वीणा विजयन पर ईडी का शिकंजा: सीएमआरएल मामले में अग्रिम जमानत की तैयारी, 242 खाते फ्रीज
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच को एक निर्णायक मोड़ पर पहुँचा दिया है, जिससे केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी पुत्री टी. वीणा विजयन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 28 मई 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, ईडी ने इस मामले से जुड़े 242 बैंक खातों में जमा करीब ₹18.36 करोड़ पहले ही फ्रीज कर दिए हैं।
मुख्य आरोप और वित्तीय लेनदेन
जांच के केंद्र में यह आरोप है कि वीणा विजयन और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस ने सीएमआरएल से बिना कोई वैध आईटी या परामर्श सेवा प्रदान किए कुल ₹2.78 करोड़ की राशि प्राप्त की। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) के प्रमुख निष्कर्षों के अनुसार, वीणा को व्यक्तिगत रूप से प्रतिमाह ₹5 लाख और एक्सालॉजिक को अतिरिक्त ₹3 लाख प्रतिमाह मिले। इस प्रकार कुल मासिक भुगतान ₹8 लाख रहा, जो वार्षिक आधार पर ₹96 लाख और कुल मिलाकर ₹2.78 करोड़ बनता है। ये भुगतान जनवरी 2017 से जून 2020 के बीच किए गए — यानी पिनाराई विजयन के मुख्यमंत्री पद संभालने के तुरंत बाद।
एसएफआईओ के निष्कर्ष और जांच का दायरा
एसएफआईओ ने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला है कि वीणा विजयन कोई भी ऐसा दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकीं जिससे यह सिद्ध हो सके कि एक्सालॉजिक ने सीएमआरएल को कोई सेवा दी थी। उल्लेखनीय है कि एक्सालॉजिक उस दौरान घाटे में चल रही थी और अपनी आय के प्राथमिक स्रोत के रूप में लगभग पूरी तरह सीएमआरएल पर निर्भर थी। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जनवरी 2019 में आयकर विभाग के निरीक्षण में ₹1.72 करोड़ के भुगतान का मामला सामने आने के बाद भी सीएमआरएल से वीणा के खातों में धनराशि आती रही।
जांचकर्ताओं ने इस तथ्य को भी रेखांकित किया है कि एक्सालॉजिक के साथ अनुबंध समाप्त होने के बाद सीएमआरएल ने आईटी सेवाओं के लिए एक अन्य कंपनी, एटीएन टेक्नोलॉजीज, के साथ समझौता किया। ईडी इस तथ्य का उपयोग पूर्व के लेनदेन की वैधता पर सवाल उठाने के लिए कर सकती है।
अग्रिम जमानत और ईडी का रुख
सूत्रों के अनुसार, वीणा विजयन संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए शीघ्र ही न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकती हैं। हालाँकि, ईडी अधिकारियों से ऐसी किसी भी याचिका का कड़ा विरोध करने की उम्मीद है। उनका तर्क है कि जांच में सामने आए वित्तीय लेनदेन के स्वरूप को देखते हुए हिरासत में पूछताछ अनिवार्य है। उच्चस्तरीय सूत्रों ने यह भी बताया कि ईडी हिरासत में पूछताछ और संभावित गिरफ्तारी सहित सभी कानूनी विकल्पों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।
राजनीतिक उथल-पुथल और विधानसभा सत्र
इन घटनाक्रमों ने केरल में गहरा राजनीतिक संकट उत्पन्न कर दिया है। यह सब ठीक उस समय हुआ है जब विधानसभा में नव-निर्वाचित यूडीएफ सरकार का नीतिगत संबोधन होने वाला है। 1 जून से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विधानसभा सत्र में यह मुद्दा चर्चाओं पर हावी रहने की संभावना है। सबकी नजरें भाजपा की तीन सदस्यीय विधायी पार्टी और सत्तापक्ष द्वारा विजयन के खिलाफ अपनाए जाने वाले आक्रामक रुख पर टिकी हैं।
इस बीच, पिनाराई विजयन के आवास के बाहर ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमलों के बाद मामले ने एक तीखा मोड़ ले लिया है। इस हिंसा में सीपीआई(एम) के आठ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय एजेंसियाँ अब भविष्य के अभियानों के लिए सीआरपीएफ की तैनाती बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार और गुरुवार को इन घटनाओं पर पूछे गए सवालों पर चुप्पी साधे रखी।
आगे क्या होगा
ईडी अधिकारी केरल और बेंगलुरु में की गई समन्वित छापेमारी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय अभिलेखों का विश्लेषण कर रहे हैं। एसएफआईओ के निष्कर्षों के सार्वजनिक होने और ईडी की जांच के तेज होने के साथ, सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला केरल में हाल के वर्षों की सबसे राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील वित्तीय जांचों में से एक बनता जा रहा है।