मेसी प्रोजेक्ट विवाद: केरल CM सतीशन ने SIT जांच की सिफारिश, ED पहले से ₹126 करोड़ ट्रांसफर की जांच में
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को विवादित मेसी प्रोजेक्ट की व्यापक जांच के आदेश दिए — यह वही प्रयास था जिसमें फुटबॉल महानायक लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना फुटबॉल टीम को केरल लाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने इस पूरे मामले की शुरुआत से अंत तक जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की सिफारिश की है, और फाइल गृह विभाग को भेज दी गई है।
SIT का दायरा और संरचना
सूत्रों के अनुसार, जांच की कमान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंपे जाने की संभावना है। SIT का दायरा व्यापक रखा गया है — इसमें प्रस्तावित इवेंट से जुड़े वित्तीय लेन-देन, सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया और उन निर्णयों की जांच शामिल होगी जिन्होंने इस परियोजना का मार्ग प्रशस्त किया।
जांचकर्ताओं के सामने प्रमुख सवाल यह होंगे कि 'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' को प्रायोजक के रूप में किस आधार पर चुना गया, क्या उस निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए कोई अनियमित कदम उठाए गए, और फंड का स्रोत एवं प्रवाह क्या था।
मुख्य घटनाक्रम और जांच के बिंदु
SIT की पड़ताल में कोच्चि स्टेडियम सौंपने की परिस्थितियाँ, सरकारी आदेश और मंजूरियाँ, इवेंट से जुड़े अनुबंध, तथा मेसी एवं अर्जेंटीना टीम को केरल लाने के नाम पर की गई विदेश यात्राएँ भी शामिल होंगी। यह जांच ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले से ही इस प्रोजेक्ट के तहत विदेश में ₹126 करोड़ के कथित ट्रांसफर की विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत जांच कर रहा है।
ED की समानांतर जांच
ED विदेशी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनियों को किए गए कथित भुगतान में विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है। एजेंसी बैंक रिकॉर्ड, समझौतों और इसमें शामिल संस्थाओं की पड़ताल कर रही है। GST विभाग और तत्कालीन खेल विभाग से भी दस्तावेज़ माँगे गए हैं। केरल के बाहर की उन निजी प्रायोजकों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और वित्तीय एजेंसियों की भूमिका की भी जांच हो रही है जिन्होंने कथित तौर पर 'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' को फंड दिया था।
राज्य की नई SIT जांच FEMA के दायरे से आगे जाने की उम्मीद है, जिससे जांचकर्ताओं को सरकारी फाइलों, बैंक लेन-देन, अनुबंधों और निर्णय प्रक्रिया की पूरी पड़ताल करने की स्वतंत्रता मिलेगी। हवाला लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के आरोप भी इस व्यापक जांच का हिस्सा बताए जा रहे हैं, हालांकि ये अभी प्रारंभिक आरोप हैं और इनकी पुष्टि होनी शेष है।
विजिलेंस और राजनीतिक पृष्ठभूमि
केरल विजिलेंस डिपार्टमेंट भी कथित वित्तीय अनियमितताओं और 'रिपोर्टर टीवी' तथा प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच करने वाला है। गौरतलब है कि यह परियोजना पूर्ववर्ती पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल में एक बड़े खेल आयोजन के रूप में शुरू हुई थी और अब एक व्यापक वित्तीय एवं प्रशासनिक विवाद में तब्दील हो चुकी है।
अब कई एजेंसियाँ एक साथ यह जानने में जुटी हैं कि मेसी को लाने का यह सपना कैसे देखा गया, इसके लिए फंड कैसे जुटाया गया और आखिरकार यह योजना कैसे विफल हो गई। आने वाले हफ्तों में SIT के गठन और उसकी कार्यप्रणाली पर सबकी नज़र टिकी रहेगी।