TRE-4 वैकेंसी नहीं, लाठीचार्ज जारी — तेजस्वी यादव का NDA पर बड़ा हमला

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TRE-4 वैकेंसी नहीं, लाठीचार्ज जारी — तेजस्वी यादव का NDA पर बड़ा हमला

सारांश

TRE-4 की वैकेंसी के बिना 6 महीने बीत गए, और परीक्षा की मांग करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज जारी है। तेजस्वी यादव ने NDA के एक करोड़ नौकरी के वादे की याद दिलाते हुए कहा — यह छल-कपट बिहार के युवा कभी नहीं भूलेंगे।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 21 मई 2026 को एनडीए सरकार पर बिहार के युवाओं के साथ 'अन्याय और विश्वासघात' का आरोप लगाया।
एनडीए ने चुनाव से पहले एक करोड़ नौकरी का वादा किया था; नई सरकार बनने के 6 महीने बाद भी टीआरई-4 की वैकेंसी या अधिसूचना जारी नहीं हुई।
तेजस्वी ने दावा किया कि उनके 17 महीने के कार्यकाल में 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति बिना पेपर लीक के हुई थी।
2024-25 में 2 मुख्यमंत्री , 4 उपमुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल बदला, लेकिन युवाओं की भर्ती प्रक्रिया अटकी रही।
परीक्षा की मांग करने पर युवाओं पर बार-बार लाठीचार्ज का आरोप; तेजस्वी ने पुलिस बल का उपयोग अपराधियों के विरुद्ध करने की माँग की।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 21 मई 2026 को एनडीए सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार बिहार के युवाओं के साथ खुला अन्याय और विश्वासघात कर रही है। पटना में उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जो नेता युवाओं के सामने हाथ जोड़ते थे, उनकी सरकार में आज परीक्षा की मांग करने पर लाठियाँ मिल रही हैं।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बिहार के युवा तो वहीं मांग रहे हैं, वही याद दिला रहे हैं जो एनडीए ने चुनाव पूर्व एक करोड़ नौकरी का वादा किया था। फिर युवाओं पर अब ये अत्याचार क्यों? टीआरई-4 परीक्षा की मांग करना अपराध कैसे? पेपरलीक का विरोध करना गुनाह कैसे? क्यों बिहार के युवाओं पर बार-बार लाठीचार्ज हो रहा है?'

उन्होंने आगे लिखा, 'यदि पुलिस के इस्तेमाल का इतना ही शौक है तो एनडीए सरकार भ्रष्टाचार और अपराध रोकने के लिए, अपराधियों के खिलाफ करें — बिहार के युवाओं पर बार-बार ये लाठीचार्ज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'

तेजस्वी का अपने कार्यकाल से तुलना

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनके केवल 17 महीने के कार्यकाल में बिना पेपर लीक के टीआरई-1 और टीआरई-2 के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति सफलतापूर्वक की गई थी, तथा 1 लाख 30 हजार पदों पर बहाली प्रक्रियाधीन कराई गई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की टीआरई-4 वैकेंसी जारी करने की नीयत ही नहीं लगती।

सरकार पर कटाक्ष

विपक्ष के नेता ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 2024 और 2025 बीत गए, लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव हो गए, 2 मुख्यमंत्री और 4 उपमुख्यमंत्री बदले, समूचा मंत्रिमंडल बदला — एनडीए नेताओं के 'शहजादों' को बिना चुनाव लड़े सीधे मंत्री पद बाँट दिए गए। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के 6 महीने बीतने के बाद भी टीआरई-4 की वैकेंसी या कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

युवाओं पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लंबे समय से जारी है। गौरतलब है कि पेपर लीक की घटनाएँ और भर्ती प्रक्रिया में देरी राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और मंत्री 'रील्स बना रहे हैं और बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं', लेकिन युवाओं के भविष्य की इस सरकार को कोई चिंता नहीं है।

तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि एनडीए का यह 'छल-कपट' बिहार के युवा कभी नहीं भूलेंगे। आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को और तेज करने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्यापन-योग्य तथ्य है जिसे सरकार ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है। बिहार में शिक्षक भर्ती का मुद्दा हर चुनाव से पहले उठता है और हर बार वादों की धुंध में दब जाता है — यह पैटर्न दोनों पक्षों की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। लाठीचार्ज की घटनाएँ यदि सत्यापित होती हैं, तो यह राज्य के शासन की गंभीर विफलता है, न कि केवल राजनीतिक विवाद। मुख्यधारा की कवरेज बयानों पर टिकी है — असली खबर यह है कि टीआरई-4 की अधिसूचना क्यों और किस दबाव में रुकी है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीआरई-4 वैकेंसी क्या है और यह क्यों विवादित है?
टीआरई-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा-4) बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित चौथी चरण की परीक्षा है। नई सरकार बनने के 6 महीने बाद भी इसकी वैकेंसी या अधिसूचना जारी न होने के कारण अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं और उन पर लाठीचार्ज के आरोप लगे हैं।
तेजस्वी यादव ने NDA पर क्या आरोप लगाए?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि NDA ने चुनाव से पहले एक करोड़ नौकरी का वादा किया था, लेकिन सरकार में आने के बाद परीक्षा की मांग करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने की सरकार की नीयत ही नहीं है।
तेजस्वी यादव के कार्यकाल में कितने शिक्षकों की भर्ती हुई थी?
तेजस्वी यादव के अनुसार उनके 17 महीने के कार्यकाल में टीआरई-1 और टीआरई-2 के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति बिना पेपर लीक के की गई थी और 1 लाख 30 हजार पदों पर बहाली प्रक्रियाधीन कराई गई थी।
बिहार में 2024-25 के दौरान सरकार में क्या बदलाव हुए?
तेजस्वी यादव के अनुसार 2024 और 2025 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव हुए, 2 मुख्यमंत्री और 4 उपमुख्यमंत्री बदले और पूरा मंत्रिमंडल बदला। इसके बावजूद टीआरई-4 की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
इस विवाद का बिहार के युवाओं पर क्या असर है?
बिहार में लाखों बेरोजगार युवा शिक्षक भर्ती परीक्षाओं का इंतजार कर रहे हैं। भर्ती में देरी और पेपर लीक की घटनाओं ने उनके भविष्य को अनिश्चित बना दिया है। परीक्षा की मांग को लेकर हो रहे आंदोलनों पर कथित लाठीचार्ज ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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