वीणा विजयन ईडी के सामने पेश, एक्सालॉजिक और सीएमआरएल मामले में पूछताछ का दूसरा दौर
सारांश
मुख्य बातें
कोच्चि में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में 25 जून 2026 की सुबह लगभग 9 बजकर 15 मिनट पर केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन पूछताछ के दूसरे दौर के लिए अधिकारियों के सामने पेश हुईं। यह उपस्थिति उनकी अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस और कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के बीच हुई है।
अप्रत्याशित उपस्थिति का घटनाक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, वीणा को मूल रूप से 29 जून को ईडी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था। हालाँकि, वह निर्धारित तिथि से चार दिन पहले गुरुवार की सुबह कार्यालय पहुँचीं। सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि ईडी ने ही वीणा को गुरुवार को पेश होने के लिए कहा था, जिससे इस 'अचानक' उपस्थिति की प्रकृति स्पष्ट होती है।
जांच का दायरा और एसएफआईओ की भूमिका
ईडी की जांच टीम ने इससे पहले सीएमआरएल के शीर्ष अधिकारियों से व्यापक पूछताछ का एक दौर पूरा किया है। सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं को हाल ही में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा एकत्र किए गए दस्तावेज़ और रिकॉर्ड प्राप्त हुए हैं। माना जा रहा है कि अधिकारी वित्तीय लेन-देन, कंपनी के रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज़ और पूछताछ के पिछले दौर में दर्ज बयानों की बारीकी से जाँच कर रहे हैं।
एक्सालॉजिक भुगतान की वैधता पर सवाल
कथित तौर पर जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए भुगतानों का कोई वैध व्यावसायिक औचित्य था या नहीं। यदि नहीं, तो ये भुगतान वित्तीय और मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानूनों के तहत संभावित उल्लंघनों की ओर संकेत कर सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी एसएफआईओ की जांच में पहले से सामने आए निष्कर्षों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह मामला लंबे समय से विपक्षी दलों के लिए एकजुटता का केंद्र रहा है। आलोचकों का कहना है कि विजयन परिवार जांच के दायरे में आए लेन-देन पर पर्याप्त स्पष्टीकरण देने में विफल रहा है। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी पार्टी ने लगातार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार किया है और जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
आगे क्या होगा
वीणा की इस उपस्थिति से आने वाले दिनों में जांच की दिशा और गति को लेकर अटकलें और तेज़ होने की संभावना है। ईडी द्वारा समानांतर जांचों से जुटाई गई नई सामग्री के साथ जांच को तेज़ करने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे इस मामले के राजनीतिक परिणाम और व्यापक हो सकते हैं।