13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वीणा विजयन-ईडी मामले में माकपा पर दोहरे मापदंड का आरोप, बिनीश प्रकरण से उठ रहे सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वीणा विजयन-ईडी मामले में माकपा पर दोहरे मापदंड का आरोप, बिनीश प्रकरण से उठ रहे सवाल

सारांश

वीणा विजयन के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी और ₹18.36 करोड़ की फ्रीजिंग ने केरल की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। 2020 में बिनीश कोडियरी मामले में माकपा के संयमित रुख और अब के आक्रामक बचाव की तुलना ने पार्टी पर दोहरे मापदंड के आरोपों को हवा दे दी है।

मुख्य बातें

ईडी ने वीणा विजयन और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े 242 बैंक खातों में ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए।
केरल और बेंगलुरु में समन्वित छापेमारी में डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल फोन जब्त।
2020 में बिनीश कोडियरी मामले में पिनराई विजयन ने संयमित रुख अपनाया था; अब पार्टी ने ईडी के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला बोला।
सीपीआई(एम) राज्य सचिव एम.वी.
गोविंदन ने ईडी कार्रवाई को 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताया।
बिनीश कोडियरी को 2023 में कर्नाटक उच्च न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद उनकी पार्टी सदस्यता अभी तक बहाल नहीं हुई।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष नेता पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा विजयन तथा उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े सीएमआरएल वित्तीय लेनदेन मामले में जांच तेज कर दी है। केरल और बेंगलुरु में समन्वित छापेमारी के बाद अब राज्य की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है — विपक्ष और आलोचक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) पर नेताओं के परिजनों से जुड़े मामलों में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।

ईडी की कार्रवाई: क्या-क्या हुआ

ईडी ने इस मामले में 242 बैंक खातों में जमा लगभग ₹18.36 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी है। इसके अलावा डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और वीणा विजयन का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। छापेमारी केरल और बेंगलुरु में एक साथ की गई।

यह जांच सीएमआरएल और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। अधिकारियों के अनुसार, ईडी की टीमें वीणा विजयन के आवास तक भी पहुंचीं।

2020 का बिनीश प्रकरण: जब माकपा ने अलग रुख अपनाया था

विवाद की जड़ वर्ष 2020 के उस मामले से जुड़ी है, जब ईडी ने दिवंगत सीपीआई(एम) नेता कोडियरी बालकृष्णन के बेटे बिनीश कोडियरी के खिलाफ जांच की थी। उस समय कोडियरी बालकृष्णन ने सार्वजनिक रूप से खुद और पार्टी को मामले से अलग करते हुए कहा था कि यदि उनके बेटे ने कोई गलत काम किया है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी उस समय संयमित रुख अपनाया था और कहा था कि जांच एजेंसी के पास क्या सबूत हैं, यह जाने बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।

माकपा का बदला रुख और राजनीतिक हमला

आलोचकों का कहना है कि अब जब ईडी की जांच पिनराई विजयन के परिवार तक पहुंची है, तो सीपीआई(एम) का रवैया पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। वीणा विजयन के ठिकानों पर छापेमारी के कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, आपात बैठकें बुलाई गईं और शीर्ष नेताओं ने जांच एजेंसी के खिलाफ तीखा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया।

सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह पिनराई विजयन और पार्टी को कमजोर करने की अंतिम कोशिश है।

बिनीश कोडियरी का प्रदर्शन में शामिल होना

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब बिनीश कोडियरी स्वयं ईडी की कार्रवाई के विरोध में पिनराई विजयन के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नजर आए। उन्होंने कहा, 'पिनराई विजयन का परिवार भी मेरा पार्टी परिवार है। यह सोचने का समय नहीं है कि मेरे मुश्किल दौर में किसने क्या प्रतिक्रिया दी थी।'

गौरतलब है कि बिनीश कोडियरी को वर्ष 2023 में कर्नाटक उच्च न्यायालय से राहत मिल गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी सीपीआई(एम) सदस्यता बहाल करने की मांग को राज्य नेतृत्व ने अब तक स्वीकार नहीं किया है। आलोचकों का कहना है कि यही तथ्य पार्टी के दोहरे मापदंड के आरोपों को और पुष्ट करता है।

आगे क्या होगा

ईडी की जांच अभी जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है। यह मामला 28 मई 2025 के बाद से केरल की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है। सीपीआई(एम) और विपक्ष दोनों के रुख पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह पार्टी के लिए वैचारिक संकट से कम नहीं है — क्योंकि 'कानून सबके लिए बराबर' का नारा खुद उसी की जुबान से निकला था। बिनीश कोडियरी को न्यायालय से राहत मिलने के बाद भी सदस्यता न लौटाना और वीणा विजयन मामले में तत्काल सड़क पर उतरना — यह दोनों तथ्य एक साथ टिकते नहीं। असली सवाल यह है कि क्या माकपा जांच-एजेंसियों की राजनीतिक दुरुपयोग की आलोचना तब ही करती है जब निशाना उसके अपने पर हो। केरल की जनता इस फर्क को महसूस कर रही है, और यह मामला पार्टी की विश्वसनीयता के लिए दीर्घकालिक चुनौती बन सकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीणा विजयन-ईडी मामला क्या है?
यह मामला पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा विजयन और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस तथा सीएमआरएल के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। ईडी ने केरल और बेंगलुरु में छापेमारी कर 242 बैंक खातों में ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए हैं।
माकपा पर दोहरे मापदंड का आरोप क्यों लग रहा है?
2020 में बिनीश कोडियरी मामले में पिनराई विजयन सहित पार्टी नेतृत्व ने संयमित रुख अपनाया था और कहा था कि गलत काम साबित हो तो सजा मिले। अब वीणा विजयन मामले में पार्टी ने तत्काल आक्रामक बचाव किया, जिससे आलोचकों ने दोहरे मापदंड का आरोप लगाया है।
बिनीश कोडियरी की पार्टी सदस्यता अब तक क्यों बहाल नहीं हुई?
बिनीश कोडियरी को 2023 में कर्नाटक उच्च न्यायालय से राहत मिल गई थी, लेकिन सीपीआई(एम) राज्य नेतृत्व ने उनकी सदस्यता बहाल करने की मांग अब तक स्वीकार नहीं की है। यही तथ्य पार्टी के खिलाफ दोहरे मापदंड के आरोपों को और बल दे रहा है।
ईडी ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
ईडी ने 242 बैंक खातों में लगभग ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए हैं। इसके अलावा डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और वीणा विजयन का मोबाइल फोन जब्त किया गया है। केरल और बेंगलुरु में एक साथ छापेमारी की गई।
सीपीआई(एम) ने ईडी कार्रवाई पर क्या कहा है?
सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और कहा कि यह पिनराई विजयन व पार्टी को कमजोर करने की कोशिश है। पार्टी कार्यकर्ता छापेमारी के तुरंत बाद विरोध में सड़कों पर उतर आए थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले