जब संजय लीला भंसाली की 'गुजारिश' ने किया था विवादों का सामना, फ्लॉप साबित हुई फिल्म
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय चिकित्सा सहायता को हटाने पर आधारित है।
- फिल्म 'गुजारिश' ने इच्छामृत्यु पर विवाद खड़ा किया।
- इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर असफलता का सामना किया।
- भंसाली की फिल्में अक्सर विवादित होती हैं।
- इच्छामृत्यु एक संवेदनशील और जटिल विषय है।
मुंबई, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हरीश राणा के इच्छामृत्यु मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए चिकित्सा सहायता प्रणाली को हटाने का आदेश दिया है।
हरीश राणा पिछले १३ वर्षों से अचेत हैं और उनके उपचार का कोई असर नहीं हो रहा है। यह मामला जितना भावनात्मक है, उतना ही दिल को दहला देने वाला भी है क्योंकि किसी माता-पिता के लिए अपने बच्चे की इच्छामृत्यु की मांग करना अत्यंत पीड़ादायक होता है। यह केस संजय लीला भंसाली की फिल्म की याद दिलाता है, जो इस विषय पर विवादों में रही थी।
इच्छामृत्यु जैसे संवेदनशील विषय पर भंसाली की फिल्म 'गुजारिश' विवादों में रही है। विवादों का कारण फिल्म की स्क्रिप्ट चोरी और भारत में इच्छामृत्यु का गैर-कानूनी होना था। हालांकि, भंसाली की सभी फिल्मों को दर्शकों का प्यार मिलता है, लेकिन यह फिल्म अपने बड़े बजट और अनोखे विषय के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।
फिल्म के रिलीज के बाद, एक वकील आदित्य देवन ने दिल्ली हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि फिल्म का विषय गैर-कानूनी है और इसे दिखाना इच्छामृत्यु को बढ़ावा देना है। इस पर कोर्ट ने सुनवाई नहीं की।
२०१८ में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर भंसाली ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस विषय पर फिल्म बनाई थी, तो काफी हंगामा हुआ था, लेकिन अब लोग चुप हैं। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म की कहानी उनके किसी करीबी के अनुभव से प्रेरित थी, जिसने खुद उस दर्द को सहा था। गुजारिश में ऋतिक रोशन ने एक अपाहिज का किरदार निभाया था, जो अपनी इच्छामृत्यु के लिए कानूनी लड़ाई लड़ता है।