रामदास आठवले का राहुल गांधी पर पलटवार: संसद में बोलने का अधिकार सबको
सारांश
Key Takeaways
- रामदास आठवले ने राहुल गांधी के आरोपों का खंडन किया।
- संसद में बोलने का अधिकार सभी को है।
- गलत तथ्यों का विरोध होना चाहिए।
- राहुल गांधी का आरोप बेबुनियाद है।
- लोकतांत्रिक व्यवस्था में सच्चाई की अहमियत है।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन बयानों का पूरी तरह से खंडन किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें संसद में बोलने का अवसर नहीं मिल रहा है।
रामदास आठवले ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी का यह दावा कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता, पूरी तरह से गलत है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। सच्चाई यह है कि जब वे संसद की कार्यवाही के दौरान गलत बयान देते हैं या झूठे तथ्यों को पेश करते हैं, तो इसका विरोध किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि राहुल गांधी इस तरह यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिल रहा है, तो यह पूरी तरह गलत है और इसे सहन नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी का यह आरोप बेबुनियाद है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राहुल गांधी ने गलत तथ्यों का जिक्र किया, जिसमें पूर्व सेनाध्यक्ष की उस किताब का उल्लेख किया गया जो अभी प्रकाशित नहीं हुई है। ऐसे में राहुल गांधी द्वारा पेश किए गए किसी भी गलत तथ्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से स्पीकर ने उन्हें रोका था। इस घटना को इस तरह पेश करना कि उन्हें संसद में बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही, यह एक वरिष्ठ नेता के लिए शोभा नहीं देता।
उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी ऐसे आरोप लगा रहे हैं, तो मुझे लगता है कि वे अपनी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे उन्हें कुछ भी लाभ नहीं होगा। इसलिए उन्हें इस तरह के आरोप लगाने से बचना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद में बोलने का अधिकार सभी को है। राहुल गांधी को भी बोलने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे सदन में बोलते समय किसी भी प्रकार का गलत तथ्य प्रस्तुत न करें।