16 जुलाई 2026
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सीएमआरएल ने केरल हाई कोर्ट में ईडी जांच पर रोक की मांग, वीणा विजयन मामले में नया मोड़

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सीएमआरएल ने केरल हाई कोर्ट में ईडी जांच पर रोक की मांग, वीणा विजयन मामले में नया मोड़

सारांश

सीएमआरएल ने केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में ईडी जांच पर रोक माँगी — यह कदम पिनाराई विजयन के आवास पर छापे और सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं द्वारा ईडी वाहनों पर हमले के बाद आया है। वीणा विजयन से जुड़े ₹1.72 करोड़ के इस मामले में अब न्यायिक, राजनीतिक और कानूनी — तीनों मोर्चे एक साथ खुल गए हैं।

मुख्य बातें

कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने 29 मई 2026 को केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच में ईडी की जांच पर तत्काल रोक की माँग की।
याचिका में तर्क दिया गया कि एसएफआईओ पहले से जांच कर रहा है, इसलिए ईडी की समानांतर जांच अवैध है।
कंपनी का यह भी दावा है कि इस मामले पर पीएमएलए के प्रावधान लागू नहीं होते।
यह मामला वीणा विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस द्वारा सीएमआरएल से कथित तौर पर बिना सेवा के ₹1.72 करोड़ लेने से जुड़ा है।
तिरुवनंतपुरम में छापेमारी के बाद सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने ईडी वाहनों पर हमला किया; कई कार्यकर्ता गिरफ्तार।

कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने शुक्रवार, 29 मई 2026 को केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच में याचिका दाखिल कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर तत्काल स्थगन की माँग की। यह कदम विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के आवास और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर ईडी की समन्वित छापेमारी के कुछ ही दिनों बाद उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

सीएमआरएल की यह अपील सिंगल-बेंच के उस हालिया आदेश को चुनौती देती है, जिसमें जस्टिस टी.आर. रवि ने ईडी की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी और कंपनी के अधिकारियों को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया था। उस फैसले के कुछ ही घंटों के भीतर ईडी की टीमों ने तिरुवनंतपुरम में पिनाराई विजयन के किराए के आवास तथा सीएमआरएल के मैनेजिंग डायरेक्टर शशिधरन कार्था समेत शीर्ष अधिकारियों के घरों और कार्यालयों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू कर दिया था।

सीएमआरएल के कानूनी तर्क

कंपनी ने डिवीजन बेंच के समक्ष दो प्रमुख दलीलें रखी हैं। पहला, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) पहले से ही इन्हीं लेन-देनों की विस्तृत जांच कर रहा है, इसलिए ईडी की समानांतर जांच कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। दूसरा, कंपनी का तर्क है कि इन आरोपों पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधान लागू नहीं होते, अतः ईडी के पास इस मामले को आगे बढ़ाने का अधिकार क्षेत्र ही नहीं है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला वीणा विजयन और उनकी कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस से जुड़े उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर सीएमआरएल से ₹1.72 करोड़ बिना कोई सेवा प्रदान किए प्राप्त किए गए थे। वीणा विजयन, पिनाराई विजयन की पुत्री हैं, जो केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विपक्ष के नेता हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में ईडी और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है।

हिंसक विरोध और गिरफ्तारियाँ

छापेमारी के बाद तिरुवनंतपुरम में भारी राजनीतिक हलचल मच गई। कथित तौर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने ईडी के वाहनों पर हमला किया, जिसके बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। अब तक इस हमले के सिलसिले में सीपीआई (एम) के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।

आगे क्या होगा

केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच अब सीएमआरएल की याचिका पर सुनवाई करेगी और तय करेगी कि ईडी की जांच पर अंतरिम रोक लगाई जाए या नहीं। यह फैसला न केवल इस मामले की दिशा, बल्कि एसएफआईओ और ईडी की समानांतर जांच की वैधता पर एक महत्वपूर्ण न्यायिक टिप्पणी भी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि यह मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की परीक्षा भी बन गया है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल ने केरल हाई कोर्ट में क्यों याचिका दाखिल की?
सीएमआरएल ने केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच में याचिका दाखिल कर ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर तत्काल रोक की माँग की है। कंपनी का तर्क है कि एसएफआईओ पहले से इन्हीं लेन-देनों की जांच कर रहा है और पीएमएलए के प्रावधान इस मामले पर लागू नहीं होते।
वीणा विजयन और एक्सालाजिक सॉल्यूशंस का मामला क्या है?
वीणा विजयन, जो विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन की पुत्री हैं, की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस पर कथित तौर पर सीएमआरएल से ₹1.72 करोड़ बिना कोई सेवा प्रदान किए लेने का आरोप है। इसी आरोप के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।
ईडी ने पिनाराई विजयन के आवास पर छापा क्यों मारा?
जस्टिस टी.आर. रवि द्वारा सीएमआरएल अधिकारियों की जांच रद्द करने की याचिका खारिज किए जाने के कुछ ही घंटों बाद ईडी ने तिरुवनंतपुरम में पिनाराई विजयन के किराए के आवास और सीएमआरएल के शीर्ष अधिकारियों के ठिकानों पर समन्वित तलाशी अभियान चलाया। यह छापेमारी वीणा विजयन से जुड़े मामले की जांच के तहत हुई।
सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी किस मामले में हुई?
ईडी की छापेमारी के बाद कथित तौर पर सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने ईडी के वाहनों पर हमला किया और हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। इसी हमले के सिलसिले में अब तक पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच अब सीएमआरएल की याचिका पर सुनवाई करेगी और तय करेगी कि ईडी की जांच पर अंतरिम स्थगन दिया जाए या नहीं। इस फैसले से एसएफआईओ और ईडी की समानांतर जांच की कानूनी वैधता पर भी महत्वपूर्ण न्यायिक टिप्पणी सामने आएगी।
राष्ट्र प्रेस
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