केंद्र सरकार के उद्घाटन को पार्टी कार्यक्रम में बदलने का आरोप: एमवी गोविंदन
सारांश
Key Takeaways
- नेशनल हाईवे 66 का उद्घाटन राजनीतिक विवाद का कारण बना है।
- केरल सरकार ने इस परियोजना में महत्वपूर्ण वित्तीय योगदान दिया है।
- पीडब्ल्यूडी मंत्री को आमंत्रित न करने से केंद्र और राज्य के बीच तनाव बढ़ा है।
तिरुवनंतपुरम, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को केरल के दौरे पर हैं, जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। इनमें से एक है नेशनल हाईवे 66 का विकास प्रोजेक्ट, लेकिन इस परियोजना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। इसका कारण यह है कि इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन समारोह के लिए पीडब्ल्यूडी मंत्री पीए मोहम्मद रियास को आमंत्रित नहीं किया गया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के केरल राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इस उद्घाटन कार्यक्रम को अपने पार्टी कार्यक्रम में बदल दिया है। उनके अनुसार, यह व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि केंद्र राज्य सरकार को निशाना बना रहा है।
गोविंदन ने कहा कि इस एनएच 66 प्रोजेक्ट में राज्य सरकार की वित्तीय भागीदारी है। यह हाईवे महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से होकर गुजरता है, लेकिन केवल केरल ने इस परियोजना के लिए पैसे खर्च किए हैं। केरल सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर कुल 5580 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। केरल सरकार विकास के लिए पैसा खर्च करती है और बाद में एनएचएआई टोल के जरिए पैसा वापस पा सकती है।
एमवी गोविंदन ने यह भी बताया कि यह हाईवे लोक निर्माण विभाग के मंत्री पीए मोहम्मद रियास के निर्वाचन क्षेत्र से होकर गुजरता है, लेकिन इस उद्घाटन के लिए उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को आमंत्रित किया गया, जिससे सवाल उठता है कि क्या यह प्रोटोकॉल के अनुसार सही है।
गोविंदन ने कहा कि यह मुद्दा रिश्तों या व्यक्तिगत मुद्दों का नहीं है, बल्कि यह है कि रियास केरल के पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं, इसलिए उन्हें कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए था, लेकिन केरल भाजपा और केंद्र सरकार ऐसा नहीं चाहती थी। इसी वजह से एनएच-66 प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए पीडब्ल्यूडी मंत्री पीए मोहम्मद रियास को आमंत्रित नहीं किया गया।