तेजस्वी यादव की चेतावनी: गिरफ्तार छात्र सोमवार तक रिहा नहीं हुए तो महागठबंधन करेगा राज्यव्यापी आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 26 जुलाई को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला और चेतावनी दी कि यदि पेपर लीक आंदोलन में गिरफ्तार छात्रों को सोमवार तक रिहा नहीं किया गया, तो महागठबंधन राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की समाप्ति के बाद पटना लौटे तेजस्वी ने कहा कि छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
मुख्य घटनाक्रम
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे हज़ारों छात्रों के खिलाफ पूरे बिहार में प्राथमिकियाँ दर्ज की गई हैं और सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। उन्होंने दावा किया कि इन छात्रों पर गलत धाराएँ लगाई गई हैं। उन्होंने माँग की कि गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएँ।
पुलिस कार्रवाई पर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने कई स्थानों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया। उनके अनुसार सीवान में तीन छात्र गोली लगने से घायल हुए हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि राज्य के विभिन्न ज़िलों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और फ़र्ज़ी मुकदमे दर्ज किए — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
21 वर्षों की परीक्षा अनियमितताओं पर निशाना
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 21 वर्षों में बिहार में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं — सिपाही भर्ती परीक्षा, बीपीएससी, नीट और अन्य — में लगातार अनियमितताएँ और पेपर लीक की घटनाएँ सामने आती रही हैं। उन्होंने इसे महज़ 'पेपर लीक' नहीं, बल्कि 'सरकारी लीक' करार दिया और कहा कि इसके लिए सरकार सीधे जवाबदेह है।
विपक्ष की एकजुटता
तेजस्वी ने कहा कि पेपर लीक विरोधी इस आंदोलन को महागठबंधन सहित विपक्ष के सभी दलों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों का आभार व्यक्त किया और कहा कि छात्रहितों तथा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की माँग को लेकर संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिलता। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल लगातार उठते रहे हैं।
क्या होगा आगे
तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि सोमवार तक यदि सरकार ने गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया और दर्ज मामले वापस नहीं लिए, तो विपक्ष राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा करेगा। गौरतलब है कि यह बिहार में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव का नया अध्याय है।