राजीव रंजन का तेजस्वी यादव पर तीखा जवाब, बिहार की मिट्टी से जुड़ी बातें
सारांश
Key Takeaways
- राजीव रंजन ने तेजस्वी यादव के आरोपों का जवाब दिया।
- बिहार की विकास यात्रा को रेखांकित किया गया।
- ऊर्जा संकट पर भारत सरकार की रणनीतियों का उल्लेख।
- राजद और जदयू के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं।
- बिहार की कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर है।
पटना, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जदयू नेता राजीव रंजन ने राजद नेता तेजस्वी यादव के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि राजनीतिक बयानबाजी की भी एक सीमा होती है, और तेजस्वी यादव को लक्ष्मण रेखा पार करने का दुस्साहस नहीं करना चाहिए क्योंकि वे भी इसी बिहार की मिट्टी में जन्में हैं।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 21 वर्षों की एनडीए सरकार में बिहार विकास के सभी मानकों में सबसे पीछे है। उन्होंने यह भी कहा कि इस शर्मनाक स्थिति पर किसी की जवाबदेही नहीं है, सिर्फ पलटा-पलटी और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग हो रहा है।
जदयू नेता राजीव रंजन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव के द्वारा प्रस्तुत आंकड़े पहले भी चर्चा में आ चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके माता-पिता के कार्यकाल में बिहार का बजट जो था, वह अब लगभग 13-14 गुना बढ़ चुका है।
उन्होंने बताया कि जीडीपी किसी भी राज्य की समृद्धि का मापदंड है, और पिछले 20 वर्षों में बिहार ने 16 बार डबल डिजिट में ग्रोथ रेट हासिल किया है। बिहार की कानून व्यवस्था अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। तेजस्वी यादव को बिहार की छवि को धूमिल करने से बचना चाहिए।
ऊर्जा संकट पर राजीव रंजन ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है। कोविड के बाद पूरी दुनिया पश्चिम एशिया के संकट का सामना कर रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आश्वासन महत्वपूर्ण है। भारत सरकार ने ऊर्जा जरूरतों के लिए वैकल्पिक रणनीतियों पर काम किया है।
राज्यसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि राजद की ओर से पांचवी सीट को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जदयू को संख्या बल की दृष्टि से पर्याप्त समर्थन प्राप्त है।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी यादव के ट्वीट पर कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए को भारी बहुमत देकर स्पष्ट कर दिया है कि बिहार कैसा है।