तेजस्वी यादव का राजभवन मार्च: एनडीए ने कहा 'सियासी नौटंकी', छात्रों से नहीं जोड़ा रिश्ता
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को पटना में राजभवन तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च सीवान में छात्रों पर कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग की घटना के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। इस घोषणा के तुरंत बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने तेजस्वी पर तीखे हमले बोले और इस मार्च को 'राजनीतिक नाटक' करार दिया।
मंत्री रामकृपाल यादव का तेजस्वी पर हमला
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने तेजस्वी के प्रस्तावित मार्च पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जिस मार्च को लेकर आप यह ड्रामा कर रहे हैं, उसके लिए आप अब आए हैं। जब आपको विपक्ष के नेता की भूमिका निभानी चाहिए थी, तब आप विदेश जाकर अपनी भूमिका निभा रहे थे और वहाँ से लौटने के बाद अब आप यह ड्रामा कर रहे हैं।'
रामकृपाल ने नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'लीडर ऑफ अपोजिशन का पद बहुत गंभीर व्यक्ति को दिया जाता है। दुर्भाग्य से आप बन गए। आपकी पार्टी बड़ी पार्टी है तो आपको नेता का दर्जा दे दिया गया। क्या आप अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं?'
RJD की आंतरिक स्थिति पर भी कसा तंज
मंत्री रामकृपाल ने आगे कहा, 'जनता में थू-थू हुई, आपकी पार्टी में थू-थू हुई, तू-तू मैं-मैं हुआ। पार्टी आपकी खंडित होने वाली है। कार्यकर्ता भाग रहे हैं और आप जनता के मुद्दे, छात्रों के मुद्दे को लेकर मार्च कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पहले ही ठोस कदम उठाए हैं — नया कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट और नीट परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की व्यवस्था।
भाजपा एमएलसी ने झारखंड का मुद्दा उठाया
कैमूर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह ने तेजस्वी पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'ये दोहरे मापदंड वाले लोग हैं। जब जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ, तो सबने उसका समर्थन किया। जब बिहार में विरोध प्रदर्शन हुआ, तब भी सबने उसका समर्थन किया। झारखंड में कुछ नहीं कहते।'
संतोष सिंह ने आगे कहा, 'उन्हें छात्रों की कोई चिंता नहीं है। छात्रों के भविष्य पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। अगर हिम्मत है तो हेमंत सोरेन से कहें कि झारखंड में छात्रों पर लाठियाँ बरसाने वालों को जेल भेजें।' यह बयान RJD और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बीच के राजनीतिक गठजोड़ पर सीधा निशाना था।
सीवान घटना का संदर्भ
यह पूरा विवाद सीवान में छात्रों पर कथित AK-47 फायरिंग की घटना के बाद उभरा है, जिसने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी। तेजस्वी यादव ने इसे राज्य सरकार की विफलता बताते हुए राजभवन मार्च का ऐलान किया। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब छात्र आंदोलनों और परीक्षा पारदर्शिता को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ी हुई है।
आगे क्या होगा
19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन मार्च से पहले बिहार में सियासी तापमान बढ़ता दिख रहा है। NDA और RJD के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष छात्र मुद्दे पर जनता की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश में हैं।