दिल्ली: जामा मस्जिद कबूतर मार्केट में छापेमारी, 863 पक्षी-जानवर बचाए; 5 दुकानदारों पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की जामा मस्जिद कबूतर मार्केट में 9 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस, पीपल फॉर एनिमल्स (PFA), वर्ल्ड वाइड एनिमल और दिल्ली वन एवं वन्यजीव विभाग की संयुक्त छापेमारी में 863 पक्षियों और जानवरों को अवैध कैद से मुक्त कराया गया। इनमें 431 संरक्षित/अनुसूचित पक्षी शामिल थे, जिनकी बिक्री वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है।
छापेमारी की पृष्ठभूमि
9 अगस्त को PFA को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि जामा मस्जिद क्षेत्र की कबूतर मार्केट की पालतू जानवरों की दुकानों में संरक्षित प्रजातियों को कथित तौर पर अवैध रूप से बेचा और कैद करके रखा जा रहा है। इस सूचना को तत्काल जामा मस्जिद पुलिस स्टेशन, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस, वर्ल्ड वाइड एनिमल और वन विभाग के अधिकारियों के साथ साझा किया गया, जिसके बाद संयुक्त अभियान की योजना बनाई गई।
गौरतलब है कि दिल्ली की यह कबूतर मार्केट वर्षों से अवैध पक्षी-व्यापार के आरोपों के केंद्र में रही है, लेकिन इस पैमाने की संगठित कार्रवाई अपेक्षाकृत दुर्लभ है।
मुख्य घटनाक्रम
संयुक्त दल ने कबूतर मार्केट की पाँच पालतू जानवरों की दुकानों की व्यवस्थित तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि पक्षियों और जानवरों को अत्यंत गंदी परिस्थितियों में पिंजरों में ठूँसकर रखा गया था — कई पिंजरों में क्षमता से कहीं अधिक जीव बंद थे।
बरामद किए गए जीवों में 431 संरक्षित/अनुसूचित पक्षी, 18 गिनी पिग, 9 ग्रे गिलहरी, 41 सफेद चूहे और 11 खरगोश शामिल हैं। पशु क्रूरता की श्रेणी में आने वाली प्रजातियों को PFA ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने संरक्षण में लिया, जबकि संरक्षित/अनुसूचित पक्षियों को वन्यजीव अधिकारियों ने जब्त कर लिया।
ऑपरेशन की टीम
यह अभियान जामा मस्जिद पुलिस स्टेशन की एक समर्पित टीम ने चलाया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर बिजेंद्र, महिला सब-इंस्पेक्टर सलोनी और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शामिल थे। पूरा ऑपरेशन जामा मस्जिद थाने के SHO की प्रत्यक्ष देखरेख और दरियागंज के ACP की समग्र निगरानी में संपन्न हुआ।
FIR और पहचाने गए आरोपी
PFA से जुड़े एक कार्यकर्ता एवं न्यूजपेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सलाहकार बोर्ड सदस्य की शिकायत और छापेमारी में मिले साक्ष्यों के आधार पर जामा मस्जिद पुलिस स्टेशन (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) में FIR दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार पाँच व्यक्तियों की पहचान की गई है — इकबाल खान, आकाश, कानी राम, मो. आदिल खान और राशिद खान — जो सभी कबूतर मार्केट क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। इन पाँचों से कानूनी प्रक्रिया के तहत मुचलका भरवाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी तक इनके खिलाफ किसी पूर्व आपराधिक गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
बचाए गए सभी जीवों की पहचान और चिकित्सीय जाँच की जा रही है और उन्हें संबंधित वन्यजीव एवं पशु कल्याण संगठनों की देखरेख में अलग-अलग रखा गया है। यह मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत आगे की जाँच के अधीन है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बाज़ारों पर नियमित निगरानी और कड़े लाइसेंसिंग नियमों के बिना अवैध व्यापार पर स्थायी रोक लगाना मुश्किल है।