पिनाराई विजयन के आवास पर ईडी छापे के बाद सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं का हमला, 3 वाहन क्षतिग्रस्त
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम स्थित पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के आवास समेत केरल के 10 ठिकानों पर 'कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड' (सीएमआरएल) मामले में तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी पूरी होने के बाद जब ईडी अधिकारी विजयन के आवास से निकल रहे थे, तब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — के कार्यकर्ताओं ने एजेंसी के 3 वाहनों पर पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया और काफिले को रोकने का प्रयास किया।
मुख्य घटनाक्रम
आरोपों के अनुसार, ईडी का काफिला निकलने से पहले सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने 3 वाहनों पर पथराव किया और उन्हें नुकसान पहुँचाया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। किसी तरह ईडी अधिकारी घटनास्थल से रवाना हो सके।
विजयन की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मीडिया से कहा कि ईडी काफी समय से उनके आवास पर तलाशी लेना चाहती थी। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इस तलाशी से कुछ लोगों को — खासकर राहुल गांधी जैसे किसी व्यक्ति को — बहुत संतुष्टि मिलेगी। राहुल गांधी ने प्रचार के दौरान यही सवाल पूछा था कि पिनाराई विजयन के घर पर छापा क्यों नहीं मारा जा रहा।'
विजयन ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार जानबूझकर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का रुख यह है कि उनकी अपनी पार्टी को छोड़कर बाकी दलों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।
विजयन ने पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, 'जब भी दुश्मनों ने मुझ पर हमला करने की तैयारी की, तो मुझे पार्टी का मजबूत साथ मिला। आज साथियों ने यह साबित कर दिया है कि उस साथ में कोई कमी नहीं आई है।'
सीएमआरएल मामला: पृष्ठभूमि
यह तलाशी अभियान कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत चलाया गया। गौरतलब है कि यह मामला केरल की पिछली वाम सरकार के कार्यकाल से जुड़ा बताया जाता है। ईडी ने 27 मई को राज्य के 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली।
राजनीतिक विवाद
यह घटना ऐसे समय में आई है जब केंद्रीय जाँच एजेंसियों द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज है। विजयन ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया, जबकि ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी वाहनों पर हमले की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आगे की स्थिति
वाहनों पर हमले और पुलिसकर्मी के घायल होने के मामले में कार्रवाई की संभावना है। ईडी की जाँच सीएमआरएल मामले में आगे बढ़ने की उम्मीद है। केरल पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति को नियंत्रण में लिया है।