25 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर हमला: 'चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए' — पटना में छात्रों पर लाठीचार्ज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर हमला: 'चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए' — पटना में छात्रों पर लाठीचार्ज

सारांश

पटना में छात्रों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज के बाद तेजस्वी यादव ने एक्स पर NDA सरकार को घेरा। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग को लेकर उठा यह आंदोलन बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 25 अगस्त को पटना में छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर NDA सरकार पर तीखा हमला बोला।
पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन और हल्के बल का इस्तेमाल किया।
छात्रों की प्रमुख माँगें — भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता , समय पर परिणाम और सरकारी नौकरी प्रक्रियाओं में तेजी।
तेजस्वी ने एक्स (X) पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सरकार ने पहले एके-47 से गोली चलाई, अब लाठीचार्ज जारी है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों से संवाद नहीं कर रही; NDA सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 25 अगस्त को पटना में छात्र संगठनों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य की एनडीए (NDA) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनरत छात्रों से संवाद करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग करा रही है। तेजस्वी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा — 'चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए।'

मुख्य घटनाक्रम

25 अगस्त को पटना में विभिन्न छात्र संगठनों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर परीक्षाएं एवं परिणाम जारी करने तथा सरकारी नौकरियों से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने की माँग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और हल्का बल प्रयोग किया गया।

तेजस्वी की सरकार पर आरोप

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा कि छात्रों पर एके-47 से गोली चलाने वाली निरंकुश एनडीए सरकार चौतरफा आलोचना और विपक्ष के दबाव में गोलीबारी तो छोड़ सकती है, लेकिन लाठीचार्ज नहीं छोड़ सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और रोजगार की माँग कर रहे छात्रों से सरकार संवाद नहीं करना चाहती — इसके बजाय अधिकारियों के माध्यम से उनका अपमान कराया जाता है।

तेजस्वी ने यह भी कहा कि 'मनी और मशीन' के लूट तंत्र से बनी सरकार से बिहार के युवा डरने वाले नहीं हैं। उनके अनुसार, छात्रों पर लाठी चले या गोली — बिहार के छात्र अब पीछे हटने वाले नहीं हैं।

छात्रों की प्रमुख माँगें

प्रदर्शनकारी छात्रों की माँगों में मुख्य रूप से तीन बिंदु शामिल हैं — भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर परीक्षाएं और परिणाम, तथा सरकारी नौकरियों की प्रक्रियाओं में तेजी। यह आंदोलन बिहार में युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली की खामियों को लेकर लंबे समय से चले आ रहे असंतोष की अभिव्यक्ति है।

सियासी बयानबाजी तेज

छात्र आंदोलन को लेकर बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। विपक्ष लगातार सरकार पर छात्रों की माँगों के प्रति उदासीनता और आंदोलन को बल से दबाने का आरोप लगा रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की आहट के बीच युवा मतदाताओं को लेकर सभी दल सतर्क हैं। एनडीए सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या

छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि जब तक उनकी माँगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा विपक्ष के लिए सरकार को घेरने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है। बिहार सरकार पर दबाव है कि वह छात्रों से बातचीत का रास्ता खोले।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि विपक्ष के पास छात्रों की माँगों का कोई ठोस विकल्प है या नहीं। NDA सरकार की चुप्पी भी उतनी ही बड़ी खबर है — जब सड़क पर युवा हों और सत्ता पक्ष संवाद से बचे, तो यह असंतोष चुनावी समीकरण बदल सकता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में छात्र प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
बिहार में छात्र संगठन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर परीक्षाएं एवं परिणाम जारी करने और सरकारी नौकरियों की प्रक्रियाओं में तेजी लाने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन बिहार में परीक्षा प्रणाली की खामियों और बेरोजगारी को लेकर युवाओं के दीर्घकालिक असंतोष की अभिव्यक्ति है।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों से संवाद करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग करा रही है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सरकार ने पहले एके-47 से गोली चलाई और अब लाठीचार्ज जारी है।
25 अगस्त को पटना में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोका, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग किया। विपक्ष इसे तानाशाही रवैया बता रहा है।
NDA सरकार ने छात्र आंदोलन पर क्या कहा?
25 अगस्त तक NDA सरकार की ओर से छात्र आंदोलन और विपक्ष के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार की चुप्पी विपक्ष के लिए हमले का अवसर बन रही है।
बिहार में छात्र आंदोलन का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
विश्लेषकों के अनुसार, यह आंदोलन विपक्ष को सरकार पर दबाव बनाने का मौका दे रहा है और युवा मतदाताओं के बीच सत्ता पक्ष की छवि को प्रभावित कर सकता है। छात्र संगठनों ने माँगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले