12 जुलाई 2026
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वीणा विजयन और सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी ने 10 ठिकानों पर छापे मारे, एफडी व निवेश दस्तावेज जब्त

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वीणा विजयन और सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग: ईडी ने 10 ठिकानों पर छापे मारे, एफडी व निवेश दस्तावेज जब्त

सारांश

ईडी की यह छापेमारी महज प्रवर्तन कार्रवाई नहीं — यह केरल के सबसे बड़े राजनीतिक परिवारों में से एक के इर्द-गिर्द कसते शिकंजे का संकेत है। केरल उच्च न्यायालय के फैसले के ठीक अगले दिन हुई इस कार्रवाई में ₹182 करोड़ के कथित फर्जी खर्च और वीणा विजयन की कंपनी को मिले ₹2.78 करोड़ के भुगतान की जांच केंद्र में है।

मुख्य बातें

ईडी ने 27 मई 2026 को सीएमआरएल से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की — कन्नूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु में।
छापे में वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस और सीएमआरएल के एमडी एस.एन.
शशिधरन कर्ता के परिसर शामिल।
जांच एजेंसियों के अनुसार 15 वर्षों में ₹182 करोड़ के कथित फर्जी खर्च और ₹91 करोड़ के संदिग्ध परिवहन भुगतान।
एक्सालाजिक को सीएमआरएल से आईटी कंसल्टेंसी के नाम पर कथित तौर पर ₹2.78 करोड़ मिले।
26 मई 2026 को केरल उच्च न्यायालय ने सीएमआरएल की ईडी जांच-विरोधी याचिका खारिज की।
3 अप्रैल 2025 को एसएफआईओ ने एर्नाकुलम अदालत में 12 लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27 मई 2026 को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई केरल उच्च न्यायालय द्वारा कंपनी की उस याचिका को खारिज किए जाने के एक दिन बाद हुई, जिसमें कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच को चुनौती दी गई थी। छापेमारी में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी समेत सीएमआरएल के शीर्ष अधिकारियों के परिसर भी शामिल रहे।

कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी

अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान कन्नूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु में चलाया गया। जिन परिसरों की तलाशी ली गई उनमें सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. शशिधरन कर्ता, संयुक्त प्रबंध निदेशक सरन एस. कार्था और वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसर शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान वीणा विजयन तिरुवनंतपुरम स्थित एक आवास पर अपने पिता पिनाराई विजयन के साथ मौजूद थीं।

क्या-क्या जब्त हुआ

छापेमारी के दौरान ईडी ने बैंक एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) और निवेश से जुड़े महत्त्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार इन दस्तावेजों की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच में पड़ताल की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मामले में न्यायिक और जांच एजेंसियों, दोनों की सक्रियता एक साथ बढ़ी है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद जनवरी 2019 में आयकर विभाग द्वारा सीएमआरएल पर की गई छापेमारी से उपजा, जब कंपनी के खातों में कथित तौर पर करीब ₹130 करोड़ के फर्जी खर्च दर्ज होने का मामला सामने आया। बाद में कंपनी ने आयकर निपटान आयोग के समक्ष इन अनियमितताओं को स्वीकार भी किया।

इसके बाद कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के निर्देश पर गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने जांच शुरू की। जांच एजेंसियों का आरोप है कि 15 वर्षों में करीब ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च दिखाए गए और सीएमआरएल ने कार्था परिवार की कंपनियों को परिवहन सेवाओं के नाम पर लगभग ₹91 करोड़ का भुगतान किया।

एसएफआईओ ने यह भी आरोप लगाया कि वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर सीएमआरएल से ₹2.78 करोड़ मिले।

केरल उच्च न्यायालय का फैसला

26 मई 2026 को केरल उच्च न्यायालय ने ईडी जांच को चुनौती देने वाली सीएमआरएल की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि पीएमएलए जांच के शुरुआती चरण में आधारभूत अपराध (प्रेडिकेट ऑफेंस) अनिवार्य नहीं है और एसएफआईओ की शिकायत अब अधिनियम के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आती है। गौरतलब है कि यह फैसला ईडी को जांच जारी रखने की न्यायिक स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।

एसएफआईओ की अभियोजन शिकायत

3 अप्रैल 2025 को एसएफआईओ ने एर्नाकुलम की अतिरिक्त सत्र अदालत-7 में शशिधरन कार्था समेत 12 अन्य लोगों के खिलाफ कथित कॉरपोरेट धोखाधड़ी मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। अब ईडी की ताज़ा छापेमारी इस मामले को एक नया आयाम देती है और आने वाले दिनों में गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता में बड़ा है — क्योंकि यह सीधे एक सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेता के परिवार तक जाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ₹182 करोड़ के कथित फर्जी खर्च के बड़े ढाँचे को नज़रअंदाज़ कर देती है, जिसमें कार्था परिवार की कंपनियों को ₹91 करोड़ के परिवहन भुगतान का आरोप भी शामिल है। असली सवाल यह है कि क्या ईडी अब संपत्ति कुर्की की ओर बढ़ेगी — जो इस मामले को चुनावी राजनीति के केंद्र में ला सकती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग मामला क्या है?
कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) पर आरोप है कि कंपनी ने 15 वर्षों में करीब ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च दिखाए और कार्था परिवार की कंपनियों को ₹91 करोड़ के संदिग्ध परिवहन भुगतान किए। जनवरी 2019 में आयकर विभाग की छापेमारी से यह मामला सामने आया था।
वीणा विजयन का इस मामले में क्या संबंध है?
वीणा विजयन केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी हैं और उनकी कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को कथित तौर पर आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर सीएमआरएल से ₹2.78 करोड़ मिले। एसएफआईओ ने इसे अपनी अभियोजन शिकायत में दर्ज किया है।
केरल उच्च न्यायालय ने सीएमआरएल की याचिका क्यों खारिज की?
26 मई 2026 को केरल उच्च न्यायालय ने फैसला दिया कि पीएमएलए जांच के शुरुआती चरण में आधारभूत अपराध (प्रेडिकेट ऑफेंस) अनिवार्य नहीं है। अदालत ने यह भी माना कि एसएफआईओ की शिकायत अब अधिनियम के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आती है, जिससे ईडी की जांच को कानूनी आधार मिला।
एसएफआईओ ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
3 अप्रैल 2025 को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने एर्नाकुलम की अतिरिक्त सत्र अदालत-7 में शशिधरन कार्था समेत 12 लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की। इससे पहले कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के निर्देश पर यह जांच शुरू हुई थी।
ईडी की इस छापेमारी के बाद आगे क्या हो सकता है?
जब्त दस्तावेजों की पीएमएलए के तहत जांच जारी है। केरल उच्च न्यायालय के फैसले और नई जब्ती के बाद संपत्ति कुर्की या गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि ईडी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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