केरल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सीएमआरएल मामले में ईडी जांच को हरी झंडी, पिनाराई विजयन की बेटी से जुड़ा है विवाद
सारांश
मुख्य बातें
केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े वित्तीय लेनदेन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी रखने की अनुमति दे दी। यह मामला केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा थाइकांडियिल की कथित कंपनी को संदिग्ध भुगतान से जुड़ा है और उनके कार्यकाल में केरल की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
न्यायमूर्ति टी.आर. रवि ने सीएमआरएल और उसके चार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें ईडी की जांच और प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं में कंपनी के प्रबंध निदेशक एस.एन. ससीधरन कर्था, मुख्य वित्त अधिकारी के.एस. सुरेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक एन.सी. चंद्रशेखरन और वरिष्ठ अधिकारी अनु रैचल कुरुविला शामिल थे।
विवाद की जड़ क्या है
आरोपों के अनुसार, सीएमआरएल ने एक्सलोगिक सोलूशन्स को बिना किसी वास्तविक सेवा के हर महीने भुगतान किया। यह कंपनी कथित तौर पर वीणा थाइकांडियिल की बताई जाती है, जो पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी हैं। हालांकि यह मामला सीधे तौर पर विजयन से नहीं जुड़ा है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे आधार बनाकर उनके कार्यकाल में बार-बार सवाल उठाए थे।
अदालती इतिहास
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कोई अपराध नहीं बनता, इसलिए ईडी को जांच का कोई अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले सुनवाई के दौरान कुछ अधिकारियों ने ईडी पर पूछताछ के दौरान अवैध हिरासत का आरोप लगाया था, जिसके बाद जून 2024 में उच्च न्यायालय ने ईडी को पूछताछ की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। विजिलेंस अदालतों और उच्च न्यायालय द्वारा पहले भी इस मामले में विजिलेंस जांच की माँग खारिज की जा चुकी थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) दोनों ही विपक्षी गठबंधन लगातार विजयन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं। इस फैसले के बाद विपक्ष को इस मुद्दे को और उठाने का अवसर मिल सकता है।
आगे क्या होगा
उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद ईडी को सीएमआरएल से जुड़ी इस हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग जांच को आगे बढ़ाने का कानूनी रास्ता मिल गया है। जांच के दायरे में कंपनी के वित्तीय लेनदेन और एक्सलोगिक सोलूशन्स को किए गए कथित भुगतानों की पड़ताल शामिल होगी।