18 अगस्त 2026
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एके-47 फायरिंग का आदेश किसने दिया — तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से माँगा जवाब, 19 अगस्त को राजभवन मार्च

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एके-47 फायरिंग का आदेश किसने दिया — तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से माँगा जवाब, 19 अगस्त को राजभवन मार्च

सारांश

बिहार में छात्रों पर एके-47 से फायरिंग का मामला अब राजनीतिक तूफान बन चुका है। तेजस्वी यादव ने संसद में केंद्रीय मंत्री के बयान और सुप्रीम कोर्ट में सरकार के हलफनामे के बीच के विरोधाभास को उजागर करते हुए न्यायिक जाँच की माँग की और 19 अगस्त के राजभवन मार्च का बिगुल फूँका।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 18 अगस्त को पटना में प्रेस वार्ता कर बिहार सरकार से पूछा — एके-47 से छात्रों पर फायरिंग का आदेश किसने दिया।
सीवान के तीन छात्रों को गोली लगी; तेजस्वी उनसे मिल चुके हैं और पुलिस पर बेवजह फायरिंग का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का संसद में बयान (गोली नहीं चली) और सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार का हलफनामा (फायरिंग स्वीकार) — दोनों में विरोधाभास।
माँग: फायरिंग की न्यायिक जाँच , दोषी अधिकारियों का निलंबन, कमांड चेन की जाँच।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी समेत किसी वरिष्ठ नेता का घायल छात्रों से न मिलना विपक्ष के निशाने पर।
19 अगस्त को राजद कार्यालय से राजभवन तक शांतिपूर्ण मार्च; मार्च से पहले छात्र नेता सुदर्शन की कथित हिरासत का आरोप।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 18 अगस्त को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में बिहार सरकार से स्पष्ट जवाब माँगा कि छात्रों पर एके-47 से गोली चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक, बेरोज़गारी और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में 19 अगस्त को राजभवन मार्च निकाला जाएगा।

मुख्य आरोप और सवाल

तेजस्वी यादव ने कहा कि कई दिनों से सरकार और प्रशासन से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसके कहने पर दिया गया, लेकिन मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। उनका आरोप है कि पेपर लीक विरोधी आंदोलनों के दौरान कई स्थानों पर छात्रों पर लाठीचार्ज और फायरिंग हुई तथा सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि सीवान के तीन छात्रों को गोली लगी थी और वे स्वयं उनसे मुलाकात कर चुके हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने बिना उचित कारण के फायरिंग की।

संसद और सुप्रीम कोर्ट का विरोधाभास

तेजस्वी यादव ने एक अहम विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया — केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने संसद में कहा था कि गोली नहीं चलाई गई, जबकि सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार के हलफनामे में फायरिंग की बात स्वीकार की गई है। उन्होंने सरकार से इस विरोधाभास पर तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की माँग की।

जवाबदेही की माँग

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार पुलिस मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के अधीन आती है, लेकिन न तो मुख्यमंत्री और न ही गृह मंत्री सम्राट चौधरी घायल छात्रों से मिलने गए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल एक सिपाही को निलंबित कर मामले को दबाने की कोशिश की गई, जबकि एके-47 जैसे हथियार के आवंटन और उपयोग की पूरी कमांड चेन की जाँच होनी चाहिए।

उनकी प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं: फायरिंग की न्यायिक जाँच, दोषी अधिकारियों का निलंबन, कितने राउंड गोलियाँ चलीं और कितने कारतूस जारी किए गए — इसका सार्वजनिक खुलासा, भीड़ नियंत्रण में एके-47 के उपयोग की वैधता की समीक्षा, और संबंधित पुलिस अधीक्षक पर कार्रवाई।

पेपर लीक और बेरोज़गारी पर हमला

तेजस्वी यादव ने बिहार में लगातार हो रहे पेपर लीक को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैट्रिक, इंटर और बीपीएससी समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की शिकायतें सामने आती रही हैं, परंतु जिम्मेदारी कभी तय नहीं होती। उनका आरोप है कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और रोज़गार के वादे अधूरे हैं।

राजभवन मार्च और गिरफ्तारियों का आरोप

19 अगस्त का राजभवन मार्च राजद कार्यालय से शुरू होकर इनकम टैक्स और बेली रोड होते हुए राजभवन तक पहुँचेगा। तेजस्वी ने कहा कि यह मार्च पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा तथा सभी के लिए खुला है।

हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च से पहले ही छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है और पटना कॉलेज के निर्वाचित छात्र संघ अध्यक्ष सुदर्शन को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने बिहार के युवाओं से मार्च में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि बिहार देश का सबसे युवा प्रदेश है और युवाओं को शिक्षा, रोज़गार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संवैधानिक जवाबदेही का सवाल है। भीड़ नियंत्रण में एके-47 जैसे असॉल्ट राइफल के कथित इस्तेमाल पर कमांड चेन की जाँच से बचना, और केवल एक सिपाही को निलंबित कर मामला बंद करने की कोशिश, बिहार पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। पेपर लीक की पुनरावृत्ति और युवा आंदोलनों पर बल प्रयोग का यह संयोग बिहार में शासन के उस पुराने संकट की याद दिलाता है जो चुनावी वादों के बाद भी हल नहीं हुआ।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव ने एके-47 फायरिंग को लेकर क्या माँग की है?
तेजस्वी यादव ने फायरिंग की न्यायिक जाँच, दोषी अधिकारियों का निलंबन और एके-47 के आवंटन व उपयोग की पूरी कमांड चेन की जाँच की माँग की है। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि भीड़ नियंत्रण में एके-47 के इस्तेमाल की अनुमति थी या नहीं।
किरण रिजिजू के बयान और सुप्रीम कोर्ट के हलफनामे में क्या विरोधाभास है?
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने संसद में कहा था कि छात्रों पर गोली नहीं चलाई गई, जबकि सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार के हलफनामे में फायरिंग की बात सामने आई है। तेजस्वी यादव ने इसी विरोधाभास को आधार बनाकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की माँग की है।
19 अगस्त का राजभवन मार्च किस रूट से होगा और इसमें कौन शामिल हो सकता है?
मार्च राजद कार्यालय से शुरू होकर इनकम टैक्स और बेली रोड होते हुए राजभवन पहुँचेगा। तेजस्वी यादव ने कहा है कि यह मार्च पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा और जो भी छात्रों की न्यायसंगत माँगों का समर्थन करता है, वह इसमें शामिल हो सकता है।
सीवान में छात्रों पर गोली चलाने का मामला क्या है?
पेपर लीक के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान सीवान के तीन छात्रों को गोली लगी थी। तेजस्वी यादव का आरोप है कि पुलिस ने बेवजह फायरिंग की और वे स्वयं घायल छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं।
बिहार में पेपर लीक की समस्या कितनी गंभीर है?
तेजस्वी यादव के अनुसार मैट्रिक, इंटर और बीपीएससी समेत कई परीक्षाओं में पेपर लीक की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन किसी पर जिम्मेदारी तय नहीं होती। विपक्ष का आरोप है कि इससे बिहार के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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