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ईडी की बड़ी छापेमारी: पूर्व CM पिनाराई विजयन की बेटी वीणा से जुड़े 10 ठिकानों पर कार्रवाई, ₹18.36 करोड़ फ्रीज

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ईडी की बड़ी छापेमारी: पूर्व CM पिनाराई विजयन की बेटी वीणा से जुड़े 10 ठिकानों पर कार्रवाई, ₹18.36 करोड़ फ्रीज

सारांश

ईडी ने केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन की बेटी वीणा की कंपनी समेत सीएमआरएल से जुड़े 10 ठिकानों पर छापा मारा। ₹18.36 करोड़ फ्रीज, ₹182 करोड़ के फर्जी खर्च के आरोप और छापेमारी के दौरान ईडी टीम पर हमला — यह मामला केरल की राजनीति को हिला सकता है।

मुख्य बातें

ईडी ने 27 मई 2026 को केरल और बेंगलुरु में 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
पूर्व CM पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस को बिना सेवा दिए ₹2.78 करोड़ का कथित भुगतान।
ईडी ने 242 बैंक खातों में ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए।
एसएफआईओ ने 15 वर्षों में ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च और रिश्वत के आरोप लगाए हैं।
केरल उच्च न्यायालय ने 26 मई 2026 को सीएमआरएल की याचिका खारिज कर पीएमएलए जांच को वैध ठहराया।
तिरुवनंतपुरम में ईडी टीम पर हमला ; एक ड्राइवर घायल, एफआईआर दर्ज।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोच्चि जोन टीम ने बुधवार, 27 मई 2026 को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनकी कंपनी से जुड़े ठिकानों सहित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के निदेशकों के परिसरों पर एक साथ छापेमारी की। केरल और बेंगलुरु में कुल 10 स्थानों पर हुई इस कार्रवाई में एजेंसी ने 242 बैंक खातों में जमा ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए हैं।

किन-किन ठिकानों पर हुई छापेमारी

ईडी की टीमों ने कोट्टायम, एर्नाकुलम, कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु के परिसरों को एक साथ खंगाला। तिरुवनंतपुरम में वीणा विजयन और पिनाराई विजयन के आवास पर भी कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान एजेंसी को कई अहम दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, निवेश रिकॉर्ड और बैंक एफडी मिले हैं।

मामले की पृष्ठभूमि: 2019 से शुरू हुई जांच

यह मामला पहली बार 2019 में तब सामने आया जब आयकर विभाग ने सीएमआरएल पर छापा मारकर करीब ₹130 करोड़ के फर्जी खर्च का पता लगाया। कंपनी ने बाद में इन फर्जी खर्चों को आयकर निपटान आयोग (आईटीएससी) के समक्ष स्वीकार किया। आईटीएससी की रिपोर्ट में कथित रिश्वत और कंपनी अधिकारियों की स्वीकारोक्ति का उल्लेख था।

इसके बाद गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने जांच शुरू की और उसके आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया। सीएमआरएल ने इसे केरल उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन 26 मई 2026 को उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पीएमएलए जांच वैध है और इसके लिए प्रारंभिक अपराध का होना अनिवार्य नहीं है।

एसएफआईओ के आरोप और वित्तीय अनियमितताएँ

एसएफआईओ ने 3 अप्रैल 2025 को एर्नाकुलम की अदालत में कंपनी के प्रबंध निदेशक एस.एन. ससीधरन कार्था समेत 13 लोगों के खिलाफ कॉर्पोरेट धोखाधड़ी का अभियोजन दाखिल किया। जांच में सामने आया कि 2015-16 से 2022-23 के बीच ससीधरन कार्था और उनके बेटे ने करीब ₹30.63 करोड़ का पारिश्रमिक लिया, जबकि इस दौरान कंपनी ने कोई लाभांश नहीं दिया। एसएफआईओ ने 15 वर्षों में ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च और रिश्वत के आरोपों का भी खुलासा किया।

गौरतलब है कि सीएमआरएल एक सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी है, जिसमें आम निवेशकों की 48.75% हिस्सेदारी है और केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) की 13.41% हिस्सेदारी है — यानी सार्वजनिक धन भी इस कंपनी में लगा है।

वीणा की कंपनी पर आरोप

ईडी के अनुसार, वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया गया, जबकि कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई। इसके अतिरिक्त, सीएमआरएल से जुड़ी कंपनी एम्पॉवर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने एक्सालाजिक को ₹50 लाख का कर्ज भी दिया था।

ईडी टीम पर हमला और एफआईआर

तिरुवनंतपुरम में छापेमारी के दौरान ईडी की टीम पर हमला हुआ। एजेंसी का आरोप है कि कुछ लोगों ने ईंट और लोहे की रॉड से टीम की गाड़ियों पर हमला किया, जिसमें एक ड्राइवर की आँख में चोट आई। ईडी ने इस संबंध में तिरुवनंतपुरम पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।

आगे की जांच

ईडी ने स्पष्ट किया है कि सीएमआरएल से कथित रिश्वत या धन लेने वाले अन्य व्यक्तियों की भी जांच जारी रहेगी। एजेंसी का लक्ष्य पूरे मनी ट्रेल और अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाना है। यह मामला केरल की राजनीति में एक बड़े विवाद का रूप ले सकता है, क्योंकि इसमें राज्य के एक प्रमुख पूर्व राजनेता के परिवार का नाम जुड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या मनी ट्रेल सीधे राजनीतिक संरक्षण तक जाता है, या यह कॉर्पोरेट कुप्रबंधन तक सीमित रहता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने वीणा विजयन से जुड़े ठिकानों पर छापा क्यों मारा?
ईडी ने पीएमएलए के तहत सीएमआरएल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह कार्रवाई की। वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस को बिना वास्तविक सेवा के ₹2.78 करोड़ का कथित भुगतान किया गया था, जो जांच का केंद्र है।
सीएमआरएल मामला क्या है और यह कब शुरू हुआ?
यह मामला 2019 में शुरू हुआ जब आयकर विभाग ने सीएमआरएल पर छापा मारकर ₹130 करोड़ के फर्जी खर्च का पता लगाया। बाद में एसएफआईओ ने 15 वर्षों में ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च और रिश्वत के आरोप लगाए, और ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया।
केरल उच्च न्यायालय ने सीएमआरएल की याचिका पर क्या फैसला दिया?
केरल उच्च न्यायालय ने 26 मई 2026 को सीएमआरएल की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि पीएमएलए के तहत जांच वैध है और इसके लिए किसी प्रारंभिक अपराध का होना अनिवार्य नहीं है।
ईडी टीम पर हमले की क्या जानकारी है?
तिरुवनंतपुरम में वीणा विजयन और पिनाराई विजयन के आवास पर छापेमारी के दौरान ईडी की टीम पर कुछ लोगों ने ईंट और लोहे की रॉड से हमला किया। इस हमले में एक ड्राइवर की आँख में चोट आई और ईडी ने तिरुवनंतपुरम पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
एसएफआईओ ने 3 अप्रैल 2025 को एमडी ससीधरन कार्था समेत 13 लोगों के खिलाफ अभियोजन दाखिल किया। ईडी ने 27 मई 2026 को 10 ठिकानों पर छापेमारी कर 242 खातों में ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए और जांच आगे जारी रखने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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