12 जुलाई 2026
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पिनाराई विजयन के घर ईडी की छापेमारी, सीपीआई(एम) ने लगाया 'राजनीतिक बदले' का आरोप

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पिनाराई विजयन के घर ईडी की छापेमारी, सीपीआई(एम) ने लगाया 'राजनीतिक बदले' का आरोप

सारांश

ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार के ठिकानों पर छापे मारे — और केरल की राजनीति तत्काल उबल पड़ी। सीपीआई(एम) ने इसे 'राजनीतिक बदला' बताया, BJP ने वित्तीय लेनदेन पर जवाब माँगा। यह टकराव केंद्र-राज्य संबंधों की बड़ी खाई को एक बार फिर उजागर करता है।

मुख्य बातें

ईडी ने 27 मई 2026 को पिनाराई विजयन , वीणा विजयन और पीए मोहम्मद रियास के आवासों पर तलाशी ली।
छापेमारी कथित एक्सालाजिक-सीएमआरएल पेमेंट विवाद से जुड़ी बताई जा रही है।
सीपीआई(एम) महासचिव एमए बेबी ने इसे BJP सरकार की 'राजनीतिक बदले' की कार्रवाई करार दिया।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि राज्य सरकार को ईडी ऑपरेशन की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।
BJP विधायक वी मुरलीधरन ने सीएमआरएल द्वारा वीणा विजयन को कथित भुगतान पर स्पष्टीकरण माँगा।
छापेमारी के बाद पूरे केरल में सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27 मई 2026 को कोच्चि समेत केरल के कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा विजयन और पूर्व मंत्री व दामाद पीए मोहम्मद रियास के आवास शामिल रहे। यह कार्रवाई कथित एक्सालाजिक-सीएमआरएल पेमेंट विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। छापेमारी के कुछ ही घंटों में केरल की राजनीति तीखे टकराव में बदल गई।

मुख्य घटनाक्रम

ईडी की टीमों ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच के तहत की गई। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को इस ऑपरेशन की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और ईडी ने केरल पुलिस से कोई सहयोग भी नहीं माँगा।

चेन्निथला ने पत्रकारों से कहा, 'केरल सरकार या गृह मंत्रालय को इस छापेमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने हमसे कोई मदद भी नहीं माँगी। यह सवाल ईडी से ही पूछा जाना चाहिए।'

सीपीआई(एम) की प्रतिक्रिया

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने छापों की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार जांच एजेंसियों का उपयोग विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर रही है। पार्टी ने एक बयान में कहा कि इन छापों का उद्देश्य विजयन और सीपीआई(एम) को डराना है।

सीपीआई(एम) की केरल इकाई ने इस कार्रवाई को 'संघवाद, लोकतंत्र और राजनीतिक विरोध के संवैधानिक अधिकार पर एक सोची-समझी चोट' करार दिया। पार्टी ने आरोप लगाया, 'जब राजनीतिक विरोधियों को लोकतांत्रिक तरीके से हराया नहीं जा पाता, तो BJP विरोध की आवाज को दबाने के लिए ईडी, सीबीआई और आयकर के छापों का सहारा लेती है।'

पूर्व मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, 'आप हमले कर सकते हैं लेकिन हम संघ परिवार के सामने कभी नहीं झुकेंगे। हम अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई जारी रखेंगे।'

भाजपा का पलटवार

BJP के वरिष्ठ नेता और विधायक वी मुरलीधरन ने सीपीआई(एम) की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए सीएमआरएल द्वारा वीणा विजयन को कथित तौर पर किए गए भुगतानों पर स्पष्टीकरण माँगा। उन्होंने कहा, 'अगर हाथ साफ हैं, तो घबराहट क्यों? क्या पार्टी यह बता सकती है कि सीएमआरएल ने पिनाराई विजयन की बेटी को पैसे क्यों दिए?'

यूडीएफ पर सवाल और विरोध प्रदर्शन

सीपीआई(एम) ने केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने पूछा कि क्या यूडीएफ इस कार्रवाई में मौन सहभागी है। छापेमारी के बाद सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं और पार्टी से जुड़े ट्रेड यूनियन सदस्यों ने पूरे केरल में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्यों के बीच केंद्रीय जांच एजेंसियों के उपयोग को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक गर्माहट ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे आलोचक 'चुनिंदा जांच' कहते हैं। विजयन परिवार पर यह कार्रवाई उस समय आई है जब सीपीआई(एम) केंद्र सरकार की नीतियों की मुखर आलोचक रही है — यह संयोग राजनीतिक संदेह को स्वाभाविक बनाता है। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि कथित एक्सालाजिक-सीएमआरएल वित्तीय लेनदेन के सवाल अनुत्तरित हैं, और पार्टी का 'बदले' का बयान उन सवालों से ध्यान भटका सकता है। असली परीक्षा यह होगी कि ईडी की जांच तथ्यों पर टिकती है या राजनीतिक कैलेंडर पर।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने पिनाराई विजयन के ठिकानों पर छापे क्यों मारे?
ईडी की यह कार्रवाई कथित एक्सालाजिक-सीएमआरएल पेमेंट विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच शामिल है। ईडी ने अभी तक आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
सीपीआई(एम) ने ईडी छापों को 'राजनीतिक बदला' क्यों कहा?
सीपीआई(एम) का आरोप है कि BJP की केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग विपक्षी नेताओं को डराने के लिए करती है। पार्टी का कहना है कि जो नेता संघ परिवार की राजनीति के आगे नहीं झुकते, उन्हें ईडी, सीबीआई और आयकर छापों के जरिए निशाना बनाया जाता है।
केरल सरकार को ईडी की छापेमारी की जानकारी थी?
नहीं। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को इस ऑपरेशन की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और ईडी ने केरल पुलिस से कोई सहयोग भी नहीं माँगा।
भाजपा ने इस मामले में क्या रुख अपनाया?
BJP विधायक वी मुरलीधरन ने सीएमआरएल द्वारा वीणा विजयन को कथित भुगतान पर स्पष्टीकरण माँगा। उन्होंने कहा कि यदि हाथ साफ हैं तो घबराहट क्यों, और इस मामले में पारदर्शिता की माँग की।
इस छापेमारी का केरल की राजनीति पर क्या असर पड़ा?
छापेमारी के तुरंत बाद पूरे केरल में सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं और पार्टी से जुड़े ट्रेड यूनियन सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किए। सीपीआई(एम) ने UDF सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए, जिससे राज्य में त्रिकोणीय राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
राष्ट्र प्रेस
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