तेजस्वी यादव का एनडीए सरकार पर टीआरई-4 में देरी को लेकर कड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- टीआरई-4 परीक्षा में देरी से युवा चिंतित हैं।
- तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर कड़ा प्रहार किया।
- सरकार को टीआरई-4 की वैकेंसी जल्द जारी करनी चाहिए।
पटना, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित चौथे चरण की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीआरई-4) में हो रही देरी के खिलाफ राजनैतिक माहौल गर्म हो गया है। इस संदर्भ में, विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए सरकार को टीआरई-4 में हो रही देरी को समाप्त कर लाखों युवाओं के भविष्य से खेलना बंद करना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने एक बयान में कहा कि महागठबंधन सरकार के 17 महीनों के कार्यकाल में, शिक्षा विभाग को राजद के अधीन लाकर युद्ध स्तर पर टीआरई-1 और टीआरई-2 की परीक्षाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। इस दौरान बिना किसी पेपरलीक के, 2,20,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए थे।
उन्होंने यह भी बताया कि टीआरई-3 की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू की गई, लेकिन जनवरी 2024 में उनकी सरकार के हटने के बाद पेपरलीक के कारण इसे रद्द कर दिया गया। यह परीक्षा भी विलंबित हो गई।
तेजस्वी ने आगे कहा कि चुनावी वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया था कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की गणना कर जल्द ही टीआरई-4 परीक्षा आयोजित की जाएगी। आज उस घोषणा को लगभग एक वर्ष हो चुका है, लेकिन अब तक टीआरई-4 की वैकेंसी जारी नहीं की गई है। बीपीएससी कैलेंडर के अनुसार, यह परीक्षा अगस्त 2024 में होनी चाहिए थी, लेकिन अब 2025 के अक्टूबर में परीक्षा कराने की चर्चा हो रही है, ताकि चुनावी आचार संहिता लागू होने पर परीक्षा टल जाए।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 5 लाख युवाओं को नौकरियां दीं और 3,50,000 से अधिक नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन वर्तमान डबल इंजन सरकार बार-बार परीक्षा को टाल रही है और इस तरह से युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा-जदयू ने भले ही चुनाव जीतने के लिए बड़े-बड़े झूठे वादे किए हों, लेकिन यह युवाओं के हित से जुड़ा मामला है। उन्होंने एनडीए सरकार से अपील की है कि टीआरई-4 की वैकेंसी तत्काल जारी की जाए, क्योंकि यह लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवारों की उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। इस परीक्षा की मांग को लेकर अभ्यर्थी आंदोलनरत हैं।