नालंदा में भूमि विवाद: बेटों ने मां की गला रेतकर हत्या की, पहले दे चुकी थी जान का खतरा

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नालंदा में भूमि विवाद: बेटों ने मां की गला रेतकर हत्या की, पहले दे चुकी थी जान का खतरा

सारांश

बिहार के नालंदा में जमीन के लिए बेटों ने मां की जान ले ली — और वो मां जो हत्या से पहले खुद थाने जाकर खतरा बता आई थी। यह सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल है।

मुख्य बातें

नालंदा जिले के बदौरा गांव में 14 मई को जमीन विवाद में मां जिलवी देवी की गला रेतकर हत्या कर दी गई।
आरोप है कि मंझले बेटे रविशंकर कुमार और बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार ने हत्या को अंजाम दिया।
पीड़िता ने हत्या से पहले चंडी थाने पहुंचकर अपनी जान के खतरे की शिकायत दर्ज कराई थी।
दोनों आरोपी फरार हैं; डीएसपी संजय कुमार जायसवाल ने गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी होने की पुष्टि की।
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया; पुलिस से हल्की झड़प के बाद स्थिति नियंत्रण में आई।
शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेजा गया है।

नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र के बदौरा गांव में 14 मई को एक दर्दनाक हत्याकांड सामने आया, जहां जमीन के विवाद में एक महिला के अपने ही बेटों ने उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतका जिलवी देवी ने हत्या से कुछ दिन पहले ही थाने पहुंचकर अपनी जान का खतरा बताया था, लेकिन समय पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या

बदौरा निवासी जिलवी देवी के पति रामचंद्र प्रसाद का पहले ही निधन हो चुका था। महिला अपने मायके में रह रही थीं, जबकि उनका ससुराल भाषीन बिगहा में है। मकान और जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव चला आ रहा था। परिजनों के अनुसार, महिला अपने बेटों के व्यवहार से डरी-सहमी रहती थीं और कई बार घर में मारपीट तक की नौबत आ चुकी थी।

परिजनों का आरोप है कि महिला के मंझले बेटे रविशंकर कुमार और बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया। रविशंकर कुमार पटना में वाहन चालक के रूप में कार्यरत बताया जाता है। दोनों भाइयों का अपनी मां से जमीन को लेकर अक्सर विवाद होता था।

पहले ही दी थी जान के खतरे की चेतावनी

घटना से पहले शनिवार को जिलवी देवी स्वयं चंडी थाने पहुंची थीं और पुलिस को बताया था कि उनके बेटे कभी भी उनकी हत्या कर सकते हैं। यह तथ्य अब स्थानीय लोगों के आक्रोश का मुख्य कारण बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने समय पर हस्तक्षेप किया होता तो यह हत्या रोकी जा सकती थी।

ग्रामीणों का विरोध और सड़क जाम

हत्या की खबर फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। जाम हटाने पहुंची पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा और इस दौरान हल्की झड़प भी हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर स्थिति नियंत्रण में आई।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

डीएसपी संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि हत्या के आरोपित दोनों पुत्रों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने जिलवी देवी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में पारिवारिक संपत्ति विवादों से जुड़ी हिंसा की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि पीड़िता ने पुलिस के सामने पहले ही खतरे की आशंका जताई थी — यह सवाल अब जांच के केंद्र में है कि उस शिकायत पर क्या कदम उठाए गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वह चेतावनी है जो अनसुनी रह गई — पीड़िता ने खुद थाने जाकर जान का खतरा बताया था। यह घटना पुलिस की पूर्व-सूचना के बावजूद निष्क्रियता के व्यापक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जो बिहार में महिला सुरक्षा तंत्र की खामियों को उजागर करती है। संपत्ति विवादों में पारिवारिक हिंसा रोकने के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधान तभी कारगर हैं जब शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई हो — यहां वही कड़ी टूटी। जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना केवल आरोपियों की गिरफ्तारी इस त्रासदी का न्याय नहीं होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नालंदा में जिलवी देवी की हत्या कैसे हुई?
बिहार के नालंदा जिले के बदौरा गांव में 14 मई को जिलवी देवी की उनके बेटों रविशंकर कुमार और चंद्रभूषण कुमार ने कथित तौर पर गला रेतकर हत्या कर दी। परिजनों के अनुसार, जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
क्या पीड़िता ने पहले से खतरे की चेतावनी दी थी?
हां, जिलवी देवी हत्या से कुछ दिन पहले शनिवार को चंडी थाने पहुंची थीं और पुलिस को बताया था कि उनके बेटे उनकी हत्या कर सकते हैं। इसके बावजूद समय पर ठोस कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों में पुलिस के प्रति गहरा आक्रोश है।
आरोपी बेटे कौन हैं और अभी कहां हैं?
आरोपी मंझले बेटे रविशंकर कुमार और बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार हैं। रविशंकर पटना में वाहन चालक का काम करते हैं। हत्या के बाद दोनों फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
डीएसपी संजय कुमार जायसवाल के अनुसार, मामले की जांच जारी है और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी हो रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेजा गया है।
ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
ग्रामीणों का आक्रोश इस बात पर था कि पीड़िता ने पहले ही थाने में खतरे की शिकायत की थी, फिर भी हत्या हुई। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने सड़क जाम किया और पुलिस से हल्की झड़प भी हुई, जो बाद में अधिकारियों के समझाने पर शांत हुई।
राष्ट्र प्रेस
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