उत्तर कोरियाई POW खुलासे पर यूक्रेन माफी नहीं माँगा तो 'अतिरिक्त उपाय' करेगा दक्षिण कोरिया: राष्ट्रपति ली
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को सोल से स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों (POW) के हस्तांतरण को गुप्त रखने के द्विपक्षीय समझौते से इनकार करता रहा और आधिकारिक माफी नहीं माँगी, तो दक्षिण कोरिया 'अतिरिक्त उपाय' करने पर विवश होगा। यह बयान राष्ट्रपति ली ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर पोस्ट किया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव का नवीनतम संकेत है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब शुरू हुआ जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने पिछले सप्ताह एकतरफा खुलासा किया कि दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को दक्षिण कोरिया स्थानांतरित किया गया है। सोल के अनुसार, इस हस्तांतरण से पहले दोनों देशों के बीच गोपनीयता बनाए रखने का द्विपक्षीय समझौता हुआ था। हालाँकि, कीव ने किसी ऐसे गैर-प्रकटीकरण समझौते के अस्तित्व से ही इनकार कर दिया है।
राष्ट्रपति ली ने अपने बयान में स्पष्ट किया: 'यदि (यूक्रेन) तथ्य से इनकार करना जारी रखता है और आधिकारिक माफी देने से इनकार करता है, तो (सोल) अतिरिक्त उपाय करेगा।' उनके अनुसार, यूक्रेन ने पहले गोपनीयता की माँग की, फिर एकतरफा खुलासा किया, और अब समझौते से ही मुकर कर दक्षिण कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष को असत्यवादी ठहरा रहा है।
कीव का रुख और तनाव में वृद्धि
राष्ट्रपति ली ने बताया कि जब सोल ने यूक्रेन से गोपनीयता समझौते को स्वीकार कर माफी माँगने का अनुरोध किया, तो कीव ने इस पर ध्यान देने के बजाय अंतर-कोरियाई सैन्य टकराव की आशंका का जिक्र कर दिया। ली ने इस रवैये को कोरियाई प्रायद्वीप पर युद्ध जैसे हालात को 'न्योता देने' के समान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
गौरतलब है कि ज़ेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ किरिलो बुदानोव ने भी सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट किया जिसमें उन्होंने बारूदी सुरंग की एक घटना का जिक्र करते हुए लिखा: 'स्थिति दिन-ब-दिन और तनावपूर्ण होती जा रही है और यह केवल समय की बात है कि कोई उकसाने वाली घटना न घट जाए, जिससे अनियंत्रित परिणाम सामने आएं।'
संभावित 'अतिरिक्त उपाय' क्या हो सकते हैं
दक्षिण कोरियाई सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राष्ट्रपति ली द्वारा चेतावनी दिए गए 'अतिरिक्त उपायों' में यूक्रेन में तैनात दक्षिण कोरियाई राजदूत पार्क की-चांग को विरोध-स्वरूप वापस बुलाना शामिल हो सकता है। यह कदम राजनयिक दृष्टिकोण से अत्यंत गंभीर माना जाएगा।
राष्ट्रपति ली ने अपने बयान में जोड़ा: 'यह दक्षिण कोरियाई लोगों और देश की गरिमा से जुड़ा मामला है, इसलिए मैं इस पर चुप नहीं रह सकता।' यह टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और देश के सम्मान दोनों को दाँव पर लगा देने वाली स्थिति को रेखांकित करती है।
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरियाई सैनिकों की कथित भागीदारी का मुद्दा पहले से ही अंतरराष्ट्रीय चर्चा में है। दक्षिण कोरिया के लिए उत्तर कोरियाई POW का स्थानांतरण एक संवेदनशील मामला है, क्योंकि यह सीधे कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा स्थिति और अंतर-कोरियाई संबंधों को प्रभावित करता है। आलोचकों का कहना है कि यूक्रेन और दक्षिण कोरिया के बीच यह राजनयिक दरार ऐसे समय में और भी जटिल है जब पश्चिमी देश रूस के खिलाफ एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का अगला अध्याय इस बात पर निर्भर करेगा कि कीव सोल की माफी की माँग पर क्या प्रतिक्रिया देता है — और क्या दोनों देश राजनयिक रास्ते से इस गतिरोध को सुलझा पाते हैं।