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तेजस्वी का मार्च महज राजनीतिक स्टंट: संजय झा बोले — बिहार की जनता पहले ही नकार चुकी है

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तेजस्वी का मार्च महज राजनीतिक स्टंट: संजय झा बोले — बिहार की जनता पहले ही नकार चुकी है

सारांश

जदयू के संजय झा ने तेजस्वी यादव के मार्च को 'पार्ट-टाइम राजनीति' और 'घटिया स्टंट' करार दिया। उनका दावा — छात्र आंदोलन का मामला पहले ही सुलझ चुका था, और बिहार की जनता ने चुनावों में तेजस्वी को पहले ही नकार दिया है।

मुख्य बातें

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 20 अगस्त को तेजस्वी यादव के मार्च को राजनीतिक स्टंट बताया।
झा का दावा — छात्र आंदोलन से जुड़ा मामला पहले ही सुलझ चुका है, तेजस्वी उसे 'गैर-मुद्दा' बनाकर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्थिति-प्रबंधन क्षमता की झा ने प्रशंसा की और शिक्षा सुधारों का उल्लेख किया।
झा ने BJP दफ्तर के सामने तेजस्वी के वीडियो को 'घटिया राजनीति' बताया और कहा कि बिहार की जनता उन्हें पहले ही रिजेक्ट कर चुकी है।
कांग्रेस के 'वंदे मातरम' न गाने पर झा ने कहा — राष्ट्रीय गीत संसद द्वारा पारित है, कोई उससे ऊपर नहीं।

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने 20 अगस्त को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र आंदोलन से जुड़ा मामला पहले ही सुलझ चुका है और तेजस्वी उसे केवल राजनीतिक लाभ के लिए भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कोशिश पूरी तरह विफल रही है।

मुख्य आरोप: गैर-मुद्दे को मुद्दा बनाने की कोशिश

संजय झा ने कहा, 'मैंने पहले भी कहा है कि वे एक गैर-मुद्दे को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मामला पहले ही सुलझ चुका है, लेकिन वे इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह पूरी तरह से विफल रहा है।' उन्होंने इसे तेजस्वी यादव की 'पार्ट-टाइम राजनीति' करार दिया।

झा ने आगे कहा, 'लोकतंत्र के लिए यह ज़रूरी है कि विपक्ष का नेता मज़बूत रहे और राज्य के लिए सही मुद्दे उठाए, लेकिन वे इस मामले में लगातार विफल रहे हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में तेज़ हो रही हैं।

बिहार सरकार की प्रशंसा, तेजस्वी की पार्टी पर सवाल

संजय झा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा, 'बिहार सरकार ने जिस तरह से इस मामले को संभाला और मुख्यमंत्री ने जिस तरह स्थिति पर नज़र रखी और कार्रवाई की, वह तारीफ के काबिल है।' उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में नीतीश सरकार के सुधारों का भी उल्लेख किया।

झा ने तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें पहले अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायकों को भी लग रहा है कि मौजूदा राजनीतिक दिशा में उनका कोई भविष्य नहीं है।

भाजपा दफ्तर के सामने वीडियो पर तंज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय के सामने तेजस्वी यादव द्वारा वीडियो बनाने के मुद्दे पर संजय झा ने कहा, 'यह उनकी घटिया राजनीति है। उन्हें कोई ठोस बात करनी चाहिए।' उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले तेजस्वी ने 'पानी में कूदकर भी वीडियो बनाए थे', और उसके बाद हुए चुनावों में बिहार की जनता ने उन्हें 'बिल्कुल रिजेक्ट किया।'

झा ने सुझाव दिया कि तेजस्वी को जनता के बीच जाकर यह समझने की कोशिश करनी चाहिए थी कि मतदाताओं ने उन्हें क्यों नकारा।

वंदे मातरम विवाद पर जदयू का रुख

कांग्रेस द्वारा 'वंदे मातरम' का पूरा गीत न गाने के विवाद पर संजय झा ने कहा, 'राष्ट्रीय गीत को संसद ने पास किया है, इसलिए इसे सभी को मानना चाहिए। कोई भी उससे ऊपर नहीं है। सभी को कानून के दायरे में ही रहना है।' गौरतलब है कि यह विवाद हाल के दिनों में राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुका है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह बयानबाज़ी बिहार में सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी RJD के बीच बढ़ती राजनीतिक तनातनी को दर्शाती है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्ष छात्र आंदोलन जैसे संवेदनशील मुद्दों को चुनावी नज़रिए से देख रहे हैं। आगे की राजनीतिक दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि RJD अपनी रणनीति में कितना बदलाव करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष की भूमिका सड़क पर दिखना भी है — इसे 'पार्ट-टाइम राजनीति' कहना लोकतांत्रिक विमर्श को संकुचित करता है। RJD के आंतरिक असंतोष के दावे भी अभी तक सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय झा ने तेजस्वी यादव के मार्च पर क्या कहा?
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने तेजस्वी यादव के मार्च को राजनीतिक स्टंट बताया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन का मामला पहले ही सुलझ चुका है और तेजस्वी उसे राजनीतिक फायदे के लिए भुनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह विफल रही है।
तेजस्वी यादव का यह मार्च किस मुद्दे पर था?
तेजस्वी यादव का मार्च बिहार में छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर था। जदयू का कहना है कि यह मामला पहले ही सुलझ चुका था, जबकि विपक्ष इसे जनहित का सक्रिय मुद्दा मानता है।
संजय झा ने RJD के विधायकों के बारे में क्या दावा किया?
संजय झा ने दावा किया कि RJD के अपने विधायकों को भी लग रहा है कि पार्टी की मौजूदा राजनीतिक दिशा में उनका कोई भविष्य नहीं है। हालाँकि, यह दावा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
वंदे मातरम विवाद पर जदयू का क्या रुख है?
जदयू के संजय झा ने कांग्रेस के 'वंदे मातरम' का पूरा गीत न गाने पर कहा कि राष्ट्रीय गीत संसद द्वारा पारित है और सभी को इसे मानना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या दल कानून से ऊपर नहीं है।
बिहार में तेजस्वी यादव को जनता ने 'रिजेक्ट' कब किया?
संजय झा ने पिछले बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार की जनता ने तेजस्वी यादव को चुनावों में 'बिल्कुल रिजेक्ट किया।' उन्होंने तेजस्वी के पानी में कूदकर वीडियो बनाने की घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि उसके बाद के चुनाव परिणाम सबके सामने हैं।
राष्ट्र प्रेस
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