12 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजीव चंद्रशेखर की चेतावनी: आरोपी मीडिया मालिक लोकतंत्र के लिए खतरा, रिपोर्टर टीवी पर उठाए सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजीव चंद्रशेखर की चेतावनी: आरोपी मीडिया मालिक लोकतंत्र के लिए खतरा, रिपोर्टर टीवी पर उठाए सवाल

सारांश

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रिपोर्टर टीवी के मालिक पर निशाना साधते हुए कहा — आरोपी व्यक्ति मीडिया को ढाल नहीं बना सकते। ₹126 करोड़ के मेस्सी प्रकरण की पृष्ठभूमि में यह बयान केरल की मीडिया, राजनीति और जवाबदेही की बहस को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने 12 अगस्त को कहा कि आरोपी व्यक्तियों द्वारा मीडिया संगठनों का स्वामित्व लोकतंत्र के लिए खतरा है।
निशाने पर रिपोर्टर टीवी और उसके मालिक — मट्टिल पेड़ काटने के मामले में चल रही कानूनी कार्रवाई का हवाला दिया।
विवाद की जड़ में अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के केरल दौरे से जुड़ी ₹126 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताएँ।
जनीश के अनुसार, गुरुवार की कैबिनेट बैठक में व्यापक जाँच की घोषणा संभव।
चंद्रशेखर ने जाँच एजेंसियों से विवादित फंड के स्रोत उजागर करने और मीडिया में देश-विरोधी ताकतों के प्रभाव पर कार्रवाई की माँग की।

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार, 12 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में कड़े शब्दों में कहा कि कथित आपराधिक मामलों और गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्तियों द्वारा मीडिया संगठनों का स्वामित्व एवं नियंत्रण लोकतंत्र के लिए सीधा खतरा है। उनका यह हमला अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के प्रस्तावित केरल दौरे और मेस्सी प्रकरण से जुड़ी ₹126 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं के विवाद की पृष्ठभूमि में आया।

मुख्य आरोप और संदर्भ

चंद्रशेखर ने विशेष रूप से 'रिपोर्टर टीवी' और उसके मालिकों का नाम लेते हुए कहा कि मट्टिल में पेड़ काटने के मामले में चल रही कानूनी कार्रवाई और चैनल के मालिक से जुड़े आरोपों ने मीडिया संस्थान की विश्वसनीयता एवं जवाबदेही पर वाजिब सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी को महज आरोपी होने के आधार पर दोषी नहीं ठहरा रहे, लेकिन इन सवालों को नज़रअंदाज़ करना भी संभव नहीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्टर टीवी और उसके मालिकों ने बार-बार जवाबदेही से बचने की कोशिश की है। उनके अनुसार, 'प्रेस की आज़ादी' का अर्थ कानून से ऊपर होना नहीं हो सकता — मीडिया संस्थानों और उनके मालिकों को पारदर्शिता के दायरे में रहना ही होगा।

मेस्सी विवाद और वित्तीय सवाल

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद अर्जेंटीना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को केरल लाने के प्रस्ताव से जुड़ी ₹126 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं के इर्द-गिर्द केंद्रित है। चंद्रशेखर ने कहा कि खेल विभाग की अपनी जांच रिपोर्ट ने ही ऐसी परिस्थितियाँ उजागर की हैं, जिनके लिए और गहरी जाँच ज़रूरी है। उन्होंने जाँच एजेंसियों से विवादित फंड के स्रोतों का पता लगाने और उन्हें सार्वजनिक करने की माँग की।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब केरल के खेल मंत्री ओ.जे. जनीश के अनुसार, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की कैबिनेट की गुरुवार को होने वाली बैठक में इस मामले की व्यापक जाँच की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

लोकतंत्र और मीडिया की भूमिका पर चेतावनी

चंद्रशेखर ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और वॉचडॉग के तौर पर काम करने की उम्मीद रखने वाले संगठन जनता का भरोसा तब तक नहीं बनाए रख सकते, जब तक उनके मालिकों पर ही गंभीर आरोप हों। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मीडिया क्षेत्र में देश-विरोधी ताकतों का प्रभाव बढ़ना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

भाजपा नेता एवं विधायक ने जोर देकर कहा कि केरल का मीडिया क्षेत्र राजनीतिक या आर्थिक हितों का माध्यम नहीं बनना चाहिए। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले या गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों को मीडिया संस्थानों का इस्तेमाल ढाल के रूप में नहीं करने देना चाहिए।

आगे क्या होगा

सभी की निगाहें अब गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहाँ मेस्सी प्रकरण की व्यापक जाँच की आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। यह मामला अब केवल फुटबॉल के मैदान तक सीमित नहीं रहा — यह धन, अनुबंध, मीडिया स्वामित्व और सरकारी जवाबदेही के व्यापक सवालों में तब्दील हो चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि भाजपा की यह माँग ऐसे समय में आई है जब मेस्सी विवाद सत्तारूढ़ वाम-समर्थित सरकार के लिए राजनीतिक रूप से असहज है। मीडिया स्वामित्व की जवाबदेही का सवाल वैध है — लेकिन इसे चुनिंदा रूप से केवल विरोधी खेमे के चैनलों पर लागू करने की प्रवृत्ति पूरे देश में सभी दलों में देखी जाती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या कैबिनेट जाँच राजनीतिक दबाव से मुक्त और स्वतंत्र होगी, या यह भी उसी लंबी सूची में जुड़ेगी जहाँ जाँचें शुरू होती हैं और नतीजे नहीं आते।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव चंद्रशेखर ने मीडिया स्वामित्व पर क्या कहा?
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कथित आपराधिक मामलों का सामना कर रहे व्यक्तियों द्वारा मीडिया संगठनों का स्वामित्व लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है। उन्होंने माँग की कि मीडिया मालिकों को भी पारदर्शिता और जवाबदेही के दायरे में रखा जाए।
मेस्सी-केरल विवाद क्या है और इसमें ₹126 करोड़ का मामला कैसे जुड़ा?
अर्जेंटीना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को केरल लाने के प्रस्ताव में ₹126 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। खेल विभाग की जाँच रिपोर्ट में ही ऐसी परिस्थितियाँ उजागर हुईं जिनके लिए और गहरी जाँच ज़रूरी बताई गई है।
रिपोर्टर टीवी पर क्या आरोप हैं?
राजीव चंद्रशेखर ने रिपोर्टर टीवी के मालिक पर मट्टिल में पेड़ काटने के मामले में कानूनी कार्रवाई और अन्य गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि चैनल की विश्वसनीयता और जवाबदेही पर वाजिब सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मालिकों ने जवाबदेही से बचने की कोशिश की है।
केरल कैबिनेट इस मामले में क्या कदम उठा सकती है?
खेल मंत्री ओ.जे. जनीश के अनुसार, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में मेस्सी प्रकरण की व्यापक जाँच की आधिकारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
क्या प्रेस की आज़ादी और मीडिया मालिकों की जवाबदेही एक साथ चल सकती है?
चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि प्रेस की आज़ादी का अर्थ कानून से ऊपर होना नहीं है। उनके अनुसार, मीडिया संस्थान और उनके मालिक दोनों पारदर्शिता के दायरे में आते हैं — स्वतंत्रता और जवाबदेही परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 घंटे पहले
  2. कल
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले