तेजस्वी यादव की चेतावनी: छात्रों की रिहाई नहीं हुई तो NDA सरकार को भुगतना पड़ेगा राजनीतिक खामियाजा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 27 जुलाई 2026 को एक्स (X) पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारी छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया तो इसका राजनीतिक खामियाजा सत्तारूढ़ गठबंधन को उठाना पड़ेगा।
मुख्य आरोप और चेतावनी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं को दरकिनार करते हुए देश में पहली बार प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलवाई। उनका कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है।
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के साथ समझौता होने के बावजूद राज्यभर में हजारों छात्रों पर कथित तौर पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और उनके परिजनों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है।
पटना एयरपोर्ट पर पहले भी दी थी चेतावनी
विदेश दौरे से लौटने पर पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने सरकार को पहले ही आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि यदि सोमवार तक आंदोलन में शामिल छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो विपक्ष राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया था कि महागठबंधन छात्रों के साथ खड़ा है और उनके अधिकारों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में छात्र आंदोलन राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन चुका है।
बांकीपुर उपचुनाव से जुड़ा राजनीतिक संदर्भ
तेजस्वी यादव सोमवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में RJD उम्मीदवार रेखा गुप्ता के समर्थन में चुनाव प्रचार करने वाले हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था का मुद्दा इस उपचुनाव अभियान का केंद्रीय विषय बन सकता है।
गौरतलब है कि बांकीपुर सीट पटना का एक प्रमुख शहरी क्षेत्र है, जहाँ युवा और छात्र मतदाताओं की संख्या उल्लेखनीय है। ऐसे में यह आंदोलन चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
क्या होगा आगे
विपक्ष की चेतावनी के बाद अब सभी की निगाहें एनडीए सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि छात्रों की रिहाई नहीं होती तो महागठबंधन द्वारा राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की जा सकती है, जो बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।