तेजस्वी का मार्च सिर्फ राजनीतिक दिखावा — छात्र मुद्दे सुलझ चुके हैं: संजय झा
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद संजय झा ने 18 अगस्त 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। झा ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दे और कथित पेपर लीक का मामला अब सुलझ चुका है, और तेजस्वी यादव का मार्च केवल राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश है।
छात्र मुद्दों पर सरकार का पक्ष
संजय झा ने दावा किया कि केंद्र सरकार और बिहार सरकार दोनों ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर छात्रों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को भी समाप्त किया गया है। झा के अनुसार, परीक्षा हो चुकी है और परिणाम भी घोषित हो चुका है — ऐसे में आंदोलन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।
तेजस्वी यादव पर 'पार्ट-टाइम पॉलिटिक्स' का आरोप
जदयू नेता ने तेजस्वी यादव को 'पार्ट-टाइम राजनेता' करार देते हुए कहा कि जब छात्रों का यह मुद्दा सामने आया था, उस समय तेजस्वी यादव देश में भी मौजूद नहीं थे। झा ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव को छात्रों के पेपर लीक जैसे मुद्दों से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है और वह केवल अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मार्च निकाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी को अपनी पार्टी की आंतरिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि RJD बिखराव की कगार पर है।
सिवान AK-47 घटना पर प्रतिक्रिया
सिवान में AK-47 से गोली चलाने की घटना पर संजय झा ने कहा कि बिहार सरकार ने मामले में तत्काल कार्रवाई की है। घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को निलंबित किया जा चुका है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले राजनीति करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, किसी घटना का होना और उसके बाद सरकार की त्वरित कार्रवाई — दोनों को अलग-अलग देखा जाना चाहिए।
पेपर लीक पर जदयू का रुख
संजय झा ने स्पष्ट किया कि परीक्षाएँ पूरी तरह लीक-प्रूफ और फुलप्रूफ होनी चाहिए। उन्होंने माना कि सालभर मेहनत करने वाले छात्र के लिए पेपर लीक की खबर उसके और उसके परिवार के लिए बड़ा आघात होती है — इसलिए कोई भी इसका समर्थन नहीं कर सकता। रांची में छात्रों के साथ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा में धांधली होती है तो विरोध स्वाभाविक है, और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समाधान निकाले।
बिहार में विकास कार्यों का दावा
झा ने कहा कि NDA सरकार को मिले जनसमर्थन के आधार पर बिहार में निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में लगातार काम हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में पिछले 20-22 वर्षों में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली हुई है। उनके अनुसार, विपक्ष को यह विकास कार्य दिखाई नहीं देता, क्योंकि ये विषय कभी उनकी प्राथमिकताओं में नहीं रहे। संबंधित जांच के नतीजे आने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।