क्या दिल्ली हाईकोर्ट ने जामा मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए एमसीडी को सर्वे का आदेश दिया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाईकोर्ट ने जामा मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।
- एमसीडी को दो महीने में सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करनी होगी।
- इस आदेश से पुरानी दिल्ली के ट्रैफिक में सुधार की उम्मीद है।
- जामा मस्जिद की गरिमा को बनाए रखना आवश्यक है।
- आम जनता की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने शाही जामा मस्जिद के निकट अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत पार्किंग को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने नगर निगम एमसीडी को आदेश दिया है कि वह अगले दो महीने में पूरे इलाके का सर्वेक्षण करे। यदि सर्वेक्षण के दौरान कोई अवैध निर्माण या अतिक्रमण पाया जाता है, तो कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला फरहत हसन और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई के दौरान उठाया गया। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में शिकायत की थी कि जामा मस्जिद के गेट नंबर तीन, पांच और सात के बाहर अवैध पार्किंग की व्यवस्था चल रही है, जिससे आम लोगों को काफी असुविधा हो रही है। इसके अलावा, मस्जिद के सार्वजनिक रास्तों पर फेरी वाले और व्यावसायिक दुकानें अवैध रूप से स्थापित हैं। याचिका में मांग की गई थी कि इन अवैध पार्किंग और फेरी वालों को तुरंत हटाया जाए। साथ ही मस्जिद परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
कोर्ट ने याचिका पर विचार करते हुए एमसीडी को निर्देश दिया कि वह जामा मस्जिद के आस-पास के एमसीडी पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों का विस्तृत सर्वेक्षण करे। सर्वेक्षण की रिपोर्ट को दो महीने के भीतर प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अवैध कब्जा या निर्माण पाया जाता है, तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। इस आदेश से पुरानी दिल्ली के इस व्यस्त क्षेत्र में ट्रैफिक और पैदल चलने वालों की समस्याओं को हल करने की उम्मीद है।
जामा मस्जिद दिल्ली की सबसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में से एक मानी जाती है। यहां हर दिन हजारों लोग नमाज और दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन आस-पास अवैध पार्किंग और फेरी वालों के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे न केवल आम जनता को परेशानी हो रही है, बल्कि मस्जिद की गरिमा भी प्रभावित हो रही है।