TRE-4 वैकेंसी नहीं, लाठीचार्ज जारी — तेजस्वी यादव का NDA पर बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 21 मई 2026 को एनडीए सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार बिहार के युवाओं के साथ खुला अन्याय और विश्वासघात कर रही है। पटना में उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जो नेता युवाओं के सामने हाथ जोड़ते थे, उनकी सरकार में आज परीक्षा की मांग करने पर लाठियाँ मिल रही हैं।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बिहार के युवा तो वहीं मांग रहे हैं, वही याद दिला रहे हैं जो एनडीए ने चुनाव पूर्व एक करोड़ नौकरी का वादा किया था। फिर युवाओं पर अब ये अत्याचार क्यों? टीआरई-4 परीक्षा की मांग करना अपराध कैसे? पेपरलीक का विरोध करना गुनाह कैसे? क्यों बिहार के युवाओं पर बार-बार लाठीचार्ज हो रहा है?'
उन्होंने आगे लिखा, 'यदि पुलिस के इस्तेमाल का इतना ही शौक है तो एनडीए सरकार भ्रष्टाचार और अपराध रोकने के लिए, अपराधियों के खिलाफ करें — बिहार के युवाओं पर बार-बार ये लाठीचार्ज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
तेजस्वी का अपने कार्यकाल से तुलना
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनके केवल 17 महीने के कार्यकाल में बिना पेपर लीक के टीआरई-1 और टीआरई-2 के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति सफलतापूर्वक की गई थी, तथा 1 लाख 30 हजार पदों पर बहाली प्रक्रियाधीन कराई गई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की टीआरई-4 वैकेंसी जारी करने की नीयत ही नहीं लगती।
सरकार पर कटाक्ष
विपक्ष के नेता ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 2024 और 2025 बीत गए, लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव हो गए, 2 मुख्यमंत्री और 4 उपमुख्यमंत्री बदले, समूचा मंत्रिमंडल बदला — एनडीए नेताओं के 'शहजादों' को बिना चुनाव लड़े सीधे मंत्री पद बाँट दिए गए। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के 6 महीने बीतने के बाद भी टीआरई-4 की वैकेंसी या कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
युवाओं पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लंबे समय से जारी है। गौरतलब है कि पेपर लीक की घटनाएँ और भर्ती प्रक्रिया में देरी राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और मंत्री 'रील्स बना रहे हैं और बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं', लेकिन युवाओं के भविष्य की इस सरकार को कोई चिंता नहीं है।
तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि एनडीए का यह 'छल-कपट' बिहार के युवा कभी नहीं भूलेंगे। आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को और तेज करने की तैयारी में है।