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क्या तेजस्वी यादव के सभी दावे सच हैं? : संजय झा

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क्या तेजस्वी यादव के सभी दावे सच हैं? : संजय झा

सारांश

क्या तेजस्वी यादव के दावे सच हैं? संजय झा ने उन्हें झूठा करार दिया। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और बिहार में हो रहे राजनीतिक खेल के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव के दावे को संजय झा ने खारिज किया।
चुनाव आयोग ने कहा कि उनका नाम मतदाता सूची में है।
बिहार में राजनीतिक बयानबाजी की सच्चाई।

पटना, 3 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सांसद संजय कुमार झा ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस दावे का खंडन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका नाम बिहार की मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

संजय झा ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में मौजूद है। संजय झा ने यह भी तंज कसा कि तेजस्वी को पहले से ही नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों का अंदाजा है, इसलिए वे इस तरह के दावे कर रहे हैं। लेकिन, उनके दावे करने से कुछ भी नहीं होता है।

यह विवाद बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर शुरू हुआ, जिसमें तेजस्वी ने दावा किया था कि उनका नाम और ईपीआईसी नंबर सूची से गायब है। हालांकि, चुनाव आयोग ने तुरंत जवाब देते हुए उनकी डिटेल्स के साथ मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया, जिसमें उनका नाम दर्ज था।

जदयू सांसद ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि परिवारवादी पार्टियों के नेताओं में झूठ बोलने की प्रतिस्पर्धा चल रही है। एक पार्टी के युवराज एक दिवंगत नेता पर धमकाने का आरोप लगाते हैं, तो दूसरी पार्टी के नेता वोटर लिस्ट से नाम कटने की अफवाह फैलाते हैं। वे भूल जाते हैं कि झूठ के पांव नहीं होते। बिहार की जनता उनके झांसे में नहीं आएगी।

सांसद संजय झा ने दावा किया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में इंडी अलायंस की हार सुनिश्चित है। इसीलिए, एसआईआर को लेकर यह लोगों को गुमराह करने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन, बिहार की जनता इनके झांसे में नहीं आने वाली है। बिहार की जनता को मालूम है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने तेजी से विकास किया है। गरीबों के जीवन में एनडीए सरकार के शासन में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।

उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं काटा गया है। आयोग ने एक माह का वक्त दिया है। दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में तथ्य और वास्तविकता की अहमियत है। तेजस्वी यादव के दावे और संजय झा की प्रतिक्रिया दोनों ही इस बात को इंगित करती हैं कि राजनीतिक बयानबाजी अक्सर वास्तविकता से परे होती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या तेजस्वी यादव का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है?
नहीं, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि तेजस्वी यादव का नाम मतदाता सूची में मौजूद है।
बिहार में एसआईआर प्रक्रिया का क्या महत्व है?
एसआईआर प्रक्रिया मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या बिहार की जनता इन दावों में आएगी?
संजय झा के अनुसार, बिहार की जनता इन राजनीतिक झांसे में नहीं आएगी।
राष्ट्र प्रेस
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