तेजस्वी यादव का हमला: 'भाजपा की मर्ज़ी से चलता है जदयू, संजय झा ने पार्टी बर्बाद की'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार की एनडीए सरकार, केंद्र सरकार और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता संजय झा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार बिहार की समस्याओं का समाधान करने की बजाय भ्रष्टाचार और अपराध को बढ़ावा दे रही है।
जदयू पर सीधा वार
तेजस्वी यादव ने जदयू (JDU) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की इच्छानुसार फ़ैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'भाजपा जो चाहेगी, वही जदयू में होगा और वही संजय झा करवाते हैं।' उनके अनुसार, संजय झा ने जदयू को बर्बाद कर दिया है और पार्टी अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान खो चुकी है।
बिहार की स्थिति पर आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार का हर वर्ग आज परेशान है — चाहे वह महंगाई हो, बेरोज़गारी हो, या शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली। उन्होंने दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में सामान्य उपचार भी ठीक से नहीं हो पा रहा है। उनके मुताबिक सरकार का एकमात्र उद्देश्य सरकारी खजाने को खाली करना और लूट को जारी रखना है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच विपक्ष सरकार की जवाबदेही पर लगातार दबाव बना रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाओं और फोटो सेशन तक सीमित रह गई है, जबकि ज़मीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखता।
बाढ़ राहत पर सवाल
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र सरकार पर बाढ़ राहत को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, ऐसे में मुख्यमंत्री को स्वयं प्रधानमंत्री से मिलकर विशेष पैकेज की मांग करनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार को बिहार के नुकसान का पहले से अंदाज़ा होना चाहिए, तो नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीम क्यों बुलानी पड़ रही है।
उन्होंने बिहार में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की माँग की और कहा कि केंद्र व राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार होने के बावजूद बिहार को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार बाढ़ पीड़ितों के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा होनी चाहिए थी।
यूसीसी पर राजद का रुख
समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि राजद (RJD) पहले भी इसका विरोध करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के हितों और आम लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राजद की आवाज़ बुलंद रहेगी।
आगे क्या
तेजस्वी यादव की यह तीखी प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बिहार में एनडीए के भीतर जदयू और भाजपा के संबंधों पर सीधा सवाल उठाती है। आलोचकों का कहना है कि जदयू की स्वायत्तता का मुद्दा आने वाले विधानसभा चुनावों में प्रमुख बहस का विषय बन सकता है। राजद की रणनीति स्पष्ट रूप से गठबंधन की आंतरिक दरारों को उजागर करने पर केंद्रित दिख रही है।