13 अगस्त 2026
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राजद के 19 अगस्त मार्च पर NDA का पलटवार: 'तेजस्वी यादव संयोग से विपक्ष के नेता'

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राजद के 19 अगस्त मार्च पर NDA का पलटवार: 'तेजस्वी यादव संयोग से विपक्ष के नेता'

सारांश

बिहार के NDA मंत्रियों ने राजद के 19 अगस्त राजभवन मार्च को 'नकारात्मकता' करार दिया और तेजस्वी यादव को 'संयोग से विपक्ष का नेता' बताया। मंत्री श्रवण कुमार ने चेतावनी दी कि छात्र प्रदर्शन में कानून तोड़ने वाला कोई नहीं बचेगा।

मुख्य बातें

बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव 'संयोग से' विपक्ष के नेता हैं — एक सीट कम होती तो यह दर्जा नहीं मिलता।
राजद ने 19 अगस्त 2026 को पटना में राजभवन मार्च का ऐलान किया है, हाल के छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मार्च को 'नकारात्मकता' बताते हुए युवाओं को इससे दूर रहने की अपील की।
श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों की जाँच जारी है — सरकारी अधिकारी हों या कोई और, कोई नहीं बचेगा।
सरकार ने दावा किया कि छात्रों की चिंताओं को सुना और समझा जा चुका है तथा आवश्यक कार्रवाई हो चुकी है।

बिहार की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के मंत्रियों ने 13 अगस्त 2026 को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 19 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 'राजभवन मार्च' पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रियों ने कहा कि तेजस्वी यादव 'संयोग से' विपक्ष के नेता बने हैं और यदि बिहार की जनता एक सीट और कम कर देती, तो उन्हें यह दर्जा भी नहीं मिलता।

मंत्री श्रवण कुमार का सीधा हमला

बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, 'वे (तेजस्वी यादव) संयोग से विपक्ष के नेता हैं। अगर बिहार की जनता ने उनकी पार्टी की सीटों की संख्या एक भी कम कर दी होती, तो शायद उन्हें विपक्ष का नेता नहीं कहा जाता या नेता का सम्मान नहीं मिलता।' यह टिप्पणी उस राजनीतिक पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें राजद ने हाल के छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा है।

श्रवण कुमार ने आगे कहा, 'राजभवन तक मार्च करने के बजाय उन्हें सरकार को सलाह देनी चाहिए कि उसे क्या करना चाहिए। जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लिया, उनकी जाँच चल रही है — चाहे वे सरकारी अधिकारी हों या कोई और। जाँच के बाद न कोई बचेगा और न कोई छोड़ा जाएगा।'

मंत्री विजय कुमार सिन्हा की प्रतिक्रिया

मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजद के प्रस्तावित मार्च को 'नकारात्मकता' का प्रतीक बताते हुए कहा, 'हमारी आने वाली पीढ़ी और युवाओं को नकारात्मकता से बाहर निकालने की जरूरत है।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पहले ही अपना फैसला ले चुकी है और कार्रवाई भी हो चुकी है, तथा सरकार को छात्रों के प्रति पूरी सहानुभूति है।

राजद का मार्च और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राजद ने बिहार में हाल के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए 19 अगस्त को पटना में राजभवन मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में छात्र आंदोलन और उस पर सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर सियासी तापमान बढ़ा हुआ है।

आगे क्या होगा

NDA मंत्रियों की यह तीखी प्रतिक्रिया संकेत देती है कि 19 अगस्त के मार्च से पहले बिहार में राजनीतिक टकराव और तेज होगा। राजद और NDA के बीच यह वाकयुद्ध आगामी विधानसभा सत्र में भी गूँजने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस असली सवाल से ध्यान भटकाता है जो राजद उठा रहा है — छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही। जाँच का आश्वासन देना और 'कोई नहीं बचेगा' कहना तब तक पर्याप्त नहीं, जब तक परिणाम सार्वजनिक न हों। बिहार में विपक्ष की संख्यात्मक कमज़ोरी को उसकी आवाज़ की वैधता से अलग करना ज़रूरी है — लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सीटों की गिनती पर निर्भर नहीं करता।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजद का 19 अगस्त का राजभवन मार्च किस मुद्दे पर है?
राजद ने बिहार में हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई के विरोध में 19 अगस्त 2026 को पटना में राजभवन मार्च का ऐलान किया है। यह मार्च विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होगा।
मंत्री श्रवण कुमार ने तेजस्वी यादव पर क्या कहा?
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव 'संयोग से' विपक्ष के नेता हैं — यदि राजद की एक सीट भी कम होती, तो उन्हें यह दर्जा नहीं मिलता। उन्होंने तेजस्वी को मार्च की बजाय सरकार को रचनात्मक सलाह देने की नसीहत दी।
बिहार सरकार ने छात्र प्रदर्शनों पर क्या रुख अपनाया है?
सरकार का कहना है कि उसने मार्च करने वाले छात्रों की चिंताओं को सुना और समझा है। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लिया — चाहे सरकारी अधिकारी हों या अन्य — उनकी जाँच जारी है और कोई नहीं बचेगा।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजद के मार्च पर क्या कहा?
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजद के प्रस्तावित मार्च को 'नकारात्मकता' बताया और कहा कि युवाओं एवं आने वाली पीढ़ी को इस नकारात्मकता से बाहर निकालने की जरूरत है। उन्होंने दोहराया कि सरकार पहले ही फैसला ले चुकी है।
तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता कैसे बने?
राजद बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है, जिसके कारण तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष का पद संभाल रहे हैं। NDA मंत्रियों ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह दर्जा बहुत कम अंतर से मिला है।
राष्ट्र प्रेस
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