नालंदा में भूमि विवाद: बेटों ने मां की गला रेतकर हत्या की, पहले दे चुकी थी जान का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र के बदौरा गांव में 14 मई को एक दर्दनाक हत्याकांड सामने आया, जहां जमीन के विवाद में एक महिला के अपने ही बेटों ने उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतका जिलवी देवी ने हत्या से कुछ दिन पहले ही थाने पहुंचकर अपनी जान का खतरा बताया था, लेकिन समय पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
बदौरा निवासी जिलवी देवी के पति रामचंद्र प्रसाद का पहले ही निधन हो चुका था। महिला अपने मायके में रह रही थीं, जबकि उनका ससुराल भाषीन बिगहा में है। मकान और जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव चला आ रहा था। परिजनों के अनुसार, महिला अपने बेटों के व्यवहार से डरी-सहमी रहती थीं और कई बार घर में मारपीट तक की नौबत आ चुकी थी।
परिजनों का आरोप है कि महिला के मंझले बेटे रविशंकर कुमार और बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया। रविशंकर कुमार पटना में वाहन चालक के रूप में कार्यरत बताया जाता है। दोनों भाइयों का अपनी मां से जमीन को लेकर अक्सर विवाद होता था।
पहले ही दी थी जान के खतरे की चेतावनी
घटना से पहले शनिवार को जिलवी देवी स्वयं चंडी थाने पहुंची थीं और पुलिस को बताया था कि उनके बेटे कभी भी उनकी हत्या कर सकते हैं। यह तथ्य अब स्थानीय लोगों के आक्रोश का मुख्य कारण बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने समय पर हस्तक्षेप किया होता तो यह हत्या रोकी जा सकती थी।
ग्रामीणों का विरोध और सड़क जाम
हत्या की खबर फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। जाम हटाने पहुंची पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा और इस दौरान हल्की झड़प भी हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर स्थिति नियंत्रण में आई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
डीएसपी संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि हत्या के आरोपित दोनों पुत्रों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने जिलवी देवी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में पारिवारिक संपत्ति विवादों से जुड़ी हिंसा की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि पीड़िता ने पुलिस के सामने पहले ही खतरे की आशंका जताई थी — यह सवाल अब जांच के केंद्र में है कि उस शिकायत पर क्या कदम उठाए गए।