तेजस्वी यादव का पलटवार: 'बिहार हमारी जन्मभूमि है, यहीं मरेंगे'; संजय झा पर लगाए गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 4 सितंबर को जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय झा के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें उन्हें 'एनआरआई नेता' कहा गया था। तेजस्वी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार उनकी जन्मभूमि है और वे हमेशा यहीं रहेंगे। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'हम बिहार के हैं, बिहार के सदैव रहेंगे — यह हमारी जन्मभूमि है और हम यहीं मरेंगे।'
संजय झा पर गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि संजय झा एक सुनियोजित राजनीतिक कार्यक्रम के तहत जदयू में शामिल हुए और उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नुकसान पहुँचाया। उन्होंने कहा कि जदयू की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है, यह पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक भली-भाँति जानते हैं।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि वे व्यक्तिगत बातें नहीं करना चाहते, फिर भी उन्होंने इशारा किया कि संजय झा स्वयं विदेश यात्राएँ करते रहे हैं और उनकी बेटियाँ विदेश में पढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि किसी के बयान से उनकी बिहार के प्रति प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं पड़ता।
राघोपुर में बाढ़ का जायजा
इससे पहले तेजस्वी यादव ने अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर का दौरा कर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएँ सुनीं।
राजद नेता ने कहा कि जब भी गंगा का जलस्तर बढ़ता है, राघोपुर क्षेत्र में पानी फैल जाता है और बाढ़ की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी क्षेत्र में कटाव की समस्या को लेकर आवाज उठा चुके हैं और इस विषय पर सरकार से बात भी की है।
सरकार से राहत की माँग
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से माँग की कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने मवेशियों और आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों तक अधिकतम राहत पहुँचाना है और सरकार को प्रभावित परिवारों के लिए ज़रूरी इंतजाम तुरंत करने चाहिए। गौरतलब है कि राघोपुर क्षेत्र प्रतिवर्ष गंगा की बाढ़ से प्रभावित होता है, जिससे हज़ारों परिवारों की आजीविका और सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन तथा विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जदयू के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से और तीखी प्रतिक्रियाएँ देखी जा सकती हैं।