तेजस्वी यादव जनता को गुमराह कर रहे हैं — बिहार मंत्री रत्नेश सदा का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा ने 24 अगस्त को विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। भागलपुर में गंगा नदी के तटबंध में आई दरार, छात्र विरोध-प्रदर्शन में तेजस्वी की भागीदारी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों व महिलाओं से जुड़े सवालों पर मंत्री ने विस्तार से प्रतिक्रिया दी।
भागलपुर तटबंध पर सरकार की स्थिति
भागलपुर में गंगा तटबंध टूटने पर मंत्री रत्नेश सदा ने कहा, 'यह बाढ़ का मौसम है। हमारी सरकार और जल संसाधन विभाग लगातार नज़र रखे हुए हैं। अब जब बाँध टूट गया है, तो स्वाभाविक है कि पानी निचले इलाकों में जाएगा। हम नुकसान का आकलन करा रहे हैं और एसडीआरएफ की टीम वहाँ मौजूद है।'
उन्होंने आगे बताया कि प्रधान सचिव तथा एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के कमांडेंट के साथ बैठक की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सहरसा से लौटते समय उन्होंने पानी का तेज बहाव देखा और उसी रात सभी अधिकारियों को अगली कार्रवाई तय करने के लिए सतर्क कर दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ भी नाव, सूखा राशन, पॉलीथीन, पशु चारा, दवाइयाँ और सामुदायिक रसोई की आवश्यकता होगी, वहाँ इंतज़ाम किया जाएगा।
तेजस्वी यादव पर सीधा हमला
छात्र विरोध-प्रदर्शन में तेजस्वी यादव के शामिल होने पर मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'उनके पास कोई काम नहीं है। जब विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दे उठाने की बात आती है, तो वे अक्सर गैर-हाज़िर रहते हैं। वे स्विट्जरलैंड और गोवा जैसी जगहों पर घूमते रहते हैं। जब विधानसभा का सत्र खत्म हो जाता है, तब वे आकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।' सदा ने दावा किया कि बिहार की जनता तेजस्वी की 'चालों' में नहीं आएगी।
राहुल गांधी पर मंत्री की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा छात्रों व महिलाओं के मुद्दे उठाए जाने पर मंत्री रत्नेश सदा ने कहा, 'उनसे पहले उनके नाना, दादी और पिता थे। उन्होंने वह काम क्यों नहीं किया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है? अब वह इसका श्रेय लेना चाहते हैं, लेकिन इन सबसे कुछ नहीं होने वाला।'
आगे क्या होगा
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी रखने के लिए सरकार ने उच्च-स्तरीय बैठक का ऐलान किया है। भागलपुर और सहरसा जैसे ज़िलों में स्थिति पर नज़र रखी जा रही है, जबकि विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है।