केरल मेसी विवाद: मंत्री जनीश बोले — 'कई सवालों के जवाब अभी बाकी', कैबिनेट करेगी उच्च-स्तरीय जांच पर फैसला
सारांश
मुख्य बातें
केरल के खेल मंत्री ओ.जे. जनीश ने 12 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि लियोनेल मेसी के प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़े विवादित प्रोजेक्ट में अभी कई परतें उघड़नी बाकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस नाकाम आयोजन से जुड़ी परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है और निकट भविष्य में और खुलासे संभव हैं। गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कथित भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन की उच्च-स्तरीय जांच पर निर्णय लिए जाने की पूरी संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री जनीश ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'अभी बहुत सी बातें सामने आनी बाकी हैं।' उन्होंने यह भी इशारा किया कि सरकार इस विवाद को जल्दबाज़ी में बंद करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने स्पॉन्सर चुनने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि एक निजी कंपनी को इस सरकारी परियोजना में किस आधार पर शामिल किया गया।
विवाद का नया मोड़ — पूर्व मंत्री का ईमेल
इस मामले ने तब नया रूप लिया जब पूर्व खेल मंत्री वी. अब्दुर रहमान द्वारा 18 अक्टूबर 2025 को अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) को भेजा गया एक ईमेल सार्वजनिक हुआ। इस ईमेल में उन्होंने स्पॉन्सर का पुरजोर बचाव किया और समझौते को रद्द किए जाने का विरोध किया था। अब्दुर रहमान ने लिखा था, 'एएफए-आरबीसी सिर्फ एक कमर्शियल समझौता नहीं है। यह सरकार की पहल पर दिया गया एक भरोसा है। 1.3 अरब लोगों ने केरल सरकार पर भरोसा किया।' यह ईमेल इस बात का संकेत देता है कि तत्कालीन सरकार इस डील के प्रति कितनी प्रतिबद्ध थी — जबकि अब उसी प्रोजेक्ट के ढांचे पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विशेष सचिव की रिपोर्ट में गंभीर आरोप
मंगलवार को खेल विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी ने मुख्यमंत्री पी. सतीशन सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसने चिंताओं को और गहरा कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें इस प्रोजेक्ट को एक ऐसे असामान्य ढांचे वाला बताया गया है जिसने एक निजी कंपनी को सरकारी तंत्र का उपयोग करके मुनाफा कमाने का अवसर दिया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि किसी टीवी न्यूज़ चैनल के चयन को लेकर सरकार के स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं थे। इस पूरे प्रोजेक्ट पर कुल ₹126 करोड़ खर्च हुए, जिसमें विदेशी मुद्रा में लेनदेन भी शामिल था।
सरकार की प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब नए दस्तावेजों के सामने आने के बाद स्पॉन्सर चुनने और समझौते में तत्कालीन सरकार की भूमिका पर सवाल तेज़ हो गए हैं। मंत्री जनीश ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार इस पूरे मामले — प्रोजेक्ट की परिकल्पना, मंजूरी और क्रियान्वयन — की व्यापक जांच कराने पर विचार कर रही है।
क्या होगा आगे
गुरुवार की कैबिनेट बैठक इस विवाद में निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। सरकार से अपेक्षा है कि वह उच्च-स्तरीय जांच का आदेश देगी, जो यह स्थापित करने की कोशिश करेगी कि 'मेसी प्रोजेक्ट' को किन परिस्थितियों में आकार दिया गया, किसने मंजूरी दी और किस प्रक्रिया के तहत लागू किया गया। गौरतलब है कि यह मामला केरल की राजनीति में एलडीएफ और नई सरकार के बीच जवाबदेही की बड़ी लड़ाई का रूप लेता जा रहा है।