क्या बिहार में तेजस्वी यादव सरकार बनाने का सपना कभी पूरा नहीं कर पाएंगे?

सारांश
Key Takeaways
- मदन सहनी का तेजस्वी यादव पर हमला
- 'वोटर अधिकार यात्रा' के खिलाफ आरोप
- एनडीए का 225 सीटों का लक्ष्य
- नीतीश कुमार की विकास कार्यों की सराहना
- राजद और एनडीए का चुनावी टकराव
नई दिल्ली, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार में मंत्री मदन सहनी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनका सरकार बनाने का सपना कभी पूरा नहीं होने वाला।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' पर निशाना साधते हुए कहा कि इस यात्रा का आम जनता से कोई संबंध नहीं है और किसी भी मतदाता ने अपने वोट के कटने को लेकर कोई शिकायत नहीं की है। फर्जी मतदाताओं के नाम को हटाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। विपक्ष को लोकसभा चुनाव में जनता ने जवाब दिया और आगामी विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के २० वर्षों के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि जनता उनके कार्यों से प्रभावित है, जबकि राजद का कार्यकाल जनता के सामने है। एनडीए अपने कार्यों के बल पर फिर से सरकार बनाएगी, और नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे।
उन्होंने विपक्षी दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि 'वोटर अधिकार यात्रा' से कुछ भी हासिल नहीं होगा। उन्होंने २०२५ के विधानसभा चुनाव में एनडीए के लिए २२५ सीटों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा और दावा किया कि वे इसमें सफल होंगे।
दूसरी ओर, राजद नेता आलोक मेहता ने कहा कि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' को बिहार में जनता का समर्थन मिल रहा है और इसे अपार भीड़ का रिस्पॉन्स प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये लोग जीतने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए बिहार की मासूम जनता के वोटों को एसआईआर के जरिए रद्द कराने की योजना बना रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान यह प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू हुई? विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर कराना सही नहीं है और यह सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है, जिसे 'वोट चोरी' कहा जा रहा है।
उन्होंने अपनी विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि २३,००० मतदाताओं के नाम काटे गए, जिनमें से शायद ५,००० मृत होंगे। क्या आयोग ने इसकी जांच की? इसके अलावा, बाकी लोग पंजाब में धान रोपने या अन्य काम के लिए अस्थायी रूप से गए हुए हैं और चुनाव में वोट डालने आते हैं। अभी चुनाव की आहट भी नहीं आई, लेकिन प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री दौरा कर रहे हैं, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन की मंशा पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि पहले एनडीए को स्पष्ट करना चाहिए कि उनका मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा। उन्होंने सीट बंटवारे पर कहा कि पार्टी की अपनी नीति होती है और इस मुद्दे पर कब बात करनी है, समय आने पर जवाब दिया जाएगा।