2 अक्टूबर 2026
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अनिल शास्त्री बोले — ऑपरेशन सिंदूर में PM मोदी की सोच मेरे पिता जैसी, पाकिस्तान को लौटानी होगी POK की ज़मीन

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अनिल शास्त्री बोले — ऑपरेशन सिंदूर में PM मोदी की सोच मेरे पिता जैसी, पाकिस्तान को लौटानी होगी POK की ज़मीन

सारांश

कांग्रेस पृष्ठभूमि से आने वाले पूर्व सांसद अनिल शास्त्री ने अपने पिता की जयंती पर PM मोदी की तुलना लाल बहादुर शास्त्री से की — 1965 की लाहौर तक सेना और ऑपरेशन सिंदूर को एक ही धारा में रखकर। यह वक्तव्य दलीय सीमाओं से परे जाकर सैन्य निर्णायकता को राष्ट्रीय विरासत से जोड़ता है।

मुख्य बातें

पूर्व सांसद अनिल शास्त्री ने 2 अक्टूबर 2026 को लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर PM मोदी और अपने पिता की सैन्य सोच को समान बताया।
उन्होंने 1965 युद्ध में छंब सेक्टर पर पाकिस्तानी हमले के बाद शास्त्री जी के लाहौर तक जवाबी कार्रवाई के आदेश का उल्लेख किया।
ऑपरेशन सिंदूर को 'बिल्कुल सही निर्णय' बताते हुए उन्होंने पाकिस्तान में हुई सर्जिकल स्ट्राइक की सराहना की।
अनिल शास्त्री ने माँग की कि पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर (POK) की भूमि भारत को वापस करे।
उन्होंने शास्त्री जी के नारे 'जय जवान, जय किसान' को आज भी प्रासंगिक बताया।

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके पुत्र एवं पूर्व सांसद अनिल शास्त्री ने 2 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि पाकिस्तान के विरुद्ध जवाबी सैन्य कार्रवाई के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता की सोच एक समान रही है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को 'बिल्कुल सही निर्णय' बताते हुए दोनों नेताओं के दृष्टिकोण की तुलना की।

1965 युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर की तुलना

अनिल शास्त्री ने कहा, ‘जब पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर छंब सेक्टर में हमला किया — 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान — तो शास्त्री जी ने सशस्त्र बलों को जवाबी हमला करने और उसमें लाहौर को भी शामिल करने का आदेश दिया। निर्देशों का पालन करते हुए हमारी सेना लाहौर की ओर बढ़ी। और अब, ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से, हमारे सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की। इस संदर्भ में मेरा मानना है कि दोनों नेताओं की सोच एक जैसी रही है।’

गौरतलब है कि यह तुलना राष्ट्रीय स्वाभिमान और सैन्य निर्णायकता के प्रतीक के रूप में की गई है, न कि किसी दलीय रुझान के आधार पर। अनिल शास्त्री स्वयं कांग्रेस पृष्ठभूमि से हैं, इसलिए उनका यह वक्तव्य राजनीतिक दृष्टि से भी उल्लेखनीय है।

जम्मू-कश्मीर और POK पर कड़ा रुख

पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और राष्ट्रीय एकता व अखंडता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, ‘अगर पाकिस्तान सोचता है कि वह जम्मू और कश्मीर पर कब्जा कर सकता है, तो उसके इरादे हमेशा विफल होंगे।’

उन्होंने यह भी माँग की कि पाकिस्तान को वह भूमि वापस करनी चाहिए जिस पर उसने कथित तौर पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। उनका कहना था, ‘चाहे पाकिस्तान चीन की मदद माँगे, अमेरिका की, या किसी और की — वह कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकता।’

शास्त्री जी की विरासत और आज की प्रासंगिकता

अनिल शास्त्री ने अपने पिता की सादगी और समर्पण को याद करते हुए कहा कि समय के साथ सोच भी बदलती है, परंतु मूल्य स्थायी रहते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी हर वर्ष 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से लाल बहादुर शास्त्री का उल्लेख करते हैं और उनके प्रसिद्ध नारे 'जय जवान, जय किसान' को दोहराते हैं।

उन्होंने कहा, ‘चाहे जो भी सरकार सत्ता में आए, शास्त्री जी के प्रति सभी के मन में सम्मान है।’ यह टिप्पणी उल्लेखनीय है क्योंकि यह दलीय सीमाओं से परे एक राष्ट्रीय भावना को रेखांकित करती है।

जयंती पर शास्त्री जी को याद करने का संदेश

पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र ने अपील की कि इस जयंती पर देशवासी लाल बहादुर शास्त्री को केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, ईमानदारी, विचारधारा और देश के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में याद करें। उन्होंने कहा कि यह विचार करना आवश्यक है कि इन मूल्यों को आज की पीढ़ी में कैसे समाहित किया जा सकता है।

उनका यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक नए मोड़ पर हैं और सैन्य निर्णायकता को लेकर राष्ट्रीय विमर्श तेज़ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी विचारणीय है कि 1965 और 2026 के भू-राजनीतिक संदर्भ में बुनियादी अंतर हैं — परमाणु हथियारों की उपस्थिति, अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक जटिलताएँ उस काल से कहीं अधिक हैं। शास्त्री जी की विरासत को एक विशेष नीतिगत निर्णय के समर्थन में उद्धृत करना उनकी बहुआयामी छवि को सरल बनाने का जोखिम भी उठाता है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनिल शास्त्री ने PM मोदी की तुलना अपने पिता से क्यों की?
अनिल शास्त्री ने कहा कि पाकिस्तान के विरुद्ध जवाबी सैन्य कार्रवाई के मामले में दोनों नेताओं की सोच एक जैसी रही है। उन्होंने 1965 युद्ध में शास्त्री जी के लाहौर तक जवाबी हमले के आदेश और ऑपरेशन सिंदूर की सर्जिकल स्ट्राइक को एक ही धारा में रखा।
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में अनिल शास्त्री ने क्या कहा?
अनिल शास्त्री ने ऑपरेशन सिंदूर को 'बिल्कुल सही निर्णय' बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक की।
अनिल शास्त्री ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर क्या माँग रखी?
उन्होंने माँग की कि पाकिस्तान कश्मीर के उस हिस्से को भारत को वापस करे जिस पर उसने कथित तौर पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। उन्होंने कहा कि चाहे पाकिस्तान चीन या अमेरिका की मदद ले, कश्मीर को भारत से अलग करना संभव नहीं है।
1965 युद्ध में शास्त्री जी ने छंब सेक्टर पर हमले का जवाब कैसे दिया था?
अनिल शास्त्री के अनुसार, जब पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर छंब सेक्टर में हमला किया, तब शास्त्री जी ने सशस्त्र बलों को जवाबी हमले का आदेश दिया जिसमें लाहौर को भी शामिल किया गया। इस आदेश के बाद भारतीय सेना लाहौर की ओर बढ़ी थी।
लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर अनिल शास्त्री ने क्या संदेश दिया?
उन्होंने अपील की कि शास्त्री जी को केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, ईमानदारी और देश के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में याद किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि 'जय जवान, जय किसान' का नारा आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
राष्ट्र प्रेस
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