28 जून 2026
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अपहृत दक्षिण कोरियाई नागरिकों की वापसी के लिए उत्तर कोरिया से संवाद को तैयार राष्ट्रपति ली जे म्युंग

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अपहृत दक्षिण कोरियाई नागरिकों की वापसी के लिए उत्तर कोरिया से संवाद को तैयार राष्ट्रपति ली जे म्युंग

सारांश

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 70 साल पुराने अपहरण मुद्दे को संवाद से सुलझाने का संकल्प लिया — साथ ही एकीकरण मंत्री ने परमाणु वार्ता में तीन-चरणीय व्यावहारिक रास्ते का प्रस्ताव रखा। यह सोल की कूटनीतिक रणनीति में एक स्पष्ट बदलाव है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 28 जून 2026 को पाजू में आयोजित स्मृति दिवस पर उत्तर कोरिया से संवाद के जरिए अपहृत नागरिकों का मुद्दा सुलझाने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम में करीब 300 लोग शामिल हुए — अपहृत नागरिकों के परिवार, उप एकीकरण मंत्री किम नाम-जुंग और संबंधित एजेंसियों के अधिकारी।
यह स्मृति दिवस 2024 में कानून के तहत स्थापित होने के बाद दूसरी बार मनाया गया।
एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने परमाणु मुद्दे के लिए तीन-चरणीय समाधान — रोकना, कम करना, निरस्त्रीकरण — का प्रस्ताव रखा।
चुंग ने 2018 के सिंगापुर शिखर सम्मेलन की तर्ज पर अमेरिका-उत्तर कोरिया वार्ता की बहाली और चार-पक्षीय संवाद का आह्वान किया।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 28 जून 2026 को स्पष्ट किया कि उनकी सरकार 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया द्वारा अपहृत दक्षिण कोरियाई नागरिकों के दशकों पुराने मामले को बातचीत और सहयोग के माध्यम से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह घोषणा सोल के उत्तर में स्थित पाजू में आयोजित कोरियाई युद्ध अपहृत नागरिक स्मृति दिवस कार्यक्रम में की गई।

स्मृति दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति का संदेश

पाजू में आयोजित इस कार्यक्रम में उप एकीकरण मंत्री किम नाम-जुंग ने राष्ट्रपति ली का संदेश पढ़ते हुए कहा, 'सरकार अपहृत नागरिकों के मुद्दे को इतिहास में दबने नहीं देगी।' कार्यक्रम में उप एकीकरण मंत्री, अपहृत नागरिकों के परिवारों और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों समेत करीब 300 लोग शामिल हुए।

राष्ट्रपति ली ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर कोरिया में 70 वर्षों से अधिक समय से रह रहे अपहृत नागरिकों के परिवारों की पीड़ा को समझा जा सकता है। उन्होंने उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच जारी 'शत्रुता और टकराव' को 'शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व' में बदलने की प्रतिबद्धता भी जताई।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम 2024 के अंत में कानून के तहत 28 जून को वार्षिक रूप से मनाए जाने वाले स्मृति दिवस की स्थापना के बाद दूसरी बार आयोजित किया गया।

परमाणु नीति पर एकीकरण मंत्री का बड़ा बयान

इससे पहले शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे के समाधान के लिए केवल परमाणु निरस्त्रीकरण को एकमात्र शर्त मानने वाले दृष्टिकोण में बदलाव की बात कही। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले तीन दशकों में परमाणु वार्ता में प्रगति न होने के कारण उत्तर कोरिया को अपनी परमाणु और हथियार क्षमताएँ बढ़ाने का अवसर मिला।

चुंग ने चरणबद्ध और व्यावहारिक समाधान का प्रस्ताव रखा — पहले परमाणु कार्यक्रम को रोकना, फिर उसे कम करना और अंत में निरस्त्रीकरण करना। उन्होंने कहा, 'शांति व्यवस्था की चर्चा केवल उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे के समाधान के बाद ही हो सकती है, इस पुरानी सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है।'

अमेरिका-उत्तर कोरिया वार्ता और चार-पक्षीय संवाद का प्रस्ताव

चुंग ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया की शुरुआत अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत से होनी चाहिए। उन्होंने 2018 के सिंगापुर शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों को आपसी शत्रुता समाप्त करने और नए संबंध स्थापित करने के लिए वार्ता फिर शुरू करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका-उत्तर कोरिया संवाद की बहाली से अमेरिका, चीन और दोनों कोरियाई देशों के बीच चार-पक्षीय वार्ता का रास्ता खुल सकता है, जो कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति स्थापित करने में सहायक होगी।

ऐतिहासिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव के बीच दक्षिण कोरिया की नई सरकार कूटनीतिक लचीलेपन के संकेत दे रही है। अपहृत नागरिकों का मुद्दा दशकों से दोनों देशों के बीच एक संवेदनशील मानवीय प्रश्न बना हुआ है। राष्ट्रपति ली की यह पहल संकेत देती है कि सोल अब इस मामले में केवल प्रतीकात्मक स्वीकृति नहीं, बल्कि व्यावहारिक कूटनीतिक प्रगति चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि प्योंगयांग इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है — क्योंकि उत्तर कोरिया ने अतीत में अपहरण के मामलों को 'सुलझा हुआ' बताकर खारिज किया है। एकीकरण मंत्री चुंग का तीन-चरणीय परमाणु प्रस्ताव व्यावहारिक लगता है, परंतु यह तभी कारगर होगा जब वाशिंगटन और बीजिंग दोनों एक साझा मंच पर आएँ। तीन दशकों की विफल वार्ताओं के बाद, इस बार की कूटनीतिक पहल में ठोस सत्यापन तंत्र और पारस्परिक विश्वास-निर्माण कदमों के बिना केवल इरादे काफी नहीं होंगे।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरियाई अपहृत नागरिकों का मुद्दा क्या है?
1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया द्वारा बड़ी संख्या में दक्षिण कोरियाई नागरिकों को अपहृत किया गया था, जो तब से उत्तर कोरिया में हैं। यह मुद्दा दोनों देशों के बीच दशकों से एक संवेदनशील मानवीय और राजनीतिक प्रश्न बना हुआ है।
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ली ने 28 जून 2026 को पाजू स्मृति दिवस कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार संवाद और सहयोग के माध्यम से अपहृत नागरिकों के मुद्दे का व्यावहारिक समाधान तलाशेगी और इसे इतिहास में दबने नहीं देगी।
एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग का परमाणु समाधान का प्रस्ताव क्या है?
चुंग ने तीन-चरणीय रोडमैप सुझाया — पहले उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकना, फिर उसे कम करना और अंत में पूर्ण निरस्त्रीकरण। उन्होंने कहा कि केवल निरस्त्रीकरण को एकमात्र शर्त मानने की पुरानी नीति से आगे बढ़ने की जरूरत है।
कोरियाई युद्ध अपहृत नागरिक स्मृति दिवस कब से मनाया जा रहा है?
यह स्मृति दिवस 2024 के अंत में पारित कानून के तहत प्रत्येक वर्ष 28 जून को मनाया जाता है। 28 जून 2026 का कार्यक्रम इस कानूनी स्थापना के बाद दूसरी बार आयोजित हुआ।
दक्षिण कोरिया ने अमेरिका-उत्तर कोरिया वार्ता पर क्या रुख अपनाया है?
एकीकरण मंत्री चुंग ने कहा कि परमाणु मुद्दे के समाधान की प्रक्रिया अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच वार्ता से शुरू होनी चाहिए, जैसा 2018 के सिंगापुर शिखर सम्मेलन में हुआ था। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका, चीन और दोनों कोरियाई देशों के बीच चार-पक्षीय वार्ता का रास्ता खुल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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