28 अगस्त 2026
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पश्चिमी सिंहभूम में जमीन विवाद पर परिवार के 3 सदस्यों की हत्या, आंगन में दफन शव बरामद; 2 गिरफ्तार

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पश्चिमी सिंहभूम में जमीन विवाद पर परिवार के 3 सदस्यों की हत्या, आंगन में दफन शव बरामद; 2 गिरफ्तार

सारांश

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में जमीन विवाद ने तीन जिंदगियाँ लील लीं — पति, पत्नी और उनका 12 वर्षीय बेटा। सात दिन तक शव आंगन में दफन रहे, किसी को खबर नहीं। शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई, दो आरोपी गिरफ्तार।

मुख्य बातें

पश्चिमी सिंहभूम के केंजरा टोला तारोबबुरू गांव में 21 अगस्त 2026 को जमीन विवाद में तीन की हत्या।
मृतक: राजिन दोरायबुरू (40) , पत्नी जानो दोरायबुरू (38) और 12 वर्षीय बेटा काण्डे दोरायबुरू ।
शव सात दिन तक घर के आंगन में दफन रहे; 28 अगस्त को शिकायत के बाद खुलासा।
आरोपी बोंज दोरायबुरू (19) और मुचिया दोरायबुरू (20) गिरफ्तार; दोनों ने संलिप्तता कबूल की।
घटनास्थल से खून लगी कुल्हाड़ी बरामद; तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
जांच में अन्य संदिग्धों की संलिप्तता की संभावना भी खंगाली जा रही है।

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की धारदार हथियार से हत्या कर उनके शवों को घर के आंगन में दफना दिया गया। यह सनसनीखेज मामला 28 अगस्त 2026 को तब उजागर हुआ, जब वारदात के सात दिन बाद पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर तीनों शव तथा हत्या में इस्तेमाल खून लगी कुल्हाड़ी बरामद की।

मुख्य घटनाक्रम

घटना टोंटो थाना क्षेत्र के केंजरा टोला तारोबबुरू गांव की है। पुलिस के अनुसार, वारदात 21 अगस्त 2026 को अंजाम दी गई थी। मृतकों की पहचान राजिन दोरायबुरू (40 वर्ष), उनकी पत्नी जानो दोरायबुरू (38 वर्ष) और उनके 12 वर्षीय बेटे काण्डे दोरायबुरू के रूप में हुई है। तीनों की हत्या धारदार हथियार से की गई और शवों को घर के आंगन में दबा दिया गया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब रगमिया दोरायबुरू नामक व्यक्ति ने 28 अगस्त को टोंटो थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि जमीन विवाद के चलते उसके परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर शवों को छिपा दिया गया है।

गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जगन्नाथपुर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। दल ने केंजरा टोला तारोबबुरू गांव से बोंज दोरायबुरू (19 वर्ष) और मुचिया दोरायबुरू (20 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

आरोपियों की निशानदेही पर गुरुवार को घर के आंगन से तीनों शव बरामद किए गए। एसडीपीओ रफाएल मुर्मू ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल खून लगी कुल्हाड़ी भी बरामद की गई है।

जांच का दायरा

प्रारंभिक जांच में पुलिस हत्या के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण मान रही है। हालांकि, जांच के दौरान एक अन्य पहलू भी सामने आया है, जिसकी पुष्टि अभी बाकी है। पुलिस हत्या के कारणों, घटना में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता और वारदात की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है।

तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।

आम जनता पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड के आदिवासी बहुल इलाकों में जमीन विवाद से जुड़े अपराधों पर चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि वारदात के सात दिन तक शव दफन रहे और पुलिस को कोई सूचना नहीं मिली — यह तथ्य ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना तंत्र और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

क्या होगा आगे

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस जांच के दायरे को विस्तृत कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्याकांड में और कितने लोग शामिल थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिमी सिंहभूम हत्याकांड में कौन मारा गया?
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के केंजरा टोला तारोबबुरू गांव में राजिन दोरायबुरू (40), उनकी पत्नी जानो दोरायबुरू (38) और उनके 12 वर्षीय बेटे काण्डे दोरायबुरू की हत्या की गई। तीनों एक ही परिवार के सदस्य थे।
इस हत्याकांड का खुलासा कैसे हुआ?
वारदात 21 अगस्त 2026 को हुई, लेकिन सात दिन बाद 28 अगस्त को रगमिया दोरायबुरू ने टोंटो थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और शव बरामद किए।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने बोंज दोरायबुरू (19 वर्ष) और मुचिया दोरायबुरू (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। दोनों ने पूछताछ में कथित तौर पर हत्याकांड में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
हत्या का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जांच में पुलिस जमीन विवाद को हत्या का मुख्य कारण मान रही है। हालांकि, जांच के दौरान एक अन्य पहलू भी सामने आया है जिसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस हत्याकांड में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के बाद जांच का दायरा और स्पष्ट होगा।
राष्ट्र प्रेस
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