12 अगस्त 2026
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तिरंगा माटी के स्वाभिमान का प्रतीक — अमित शाह के संसद संबोधन पर जदयू का विपक्ष को चैलेंज

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तिरंगा माटी के स्वाभिमान का प्रतीक — अमित शाह के संसद संबोधन पर जदयू का विपक्ष को चैलेंज

सारांश

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने तिरंगे को माटी के स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए विपक्ष को चुनौती दी — अमित शाह संसद में आ रहे हैं, अब भागना नहीं, सुनना होगा। झारखंड पर कांग्रेस की चुप्पी और तेजस्वी यादव की निष्क्रियता पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 12 अगस्त 2026 को 'हर घर तिरंगा' अभियान को राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद संबोधन को विपक्ष के लिए 'अग्निपरीक्षा' करार दिया; विपक्ष से पलायन न करने की अपील।
एफसीआरए विधेयक को JPC को भेजे जाने को 'स्वागत योग्य कदम' बताया — विदेशी धन के नियमन के लिए जरूरी।
एयर इंडिया पायलट के गांजा परीक्षण में सकारात्मक पाए जाने पर निरंतर डोप टेस्ट मॉनिटरिंग की माँग।
झारखंड विरोध प्रदर्शनों पर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल; तेजस्वी यादव से रांची जाकर सीबीआई जाँच की माँग करने की अपेक्षा जताई।

जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 12 अगस्त 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा' अभियान राष्ट्रीय स्वाभिमान की अभिव्यक्ति है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में संबोधन को विपक्ष के लिए 'अग्निपरीक्षा' बताया। उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे सदन से पलायन न करें, बल्कि गृह मंत्री की बात सुनें।

तिरंगा अभियान पर जदयू का रुख

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, 'पीएम मोदी का साफ संदेश है कि हर घर तिरंगा को उत्सव की तरह बनाएं। यह आजादी हमारे पुरखों के त्याग और बलिदान के बाद मिली है। और तिरंगा हमारी माटी के स्वाभिमान का प्रतीक है। तिरंगे को घर-घर पहुंचाना उसी महाअभियान का हिस्सा है।' यह टिप्पणी स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले भाजपा-जदयू गठबंधन की साझा राष्ट्रवादी लामबंदी को रेखांकित करती है।

अमित शाह के संसद संबोधन पर विपक्ष को चुनौती

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष ने कई बार माँग की थी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली से जुड़े मुद्दों पर सदन में जवाब दें। उन्होंने कहा, 'अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आ रहे हैं। अब विपक्ष के समक्ष यह चुनौती है — जिस तरीके से उन्होंने झूठ फैलाने का काम किया है, उन्हें भागने की जरूरत नहीं है, उन्हें सुनना होगा। और मुझे लगता है कि यह विपक्ष के लिए अग्निपरीक्षा की तरह होगी।' यह बयान संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में आया है।

एफसीआरए विधेयक और जेपीसी

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक — जिसे एफसीआरए बिल कहा जा रहा है — को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजे जाने पर राजीव रंजन ने इसे 'स्वागत योग्य कदम' बताया। उन्होंने कहा कि विदेशी धन के जरिए भारत में आने वाले संस्थाओं के नियमन के लिए यह विधेयक जरूरी है।

एयर इंडिया पायलट और झारखंड विरोध प्रदर्शन

एक एयर इंडिया पायलट के गांजा परीक्षण में सकारात्मक पाए जाने की खबर पर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि 'सुरक्षा नियमों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए' और डोप परीक्षण की निरंतर निगरानी की माँग की। झारखंड में जारी विरोध प्रदर्शनों पर कांग्रेस की चुप्पी को उन्होंने 'संदेह पैदा करने वाली' बताया और सवाल उठाया कि विपक्षी नेता रांची क्यों नहीं जा रहे और झारखंड सरकार पर सीबीआई जाँच के लिए दबाव क्यों नहीं बना रहे।

तेजस्वी यादव पर निशाना

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर राजीव रंजन ने कहा कि वे इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं, इसलिए उनसे अपेक्षा थी कि वे झारखंड जाते, सरकार पर दबाव बनाते और छात्रों को न्याय दिलाते। गौरतलब है कि झारखंड के विरोध प्रदर्शन इंडिया ब्लॉक के घटक दलों के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय बनते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में अमित शाह का संसदीय संबोधन और जेपीसी की कार्यवाही इस राजनीतिक तस्वीर को और स्पष्ट करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एफसीआरए विधेयक को जेपीसी भेजना सरकार की ओर से भी एक सावधानी का संकेत है — सीधे पारित करने की बजाय व्यापक विमर्श की गुंजाइश रखी गई है। असली परीक्षा यह होगी कि अमित शाह का संसदीय संबोधन विपक्षी आरोपों का ठोस जवाब देता है या केवल राजनीतिक पलटवार बनकर रह जाता है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने अमित शाह के संसद संबोधन को 'अग्निपरीक्षा' क्यों कहा?
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि विपक्ष ने बार-बार माँग की थी कि अमित शाह दिल्ली से जुड़े मुद्दों पर सदन में जवाब दें — अब जब वे आ रहे हैं, तो विपक्ष को भागने की बजाय सुनना होगा। उनके अनुसार, यह विपक्ष के लिए अपनी विश्वसनीयता साबित करने का मौका है।
'हर घर तिरंगा' अभियान क्या है और जदयू का इस पर क्या रुख है?
'हर घर तिरंगा' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल है जिसके तहत स्वतंत्रता दिवस पर हर घर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की जाती है। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इसे 'माटी के स्वाभिमान का प्रतीक' बताते हुए इसे राष्ट्रीय उत्सव की तरह मनाने का आह्वान किया।
एफसीआरए विधेयक को जेपीसी को क्यों भेजा गया?
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए बिल) को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को व्यापक विचार-विमर्श के लिए भेजा गया है। जदयू ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया, क्योंकि यह विदेशी धन से संचालित संस्थाओं के नियमन को मजबूत करेगा।
झारखंड विरोध प्रदर्शन पर जदयू ने कांग्रेस और तेजस्वी यादव को क्यों घेरा?
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली और उत्तर प्रदेश पर तो बोलती है, लेकिन झारखंड के विरोध प्रदर्शनों पर चुप है। उन्होंने इंडिया ब्लॉक के घटक तेजस्वी यादव से भी अपेक्षा जताई कि वे रांची जाकर झारखंड सरकार पर सीबीआई जाँच का दबाव बनाते।
एयर इंडिया पायलट के गांजा परीक्षण में सकारात्मक पाए जाने पर जदयू का क्या कहना है?
जदयू प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि विमानन सुरक्षा नियमों के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने माँग की कि डोप परीक्षण की निगरानी निरंतर और सख्ती से जारी रहनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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