षों के बीच संवाद के ज़रिए ऐसे संवेदनशील मुद्दों का समाधान निकाला जाए। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद को लेकर विपक्ष संसद में सरकार को घेरने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल से ध्यान नहीं हटाता जो नीट विवाद ने खड़ा किया है — परीक्षा प्रणाली की संरचनात्मक खामियाँ। पेपर लीक विरोधी विधेयक की घोषणा सकारात्मक है, पर इसके क्रियान्वयन और स्वतंत्र निगरानी तंत्र का ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। गौरतलब है कि बिहार खुद परीक्षा गड़बड़ियों के मामले में विवादों से अछूता नहीं रहा है, जो JDU-BJP गठबंधन के इस आक्रामक बचाव को और जटिल बनाता है। विपक्ष पर निशाना साधना स्वाभाविक राजनीति है, लेकिन असली जवाबदेही तब बनेगी जब संसद में विधेयक की बारीकियाँ सार्वजनिक होंगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय झा ने कांग्रेस और राजद को 'पार्ट टाइम नेता' क्यों कहा?
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद के नेता केवल राजनीतिक अवसरों पर सक्रिय होते हैं और जनता की वास्तविक समस्याओं से दूर रहते हैं। उनके अनुसार, आपदा या संकट के समय ये नेता केवल औपचारिकता निभाने आते हैं, न कि ज़मीनी समाधान के लिए।
नीट पेपर लीक पर JDU का क्या रुख है?
संजय झा ने नीट पेपर लीक को गंभीर घटना स्वीकार किया और कहा कि इससे छात्रों व अभिभावकों की भावनाएँ आहत हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह छात्रों से लगातार संवाद कर रहे हैं।
पेपर लीक विरोधी विधेयक में क्या प्रावधान हैं?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में एक विधेयक को मंजूरी दी है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के दोषियों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करता है। यह विधेयक जल्द संसद में पेश होगा और इसके लागू होने से परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
लोकतंत्र खतरे में होने के कांग्रेस के दावे पर JDU का क्या जवाब है?
संजय झा ने कहा कि लोकतंत्र पर वास्तविक खतरा कांग्रेस के शासनकाल में था। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से जनादेश के आधार पर नेतृत्व कर रहे हैं और ऐसे में लोकतंत्र खतरे का दावा पूरी तरह निराधार है।
बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने क्या कहा?
दिलीप जायसवाल ने परीक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाने की केंद्र सरकार की पहल का समर्थन किया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और कहा कि सरकार, न्यायपालिका व समाज के सभी पक्षों के बीच संवाद से ही ऐसे संवेदनशील मुद्दों का समाधान संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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