वीणा विजयन-ईडी मामले में माकपा पर दोहरे मापदंड का आरोप, बिनीश प्रकरण से उठ रहे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष नेता पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा विजयन तथा उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े सीएमआरएल वित्तीय लेनदेन मामले में जांच तेज कर दी है। केरल और बेंगलुरु में समन्वित छापेमारी के बाद अब राज्य की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है — विपक्ष और आलोचक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) पर नेताओं के परिजनों से जुड़े मामलों में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।
ईडी की कार्रवाई: क्या-क्या हुआ
ईडी ने इस मामले में 242 बैंक खातों में जमा लगभग ₹18.36 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी है। इसके अलावा डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और वीणा विजयन का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। छापेमारी केरल और बेंगलुरु में एक साथ की गई।
यह जांच सीएमआरएल और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। अधिकारियों के अनुसार, ईडी की टीमें वीणा विजयन के आवास तक भी पहुंचीं।
2020 का बिनीश प्रकरण: जब माकपा ने अलग रुख अपनाया था
विवाद की जड़ वर्ष 2020 के उस मामले से जुड़ी है, जब ईडी ने दिवंगत सीपीआई(एम) नेता कोडियरी बालकृष्णन के बेटे बिनीश कोडियरी के खिलाफ जांच की थी। उस समय कोडियरी बालकृष्णन ने सार्वजनिक रूप से खुद और पार्टी को मामले से अलग करते हुए कहा था कि यदि उनके बेटे ने कोई गलत काम किया है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी उस समय संयमित रुख अपनाया था और कहा था कि जांच एजेंसी के पास क्या सबूत हैं, यह जाने बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
माकपा का बदला रुख और राजनीतिक हमला
आलोचकों का कहना है कि अब जब ईडी की जांच पिनराई विजयन के परिवार तक पहुंची है, तो सीपीआई(एम) का रवैया पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। वीणा विजयन के ठिकानों पर छापेमारी के कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, आपात बैठकें बुलाई गईं और शीर्ष नेताओं ने जांच एजेंसी के खिलाफ तीखा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया।
सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह पिनराई विजयन और पार्टी को कमजोर करने की अंतिम कोशिश है।
बिनीश कोडियरी का प्रदर्शन में शामिल होना
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब बिनीश कोडियरी स्वयं ईडी की कार्रवाई के विरोध में पिनराई विजयन के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नजर आए। उन्होंने कहा, 'पिनराई विजयन का परिवार भी मेरा पार्टी परिवार है। यह सोचने का समय नहीं है कि मेरे मुश्किल दौर में किसने क्या प्रतिक्रिया दी थी।'
गौरतलब है कि बिनीश कोडियरी को वर्ष 2023 में कर्नाटक उच्च न्यायालय से राहत मिल गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी सीपीआई(एम) सदस्यता बहाल करने की मांग को राज्य नेतृत्व ने अब तक स्वीकार नहीं किया है। आलोचकों का कहना है कि यही तथ्य पार्टी के दोहरे मापदंड के आरोपों को और पुष्ट करता है।
आगे क्या होगा
ईडी की जांच अभी जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है। यह मामला 28 मई 2025 के बाद से केरल की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है। सीपीआई(एम) और विपक्ष दोनों के रुख पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।