मेसी के केरल दौरे का विवादास्पद समझौता जांच के घेरे में, सीएम सतीशन ने जीएसटी उल्लंघन की आशंका जताई
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने गुरुवार, 13 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में स्पष्ट किया कि अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (एफए) के साथ किए गए विवादास्पद समझौते की गहन जांच जारी है। यह समझौता 2025 में फुटबॉल महानायक लियोनेल मेसी के प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़ा था। शुरुआती जांच रिपोर्ट में गंभीर प्रक्रियागत खामियाँ और संभावित जीएसटी उल्लंघन सामने आए हैं।
समझौते में क्या अनियमितताएँ मिलीं
मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि यह समझौता बिना 'एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट' आमंत्रित किए सीधे एक निजी कंपनी को सौंप दिया गया था। राज्य सरकार को भी इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं दी गई, जो प्रशासनिक पारदर्शिता के मानकों के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा, "हम इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं।" सतीशन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जीएसटी उल्लंघन साबित होता है, तो वित्त विभाग सरकारी खजाने को हुए नुकसान की वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
पिछली सरकार पर गंभीर आरोप
शुरुआती रिपोर्ट के हवाले से मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी का यह मुद्दा पिछली सरकार के कार्यकाल में ही उजागर हो गया था, लेकिन उसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। यह आरोप राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे तौर पर पूर्व प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
सरकार यह भी जाँचेगी कि इस पूरे समझौते में राज्य के हितों की समुचित रक्षा हुई थी या नहीं। जहाँ भी जिम्मेदारी तय होगी, वहाँ कार्रवाई की जाएगी।
मेटा विवाद पर सीएम का पलटवार
मुख्यमंत्री सतीशन ने मेटा से जुड़े विवाद पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र माँग मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को लेकर थी। उन्होंने उन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अपने खिलाफ आलोचनात्मक पोस्ट हटवाने के लिए मेटा से संपर्क किया।
सतीशन ने पलटवार करते हुए कहा, "वामपंथी नेताओं ने एक बड़े टीवी चैनल को मेरा इंटरव्यू हटवाने के लिए मेटा को लिखा और अब वही आरोप मुझ पर लगा रहे हैं — यह पूरी तरह निराधार है।" उन्होंने यह भी कहा कि वह मेटा को पत्र लिखकर अपने बारे में हटाई गई पोस्ट बहाल कराने के लिए तैयार हैं और मीडिया संगठनों का भी इस मुद्दे पर साथ देंगे।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
इसी बीच राज्य कैबिनेट ने 2024 की वायनाड आपदा के पीड़ित परिवारों को ₹2 लाख प्रति परिवार की सहायता राशि देने का निर्णय लिया। इस मद में कुल ₹5 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
2025-26 के लिए पीएसयू कर्मचारियों को ओणम बोनस देने के दिशा-निर्देश भी मंजूर किए गए। इसके अलावा, सीएम सतीशन ने घोषणा की कि समुद्र में लापता होने वाले मछुआरों के मामलों से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जल्द जारी की जाएगी।
आगे क्या होगा
जांच के निष्कर्षों के आधार पर राज्य सरकार जीएसटी वसूली और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। मेसी दौरे से जुड़ा यह विवाद केरल में खेल आयोजनों की पारदर्शिता और सरकारी अनुबंध प्रक्रियाओं पर व्यापक बहस को जन्म दे सकता है।