केरल हाई कोर्ट का वीणा विजयन और CMRL को झटका: ईडी जांच पर रोक से इनकार
सारांश
मुख्य बातें
केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार, 2 जून 2025 को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच विवादित वित्तीय लेन-देन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पर तत्काल रोक लगाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। इस फैसले से एक्सालॉजिक की मालिक वीणा विजयन — जो केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की पुत्री हैं — और CMRL को बड़ा कानूनी झटका लगा है। अब ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत जांच आगे बढ़ाने का पूरा कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
पिछले सप्ताह ईडी ने इस मामले में 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर भी तलाशी ली गई थी। इस कार्रवाई के बाद CMRL ने राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। गौरतलब है कि यह मामला CMRL और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जो राज्य की सत्तारूढ़ राजनीति से सीधे तौर पर जुड़ा होने के कारण राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है।
कोर्ट में CMRL की दलीलें
CMRL की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने पैरवी की। उन्होंने दलील दी कि ईडी ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए कंपनी के विरुद्ध कोई एफआईआर दर्ज होने से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी। CMRL की ओर से यह भी तर्क रखा गया कि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) की जांच एक राजनीतिक नेता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठता है।
हाई कोर्ट की तीखी टिप्पणियाँ
ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने पैरवी की। पीठ ने सुनवाई के दौरान सवाल किया कि जांच को उसके स्वाभाविक तरीके से आगे बढ़ने से क्यों रोका जाए। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की कि यदि अंततः कोई गड़बड़ी सिद्ध नहीं होती, तो कंपनी को क्लीन चिट मिल जाएगी। पीठ ने यह भी पूछा कि CMRL एक्सालॉजिक के साथ अपने लेन-देन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने पर आपत्ति क्यों जता रही है — एक सवाल जिसका संतोषजनक जवाब CMRL की ओर से नहीं दिया जा सका।
ईडी की जांच का दायरा
अदालत के इस फैसले के बाद ईडी अब इस मामले में PMLA के तहत समन जारी करने, पूछताछ करने और साक्ष्य एकत्र करने जैसी कार्रवाइयाँ बिना किसी कानूनी बाधा के जारी रख सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में सत्तारूढ़ दल से जुड़े व्यक्तियों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की नज़र लगातार बनी हुई है। CMRL की मूल याचिका अभी भी उच्च न्यायालय में लंबित है और उस पर अंतिम सुनवाई आगे होनी है।
आगे क्या होगा
हाई कोर्ट ने CMRL की याचिका को खारिज नहीं किया है, बल्कि केवल अंतरिम राहत देने से इनकार किया है। याचिका पर अंतिम सुनवाई अभी शेष है। इस बीच ईडी की जांच पूरी गति से चलती रहेगी और मामले से जुड़े लोगों को समन भेजे जाने की संभावना है।