28 अगस्त 2026
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मेसी केरल प्रोजेक्ट: ईडी ने ₹126 करोड़ के विदेशी ट्रांसफर की फेमा जांच शुरू की

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मेसी केरल प्रोजेक्ट: ईडी ने ₹126 करोड़ के विदेशी ट्रांसफर की फेमा जांच शुरू की

सारांश

मेसी का केरल दौरा कभी हुआ नहीं — लेकिन उससे जुड़े ₹126 करोड़ के कथित विदेशी ट्रांसफर ने ईडी को सक्रिय कर दिया है। फेमा उल्लंघन, हवाला और शेल कंपनियों के आरोपों के बीच यह मामला पिनाराई विजयन सरकार की विरासत पर बड़ा सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 अगस्त को मेसी केरल प्रोजेक्ट में फेमा के तहत जांच शुरू की।
जांच का केंद्र ₹126 करोड़ का कथित विदेशी ट्रांसफर और विदेशी मुद्रा नियमों का संभावित उल्लंघन है।
'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' के बैंक रिकॉर्ड और समझौतों की प्रतियाँ ईडी ने जुटाई हैं।
संभावित हवाला लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के इस्तेमाल की भी पड़ताल हो रही है।
केरल विजिलेंस विभाग भी समानांतर जांच करेगा; जीएसटी विभाग और तत्कालीन खेल विभाग से दस्तावेज़ माँगे जा चुके हैं।
मेसी और अर्जेंटीना का प्रस्तावित दौरा कभी नहीं हुआ; परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यकाल में घोषित थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फुटबॉल महानायक लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़े ₹126 करोड़ के कथित विदेशी ट्रांसफर की जांच 28 अगस्त को शुरू कर दी है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत दर्ज इस मामले ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यकाल में घोषित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को एक बार फिर विवादों के केंद्र में ला दिया है।

जांच का दायरा और मुख्य सवाल

ईडी इस बात की पड़ताल कर रही है कि ₹126 करोड़ विदेशी खेल प्रबंधन कंपनियों को हस्तांतरित करते समय विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। जांच के तीन मुख्य बिंदु हैं — धन का स्रोत क्या था, यह रकम विदेश में किन व्यक्तियों या कंपनियों को मिली, और क्या भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ओवरसीज रेमिटेंस नियमों का पालन किया गया।

एजेंसी ने भुगतान से संबंधित दस्तावेज़ जुटाए हैं, जिनमें बैंक रिकॉर्ड और 'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' के साथ हुए समझौतों की प्रतियाँ शामिल हैं। इस कंपनी ने कथित तौर पर मेसी इवेंट के प्रचार-प्रसार में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।

किन एजेंसियों से माँगे गए दस्तावेज़

जीएसटी विभाग और तत्कालीन खेल विभाग से पहले ही रिकॉर्ड तलब किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, ईडी ने राज्य सरकार से भी परियोजना से संबंधित दस्तावेज़ हासिल करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। केरल के बाहर की उन वित्तीय एजेंसियों की भूमिका की भी जांच हो रही है, जिन्होंने कथित तौर पर 'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' को धन उपलब्ध कराया था।

निजी प्रायोजकों और कॉर्पोरेट कंपनियों के वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में हैं, जिन्होंने कथित तौर पर इस आयोजन के लिए पैसे दिए थे। एजेंसी संभावित हवाला लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के इस्तेमाल के आरोपों की भी पड़ताल कर रही है — हालाँकि जांच के शुरुआती चरण में ये सभी आरोप अभी अप्रमाणित हैं।

विजिलेंस जांच का विस्तार

केरल विजिलेंस विभाग भी इस परियोजना से जुड़े लेन-देन और इसमें शामिल व्यक्तियों की भूमिका की अलग से जांच करने वाला है। राज्य सरकार ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और इस परियोजना में 'रिपोर्टर टीवी' तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विजिलेंस जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। दोनों एजेंसियों की समानांतर जांच से इस मामले का दायरा और व्यापक हो गया है।

मेसी प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि

इस परियोजना को केरल की खेल महत्वाकांक्षाओं को नई ऊँचाई देने के उद्देश्य से पेश किया गया था और इसने फुटबॉल प्रेमियों में भारी उत्साह जगाया था। यह ऐसे समय में आया था जब केरल खुद को भारत की फुटबॉल राजधानी के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा था। गौरतलब है कि मेसी और अर्जेंटीना की टीम का यह प्रस्तावित दौरा कभी हो ही नहीं पाया, और अब इस परियोजना से जुड़े वित्तीय लेन-देन जांच का विषय बन गए हैं।

आगे क्या होगा

जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। ईडी और विजिलेंस विभाग की समानांतर जांच के नतीजे यह तय करेंगे कि इस परियोजना में वास्तव में कोई वित्तीय अनियमितता हुई थी या नहीं। इस मामले में आने वाले हफ्तों में नए खुलासे संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिना रेगुलेटरी मंजूरी के भुगतान के आरोप और एक मीडिया कंपनी की केंद्रीय भूमिका — ये सब मिलकर एक जटिल तस्वीर बनाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या विजिलेंस और ईडी की समानांतर जांच राजनीतिक दबाव से स्वतंत्र रहकर जवाबदेही तय कर पाएगी, या यह भी उन मामलों की सूची में जुड़ जाएगा जहाँ फाइलें भारी होती हैं पर नतीजे हल्के।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेसी केरल प्रोजेक्ट में ईडी की जांच किस बारे में है?
ईडी फेमा के तहत ₹126 करोड़ के कथित विदेशी ट्रांसफर की जांच कर रही है, जो मेसी और अर्जेंटीना की टीम के प्रस्तावित केरल दौरे के आयोजन के सिलसिले में विदेशी खेल प्रबंधन कंपनियों को किए गए बताए जाते हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि RBI के ओवरसीज रेमिटेंस नियमों का पालन हुआ या नहीं।
रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी की इस मामले में क्या भूमिका है?
'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' ने कथित तौर पर मेसी इवेंट के प्रचार में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। ईडी ने इस कंपनी के बैंक रिकॉर्ड और समझौतों की प्रतियाँ जुटाई हैं, और केरल के बाहर की उन वित्तीय एजेंसियों की भी जांच हो रही है जिन्होंने कथित तौर पर इस कंपनी को धन उपलब्ध कराया था।
क्या मेसी का केरल दौरा हुआ था?
नहीं, मेसी और अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम का प्रस्तावित केरल दौरा कभी नहीं हो पाया। यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यकाल में घोषित की गई थी और इसने फुटबॉल प्रेमियों में भारी उत्साह जगाया था, लेकिन दौरा रद्द हो गया।
इस मामले में और कौन-सी एजेंसियाँ जांच कर रही हैं?
ईडी के अलावा केरल विजिलेंस विभाग भी इस परियोजना से जुड़े लेन-देन और 'रिपोर्टर टीवी' तथा अधिकारियों की भूमिका की अलग जांच करने वाला है। जीएसटी विभाग और तत्कालीन खेल विभाग से भी दस्तावेज़ तलब किए जा चुके हैं।
फेमा उल्लंघन में क्या-क्या आरोप शामिल हैं?
आरोप है कि विदेशी कंपनियों को जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी के बिना भुगतान किए गए और RBI के ओवरसीज रेमिटेंस नियमों का पालन नहीं हुआ। इसके अलावा संभावित हवाला लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के इस्तेमाल के आरोपों की भी पड़ताल हो रही है, हालाँकि जांच के शुरुआती चरण में ये सभी अभी अप्रमाणित हैं।
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