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कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु-मुक्ति के लिए दक्षिण कोरिया की चरणबद्ध रणनीति, विदेश मंत्री चो ह्यून का ऐलान

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कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु-मुक्ति के लिए दक्षिण कोरिया की चरणबद्ध रणनीति, विदेश मंत्री चो ह्यून का ऐलान

सारांश

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने जेजू फोरम में कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु-मुक्त बनाने की चरणबद्ध रणनीति का खुलासा किया — एकतरफा दबाव से हटकर व्यावहारिक कूटनीति की ओर स्पष्ट बदलाव, जिसमें G7, ग्लोबल साउथ और अमेरिका के साथ गठबंधन केंद्र में है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्री चो ह्यून ने 25 जून 2026 को जेजू फोरम में कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु-मुक्त बनाने की चरणबद्ध और व्यावहारिक रणनीति की घोषणा की।
दक्षिण कोरिया दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन के आधार पर रक्षा क्षमताएँ मजबूत करने और G7 व ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध।
फोरम में लगभग 4,500 अधिकारी और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं; 68 सत्रों में उत्तर कोरिया, कूटनीति और समुद्री स्वतंत्रता पर चर्चा।
चो ने तुर्किये के उप विदेश मंत्री और फ्रांस की इंडो-पैसिफिक राजदूत से द्विपक्षीय वार्ता की।
दक्षिण कोरिया जलवायु परिवर्तन , सार्वजनिक स्वास्थ्य और AI जैसी वैश्विक चुनौतियों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने 25 जून 2026 को स्पष्ट किया कि उनका देश कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के लिए एक चरणबद्ध और व्यावहारिक रणनीति अपनाएगा। यह घोषणा उन्होंने जेजू द्वीप पर आयोजित 21वें जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी के आधिकारिक रात्रिभोज के दौरान की।

मुख्य घोषणाएँ

विदेश मंत्री चो ने कहा, 'हम कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के लक्ष्य की ओर चरणबद्ध और व्यावहारिक तरीके से आगे बढ़ेंगे, साथ ही स्थायी शांति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देंगे।' उन्होंने संघर्षों को रोकने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के महत्व पर विशेष जोर दिया।

चो ने यह भी दोहराया कि दक्षिण कोरिया दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन के आधार पर अपनी रक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, जी7 (ग्रुप ऑफ सेवन) जैसे समान विचारधारा वाले देशों और ग्लोबल साउथ के उभरते एवं विकासशील देशों के साथ सहयोग को और विस्तार दिया जाएगा।

वैश्विक साझेदारी और सेतु की भूमिका

विदेश मंत्री ने कहा कि दक्षिण कोरिया विकास सहयोग, उन्नत तकनीक और सांस्कृतिक क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए देशों के बीच एक सेतु की भूमिका निभाने की कोशिश करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दक्षिण कोरिया जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के प्रयासों में सक्रिय योगदान देगा।

जेजू फोरम का महत्व

यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फोरम शुक्रवार तक चलेगा, जिसमें लगभग 4,500 अधिकारी और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। फोरम में 68 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियाँ, कूटनीति, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हो रही है। रात्रिभोज में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के उम्मीदवार, राजनयिक और सांसद शामिल हुए।

द्विपक्षीय बैठकें

रात्रिभोज से पहले, चो ने तुर्किये के उप विदेश मंत्री लेवेंट गुमरुक्कू और इंडो-पैसिफिक मामलों के लिए फ्रांस की राजदूत डाना पुरकारेस्कु से अलग-अलग मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से निपटने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई।

क्या होगा आगे

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियाँ क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए निरंतर चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया की यह चरणबद्ध रणनीति पिछले एकतरफा दबाव-केंद्रित दृष्टिकोण से एक व्यावहारिक बदलाव का संकेत देती है। फोरम के समापन के बाद इस रणनीति के ठोस रूपरेखा की प्रतीक्षा रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन 'चरणों' की कोई सत्यापन-योग्य समयसीमा है या नहीं — क्योंकि कोरियाई प्रायद्वीप पर परमाणु-मुक्ति के वादे दशकों से होते आए हैं और धरातल पर स्थिति लगातार बिगड़ती रही है। G7 और ग्लोबल साउथ दोनों को साधने की कोशिश महत्वाकांक्षी है, लेकिन इन दोनों के हित अक्सर टकराते हैं। जेजू फोरम जैसे मंचों पर दिए गए भाषण नीतिगत प्रतिबद्धता से कम और राजनयिक संकेत अधिक होते हैं — इसलिए इस घोषणा की असली परीक्षा आने वाले महीनों में ठोस कदमों से होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरिया की कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु-मुक्ति रणनीति क्या है?
विदेश मंत्री चो ह्यून के अनुसार, दक्षिण कोरिया कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के लिए एक चरणबद्ध और व्यावहारिक तरीका अपनाएगा, जिसमें स्थायी शांति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को प्राथमिकता दी जाएगी। यह रणनीति दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन और समान विचारधारा वाले देशों के सहयोग पर आधारित होगी।
जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी क्या है?
जेजू फोरम दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप पर आयोजित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नीति-विमर्श मंच है। 21वें संस्करण में लगभग 4,500 अधिकारी और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जिसमें 68 सत्रों में उत्तर कोरिया, कूटनीति और समुद्री स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
दक्षिण कोरिया G7 और ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग क्यों बढ़ाना चाहता है?
विदेश मंत्री चो ह्यून के अनुसार, बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच दक्षिण कोरिया G7 जैसे समान विचारधारा वाले देशों और ग्लोबल साउथ के विकासशील देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना चाहता है। दक्षिण कोरिया विकास सहयोग, उन्नत तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में सेतु की भूमिका निभाने का इरादा रखता है।
चो ह्यून ने जेजू फोरम में किन नेताओं से मुलाकात की?
रात्रिभोज से पहले चो ह्यून ने तुर्किये के उप विदेश मंत्री लेवेंट गुमरुक्कू और इंडो-पैसिफिक मामलों के लिए फ्रांस की राजदूत डाना पुरकारेस्कु से द्विपक्षीय वार्ता की। इन बैठकों में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
दक्षिण कोरिया AI और जलवायु परिवर्तन पर क्या भूमिका निभाएगा?
विदेश मंत्री चो के अनुसार, दक्षिण कोरिया जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय योगदान देगा। उन्नत तकनीक के क्षेत्र में दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञता को वैश्विक साझेदारी के लिए एक प्रमुख साधन के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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