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सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी: 'भूगोल या इतिहास — तय कर लो'

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सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी: 'भूगोल या इतिहास — तय कर लो'

सारांश

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को चेतावनी सिर्फ शब्द नहीं — यह ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर दिया गया सुस्पष्ट सैन्य संदेश है। 13 विमान, 11 हवाई अड्डे और पाकिस्तान की बातचीत की गुहार — ये आँकड़े बताते हैं कि अगली बार दाँव और ऊँचा होगा।

मुख्य बातें

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 16 मई 2026 को सेना संवाद 2026 में पाकिस्तान को चेतावनी दी कि आतंकवाद जारी रहा तो उसे 'भूगोल या इतिहास' चुनना होगा।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को भारत से बातचीत करने और हमले रोकने का अनुरोध करने पर मजबूर होना पड़ा था।
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 13 विमान और 11 हवाई अड्डे नष्ट किए गए।
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने इस अभियान को भारत की रणनीतिक यात्रा का 'निर्णायक क्षण' बताया।
जनरल द्विवेदी ने सैन्य जीवन को 'कार्य-जीवन संतुलन' नहीं, बल्कि 'कार्य-जीवन का मेल' बताया।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 16 मई 2026 को पाकिस्तान को स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि वह आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के विरुद्ध शत्रुतापूर्ण गतिविधियाँ जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह 'भूगोल और इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है या नहीं।' यह बयान सेना संवाद 2026 — एक प्रमुख सैन्य-नागरिक संवाद संगोष्ठी — के दौरान आया, जहाँ उनसे ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में सवाल किया गया था।

जनरल द्विवेदी का बयान: शब्द और संदर्भ

संगोष्ठी में जनरल द्विवेदी से पूछा गया कि यदि पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर को दोबारा अवसर दे, तो भारत की प्रतिक्रिया क्या होगी और क्या वे अभियान से जुड़ी कोई अज्ञात जानकारी साझा करना चाहेंगे। उन्होंने उत्तर दिया, "यह गोपनीय जानकारी है, लेकिन मैंने पहले भी कहा है — यदि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखता है, तो उन्हें यह तय करना होगा कि वे भूगोल और इतिहास का हिस्सा बनना चाहते हैं या नहीं।" यह कूटनीतिक भाषा में एक सुस्पष्ट सैन्य संदेश था।

ऑपरेशन सिंदूर: वरिष्ठ अधिकारियों के खुलासे

उसी कार्यक्रम में, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) के पद पर रहे लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि इस अभियान के दौरान पाकिस्तान को भारत से बातचीत करने और हमले रोकने का अनुरोध करने पर विवश होना पड़ा था। उन्होंने इसे भारत की रणनीतिक यात्रा में एक 'निर्णायक क्षण' बताया।

वायु संचालन महानिदेशक के रूप में इस अभियान में भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 13 विमानों और 11 हवाई अड्डों को नष्ट किया। उन्होंने कहा, "जब शांति की हमारी इच्छा को कमजोरी समझा जाता है, तो हमारे पास कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। जब हम कार्रवाई करते हैं, तो नरमी की कोई गुंजाइश नहीं होती — यह निर्णायक, घातक होती है।"

सेना के 'कार्य-जीवन संतुलन' पर जनरल द्विवेदी का दृष्टिकोण

सेना संवाद 2026 में जनरल द्विवेदी ने सैन्य जीवन के मानवीय पहलू पर भी बात की। उन्होंने कहा, "जब मैंने सैनिक स्कूल में प्रवेश लिया, तो मैंने वर्दी देखी और अनुशासन, नेतृत्व और उद्देश्य की भावना से प्रेरित होकर उससे प्यार हो गया। जब तक मैं एनडीए में शामिल हुआ, तब तक यह स्पष्ट हो गया था कि काम और जिंदगी का संतुलन अब काम और जिंदगी के मेल में बदल चुका था — और इसी तरह यह मेरा जुनून बन गया।" यह टिप्पणी सशस्त्र बलों में सेवा को एक व्यवसाय नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन के रूप में प्रस्तुत करती है।

रणनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि यह बयान ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आया है, जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव की यादें अभी भी ताज़ा हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान पर आतंकवादी ढाँचे को समाप्त करने के लिए दबाव बना रहा है। सेना प्रमुख की यह चेतावनी भारत की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति को रेखांकित करती है और स्पष्ट करती है कि भविष्य में किसी भी उकसावे का जवाब पहले से अधिक निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

11 हवाई अड्डे, पाकिस्तान की बातचीत की गुहार — अब सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं, जो भारत की सैन्य क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों को रेखांकित करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि यह बयान किसी राजनीतिक मंच से नहीं, बल्कि एक सैन्य-नागरिक संवाद संगोष्ठी से आया — जो इसे और अधिक विश्वसनीय और संस्थागत बनाता है। सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान इस संदेश को 'ब्लफ' मानेगा या नीति में बदलाव के रूप में — उसका अगला कदम ही बताएगा।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान को क्या चेतावनी दी?
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 16 मई 2026 को सेना संवाद 2026 में कहा कि यदि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखता है, तो उसे तय करना होगा कि वह 'भूगोल और इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है या नहीं।' यह चेतावनी ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में दी गई।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने क्या हासिल किया था?
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 13 विमानों और 11 हवाई अड्डों को नष्ट किया। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि इस दौरान पाकिस्तान को भारत से बातचीत करने और हमले रोकने का अनुरोध करने पर मजबूर होना पड़ा था।
सेना संवाद 2026 क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
सेना संवाद 2026 एक प्रमुख सैन्य-नागरिक संवाद संगोष्ठी है जहाँ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी नागरिक समाज के साथ रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। यह मंच इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ दिए गए बयान संस्थागत सैन्य दृष्टिकोण को दर्शाते हैं, न कि केवल व्यक्तिगत राय को।
क्या भारत भविष्य में पाकिस्तान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है?
जनरल द्विवेदी के बयान के अनुसार, यदि पाकिस्तान आतंकवाद को प्रश्रय देना जारी रखता है, तो भारत कार्रवाई करने में नहीं हिचकेगा। एयर मार्शल भारती ने स्पष्ट किया कि जब भारत कार्रवाई करता है तो 'नरमी की कोई गुंजाइश नहीं होती — यह निर्णायक और घातक होती है।'
ऑपरेशन सिंदूर को 'निर्णायक क्षण' क्यों कहा गया?
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की रणनीतिक यात्रा का 'निर्णायक क्षण' इसलिए बताया क्योंकि इसने पहली बार पाकिस्तान को बातचीत के लिए बाध्य किया और भारत की सैन्य क्षमता व इच्छाशक्ति दोनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया।
राष्ट्र प्रेस
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