चित्तौड़गढ़ डबल मर्डर: पिता ने पत्नी को गोली मारी, बेटे ने लाठी से पिता को उतारा मौत के घाट
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में 18 अगस्त 2026 की देर रात जमीन विवाद से उपजी पारिवारिक रंजिश ने दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया — एक पिता ने अपनी पत्नी को गोली मार दी, और बेटे ने मां को तड़पते देख लाठी से पिता की जान ले ली। इस खूनी वारदात में एक तीसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
मुख्य घटनाक्रम
भगवाना कालबेलिया नामक व्यक्ति की पहले से दो पत्नियाँ — लाडू और भोमली — थीं, और वह अपनी तीसरी पत्नी तारा के साथ रह रहा था। सोमवार देर रात भगवाना, तारा और उसके कुछ रिश्तेदार एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान भोमली, लाडू और भगवाना का बेटा अनिल वहाँ पहुँचे और खेत व जमीन के बँटवारे को लेकर बहस शुरू हो गई।
पुलिस के अनुसार, विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आए भगवाना ने गोली चला दी, जो सीधे भोमली को लगी और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। अपनी माँ को तड़पते देख अनिल ने पास रखी लाठी उठाई और अपने पिता भगवाना को पीट-पीटकर मार डाला।
तीसरी पत्नी घायल, उदयपुर रेफर
बीच-बचाव करने आई तीसरी पत्नी तारा भी इस वारदात में गंभीर रूप से घायल हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया, जहाँ वह फिलहाल इलाजरत है।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। डीएसपी उदय सिंह ने बताया कि पारिवारिक झगड़े और जमीन विवाद की पृष्ठभूमि में यह हत्याकांड हुआ। दोनों शवों को चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और आरोपी पुत्र अनिल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
राजस्थान में जमीन विवाद से जुड़ी हिंसा की यह कोई पहली घटना नहीं है। ग्रामीण इलाकों में बहुविवाह और संपत्ति विवाद अक्सर पारिवारिक संघर्षों को जन्म देते हैं, जो कभी-कभी हिंसक रूप ले लेते हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में पारिवारिक विवादों के निपटारे के लिए ग्राम स्तरीय मध्यस्थता तंत्र को मजबूत करने की माँग उठ रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने मामले में हत्या की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है। अनिल की गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेशी और न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण होंगे। घायल तारा की स्थिति पर भी पुलिस की नज़र है।