लाल किले पर 'वंदे मातरम्' गायन पर भाजपा सांसद नवीन जैन बोले — 2014 से बदला देशभक्ति का माहौल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद नवीन जैन ने 12 अगस्त को नई दिल्ली में कहा कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन से उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में देशभक्ति का एक नया वातावरण तैयार हुआ है।
देशभक्ति के माहौल पर नवीन जैन का बयान
जैन ने कहा कि 'एक देश, एक कानून' के सिद्धांत के तहत मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, मदरसा और किसी भी जाति-धर्म के शिक्षण संस्थान में समान नियम लागू हो रहे हैं। उनके अनुसार, यह माहौल अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक एकसमान दिखता है — हर जगह तिरंगा लहराया जा रहा है और 'वंदे मातरम्' गूँज रहा है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह का आभार व्यक्त किया।
विपक्ष और संसदीय कार्यवाही पर आरोप
जैन ने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का समर्थन किया जो उन्होंने विपक्ष को लेकर दिया था। जैन के अनुसार, विपक्ष — विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) — ने पहले माँग की कि गृह मंत्री सदन में आकर लाठीचार्ज पर बयान दें, लेकिन जब शाह इसके लिए तैयार हुए, तो विपक्ष पीछे हट गया। जैन ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया और हंगामा किया, जो संवैधानिक व्यवस्था के विरुद्ध है।
पेपर लीक मामले में कांग्रेस पर निशाना
छात्रों के मुद्दे पर जैन ने कांग्रेस पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब केंद्र सरकार के अधीन क्षेत्रों में पेपर लीक होता है तो कांग्रेस शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगती है, लेकिन झारखंड, कर्नाटक और पंजाब — जहाँ उसकी सहयोगी सरकारें हैं — वहाँ पेपर लीक के मामलों पर वह मौन रहती है। जैन ने कहा कि विपक्ष को सभी राज्यों में छात्रों के मुद्दों को समान रूप से उठाना चाहिए।
झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा
रांची में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर जैन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के सिर, पैर और घुटनों में चोटें आईं और कुछ की हड्डियाँ तक टूट गईं। जैन ने इसे 'बेहद गलत' बताते हुए झारखंड सरकार की आलोचना की और कहा कि इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को राज्यसभा में झारखंड और दिल्ली दोनों मुद्दों पर एक साथ चर्चा के लिए तैयार होना चाहिए।
FCRA विधेयक और विदेशी चंदे पर रुख
विदेशी अंशदान विनियमन (FCRA) विधेयक पर जैन ने कहा कि यह देश की आवश्यकता है। उनके अनुसार, भारत में आने वाले विदेशी चंदे के उपयोग पर सरकार की निगरानी ज़रूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह धन देश-विरोधी गतिविधियों में न लगे। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस विधेयक को वोट बैंक की राजनीति के चश्मे से न देखें और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए इसे पारित कराने में सहयोग करें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव चरम पर है।