वीणा विजयन और सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी ने 10 ठिकानों पर छापे मारे, एफडी व निवेश दस्तावेज जब्त
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27 मई 2026 को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई केरल उच्च न्यायालय द्वारा कंपनी की उस याचिका को खारिज किए जाने के एक दिन बाद हुई, जिसमें कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच को चुनौती दी गई थी। छापेमारी में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी समेत सीएमआरएल के शीर्ष अधिकारियों के परिसर भी शामिल रहे।
कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी
अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान कन्नूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु में चलाया गया। जिन परिसरों की तलाशी ली गई उनमें सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. शशिधरन कर्ता, संयुक्त प्रबंध निदेशक सरन एस. कार्था और वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसर शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान वीणा विजयन तिरुवनंतपुरम स्थित एक आवास पर अपने पिता पिनाराई विजयन के साथ मौजूद थीं।
क्या-क्या जब्त हुआ
छापेमारी के दौरान ईडी ने बैंक एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) और निवेश से जुड़े महत्त्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार इन दस्तावेजों की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच में पड़ताल की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मामले में न्यायिक और जांच एजेंसियों, दोनों की सक्रियता एक साथ बढ़ी है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद जनवरी 2019 में आयकर विभाग द्वारा सीएमआरएल पर की गई छापेमारी से उपजा, जब कंपनी के खातों में कथित तौर पर करीब ₹130 करोड़ के फर्जी खर्च दर्ज होने का मामला सामने आया। बाद में कंपनी ने आयकर निपटान आयोग के समक्ष इन अनियमितताओं को स्वीकार भी किया।
इसके बाद कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के निर्देश पर गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने जांच शुरू की। जांच एजेंसियों का आरोप है कि 15 वर्षों में करीब ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च दिखाए गए और सीएमआरएल ने कार्था परिवार की कंपनियों को परिवहन सेवाओं के नाम पर लगभग ₹91 करोड़ का भुगतान किया।
एसएफआईओ ने यह भी आरोप लगाया कि वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर सीएमआरएल से ₹2.78 करोड़ मिले।
केरल उच्च न्यायालय का फैसला
26 मई 2026 को केरल उच्च न्यायालय ने ईडी जांच को चुनौती देने वाली सीएमआरएल की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि पीएमएलए जांच के शुरुआती चरण में आधारभूत अपराध (प्रेडिकेट ऑफेंस) अनिवार्य नहीं है और एसएफआईओ की शिकायत अब अधिनियम के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आती है। गौरतलब है कि यह फैसला ईडी को जांच जारी रखने की न्यायिक स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।
एसएफआईओ की अभियोजन शिकायत
3 अप्रैल 2025 को एसएफआईओ ने एर्नाकुलम की अतिरिक्त सत्र अदालत-7 में शशिधरन कार्था समेत 12 अन्य लोगों के खिलाफ कथित कॉरपोरेट धोखाधड़ी मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। अब ईडी की ताज़ा छापेमारी इस मामले को एक नया आयाम देती है और आने वाले दिनों में गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।