केरल में ईडी टीम पर हमला: तिरुवनंतपुरम में एफआईआर दर्ज, पूर्व CM विजयन के घर रेड के बाद 300 पर शक
सारांश
मुख्य बातें
तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम थाने में 27 मई 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है — यह कार्रवाई केरल में ईडी टीम पर हुए उस हमले के बाद हुई, जो कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान हुआ था। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सार्वजनिक संपत्ति को क्षति निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई है।
हमले का घटनाक्रम
बुधवार को ईडी की कोच्चि जोन टीम ने केरल और बेंगलुरु में कुल 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें कोट्टायम, एर्नाकुलम, कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु के परिसर शामिल थे। तिरुवनंतपुरम में वीणा और पिनाराई विजयन के आवास पर कार्रवाई पूरी होने के बाद जब ईडी टीम वहाँ से निकल रही थी, तभी भीड़ ने हमला बोल दिया।
एजेंसी के अनुसार, हमलावरों ने ईडी की गाड़ियों पर ईंट और लोहे की रॉड से हमला किया। इस हिंसा में एक ड्राइवर की आँख में चोट आई। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर की शिकायत के आधार पर केरल पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पीड़ित और संदिग्धों की संख्या
एफआईआर के मुताबिक, इस हमले में सिर्फ ईडी अधिकारी ही नहीं, बल्कि केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और केरल पुलिस के जवान भी पीड़ित बने। जाँच एजेंसियों का कहना है कि हमले में शामिल करीब 300 लोगों की पहचान की जा सकती है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों को चिह्नित करने में जुटी है।
छापेमारी में क्या मिला
छापेमारी के दौरान अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और बैंक एफडी बरामद की गईं। ईडी ने करीब 242 बैंक खातों में मौजूद ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए हैं। एजेंसी का दावा है कि जाँच में कई महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं, जिनकी पड़ताल जारी है।
केरल की राजनीति पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब केरल में सत्तारूढ़ वाम दलों और केंद्रीय जाँच एजेंसियों के बीच तनाव पहले से ही चर्चा में है। गौरतलब है कि सीएमआरएल मामले में ईडी की जाँच पहले से चल रही थी और बुधवार की छापेमारी उसी की कड़ी थी। इस पूरे घटनाक्रम ने केरल की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।
आगे क्या होगा
पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर गिरफ्तारियाँ शुरू कर सकती है। ईडी की जाँच सीएमआरएल और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित रहेगी। यह मामला अब अदालत तक पहुँचने की संभावना है, और आने वाले दिनों में राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज़ होने के आसार हैं।