टीआरई-4 वैकेंसी नहीं, लाठीचार्ज जारी — तेजस्वी यादव का एनडीए पर बड़ा हमला

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टीआरई-4 वैकेंसी नहीं, लाठीचार्ज जारी — तेजस्वी यादव का एनडीए पर बड़ा हमला

सारांश

तेजस्वी यादव ने एक्स पर एनडीए को घेरा — 6 महीने बाद भी टीआरई-4 की वैकेंसी नहीं, परीक्षा माँगने पर लाठीचार्ज। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने 17 महीनों में 2 लाख से अधिक शिक्षक नियुक्त किए थे। यह बिहार के युवा रोजगार संकट पर बड़ा राजनीतिक टकराव है।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 21 मई 2026 को एक्स पर एनडीए सरकार पर टीआरई-4 वैकेंसी न देने और युवाओं पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया।
एनडीए ने चुनाव से पहले 1 करोड़ नौकरियों का वादा किया था, जिसे तेजस्वी ने याद दिलाया।
तेजस्वी के अनुसार उनकी सरकार ने 17 महीनों में 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति और 1 लाख 30 हज़ार पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू की थी।
नई सरकार के गठन के 6 महीने बाद भी टीआरई-4 की कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई।
इस दौरान बिहार में 2 मुख्यमंत्री और 4 उपमुख्यमंत्री बदले, पूरा मंत्रिमंडल बदला।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 21 मई 2026 को एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार बिहार के युवाओं के साथ अन्याय और विश्वासघात कर रही है। उनका कहना है कि चुनाव से पहले 1 करोड़ नौकरियों का वादा करने वाले एनडीए नेता अब परीक्षा की माँग करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज करवा रहे हैं।

एक्स पर तेजस्वी का सीधा सवाल

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बिहार के युवा तो वहीं माँग रहे हैं, वही याद दिला रहे हैं जो एनडीए ने चुनाव पूर्व एक करोड़ नौकरी का वादा किया था। फिर युवाओं पर अब ये अत्याचार क्यों? टीआरई-4 परीक्षा की माँग करना अपराध कैसे? पेपरलीक का विरोध करना गुनाह कैसे? क्यों बिहार के युवाओं पर बार-बार लाठीचार्ज हो रहा है?'

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, 'यदि पुलिस के इस्तेमाल का इतना ही शौक है तो एनडीए सरकार भ्रष्टाचार और अपराध रोकने के लिए, अपराधियों के खिलाफ करें — बिहार के युवाओं पर बार-बार ये लाठीचार्ज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'

टीआरई-4 पर सरकार की 'नीयत' पर सवाल

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार की टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने की नीयत ही नहीं है। उन्होंने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने केवल 17 महीनों में बिना पेपरलीक के टीआरई-1 और टीआरई-2 के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की थी, और 1 लाख 30 हज़ार पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू कराई थी।

राजनीतिक बदलाव पर कटाक्ष

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद भी शिक्षक भर्ती का मुद्दा अनसुलझा बना हुआ है। तेजस्वी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 2024 और 2025 बीत गए, लोकसभा और विधानसभा चुनाव हो गए, 2 मुख्यमंत्री और 4 उपमुख्यमंत्री बदल गए, समूचा मंत्रिमंडल बदला — यहाँ तक कि एनडीए नेताओं के 'शहजादों' को बिना चुनाव लड़े सीधे मंत्री पद दे दिए गए। इसके बावजूद नई सरकार के गठन के 6 महीने बाद भी टीआरई-4 की वैकेंसी या कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई।

युवाओं के भविष्य पर चिंता

तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री रील्स बनाने और बड़े-बड़े बयान देने में व्यस्त हैं, लेकिन युवाओं के भविष्य की इस सरकार को जरा भी चिंता नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि एनडीए का यह 'छल-कपट' बिहार के युवा कभी नहीं भूलेंगे।

आगे क्या

गौरतलब है कि टीआरई-4 की माँग को लेकर बिहार में युवाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विपक्ष के इस हमले के बाद सत्ताधारी एनडीए की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि सरकार टीआरई-4 अधिसूचना पर कब कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि पूर्व सरकार ने 17 महीनों में 2 लाख से अधिक नियुक्तियाँ कीं — यह तुलना असुविधाजनक है। असली सवाल यह है कि क्या यह देरी नौकरशाही जड़ता है या राजनीतिक प्राथमिकता का अभाव। पेपरलीक विरोध पर लाठीचार्ज की खबरें यदि सत्य हैं, तो यह सरकार की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं जिनका जवाब केवल एक्स पोस्ट से नहीं, बल्कि वैकेंसी नोटिफिकेशन से मिलेगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीआरई-4 क्या है और बिहार के युवा इसकी माँग क्यों कर रहे हैं?
टीआरई-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा-4) बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए होने वाली चौथी बड़ी भर्ती परीक्षा है। हज़ारों बेरोजगार युवा इसकी वैकेंसी और अधिसूचना का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन नई सरकार बनने के 6 महीने बाद भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
तेजस्वी यादव ने अपने कार्यकाल में शिक्षक भर्ती के बारे में क्या दावा किया?
तेजस्वी यादव का दावा है कि उनकी सरकार ने केवल 17 महीनों में बिना पेपरलीक के टीआरई-1 और टीआरई-2 के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की और 1 लाख 30 हज़ार पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू कराई थी।
बिहार में युवाओं पर लाठीचार्ज का आरोप किस संदर्भ में लगाया गया है?
तेजस्वी यादव के अनुसार, टीआरई-4 परीक्षा की माँग और पेपरलीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने इसे एनडीए सरकार का 'अत्याचार' बताया है।
एनडीए ने चुनाव से पहले युवाओं से क्या वादा किया था?
तेजस्वी यादव के अनुसार एनडीए ने चुनाव पूर्व 1 करोड़ नौकरियों का वादा किया था। अब वही युवा जब उस वादे की याद दिलाते हैं, तो उन पर लाठीचार्ज होता है — यह विरोधाभास उनके हमले का केंद्र है।
बिहार में नई सरकार बनने के बाद से क्या-क्या बदलाव हुए?
तेजस्वी यादव के अनुसार 2024-25 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में 2 मुख्यमंत्री, 4 उपमुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल बदल गया। इसके बावजूद नई सरकार के गठन के 6 महीने बाद तक टीआरई-4 की वैकेंसी या कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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